#💖ਦਿਲ ਦੇ ਜਜ਼ਬਾਤ' ❤️*
*_"मैं भी बहुत हसीन था
... और खुशमिज़ाज भी,
दुनिया के बदमिज़ाजों ने जला दिया मुझे।
सर से जो एक पेड़ की छाँव चली गई,
फिर ज़िंदगी की धूप ने झुलसा दिया मुझे..."_*
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*मतलब वही, एहसास गहरा:*
मैं भी कभी बहुत खूबसूरत था
... दिल की भी अच्छी था,
हँसती-खिलखिलाती था,
पर इस दुनिया के बुरे लोगों ने मुझे अंदर से जला दिया।
जब सिर से माँ का साया हट गया,
उसके बाद ज़िंदगी की तकलीफों ने मुझे पूरी तरह झुलसा कर रख दिया