krishnapedit
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14 hours ago
आर्यभट्ट ने “कुट्टक विधि” दी, जिससे कठिन समीकरण हल होते हैं। यह आधुनिक algebra का आधार है। उनके ग्रंथ आर्यभटीय में आर्यभट्ट जी ने इसका बहुत सरल विधि बताया है। यह विधि आज भी cryptography में उपयोगी है। सोचिए, हजारों साल पहले ऐसी तकनीक! यह आर्यभट्ट की वैज्ञानिक सोच का प्रमाण है। आर्यभटीय में आर्यभट्ट इसे “कुट्टक” यानी “पीसना/तोड़ना” कहते हैं। उनका तरीका था: बड़ी संख्याओं को बार-बार भाग देकर छोटे शेषों में बदलो जब लघुत्तम शेष (GCD) मिल जाए, वही कुंजी है फिर उलटे क्रम में जाकर उत्तर (x, y) प्राप्त करो 👉 उदाहरण (उनकी शैली में): 26x + 65y = 13 65 ÷ 26 = 2, शेष 13 26 ÷ 13 = 2, शेष 0 अब शेष 13 से उल्टा संयोजन: 13 = 65 − 2×26 यही संकेत देता है कि x = -2, y = 1 आर्यभट्ट इसे सूत्र और श्लोकों में बताते हैं, जहाँ प्रक्रिया को याद रखना आसान हो। आर्यभट्ट जी श्लोक लिखते है कि अधिकाग्रभागहरं छेदं ऊनाग्रभागहारं छेदम्। शेषपरस्परभक्तं मतिगुणमग्रान्तरं कृत्वा॥ इसका हिंदी मतलब बड़ी और छोटी संख्याओं को परस्पर भाग दो। जो शेष बचे, उसे फिर से भाग में उपयोग करो यह क्रम तब तक चलाओ जब तक लघुत्तम शेष न मिल जाए। फिर बुद्धि (मतिगुण) से उल्टे क्रम में संयोजन कर उत्तर निकालो शेषपरस्परभक्तम्” = बार-बार division (Euclidean Algorithm) 👉 “मतिगुण” = back substitution (आधुनिक विधि) जिसे आज हम इसे इस आधुनिक बिधि से हल करते है। ax + by = gcd(a, b) और इसे हल करने के लिए Extended Euclidean Algorithm उपयोग करते हैं। 👉 वही उदाहरण आर्यभट्ट जी वाला। 26x + 65y = 13 Step 1: GCD निकालो 65 = 2×26 + 13 26 = 2×13 + 0 Step 2: Back substitution 13 = 65 − 2×26 👉 वही परिणाम आर्यभट्ट जी वाला। x = -2, y = 1 ऐसे महान गणितज्ञ वैज्ञानिक को कौन मूर्ख होगा जो उनके चरणों मे नतमस्तक होने में गर्व महसूस नही करेगा? #आर्यभट्ट_जयंती #जय श्री राम 🙏 #📜 Whatsapp स्टेटस #🤟 सुपर स्टेटस