याद रखना… यहाँ बात मर्द की हो रही है।
मर्द वो नहीं जो आवाज़ ऊँची करता है,
वो है जो हर हाल में इज़्ज़त निभाता है।
हँसी के पीछे अपने दर्द छुपाए रखता है,
और खुद टूटकर भी घर को बचाए रखता है।
वो थकता है, मगर कभी जताता नहीं,
अपने आँसुओं को तकिये तक लाता नहीं।
दुनिया ने उसे मज़बूत कहकर चुप करा दिया,
“मर्द हो” कहकर रोने का हक़ भी छीन लिया।
वो गिरता है, फिर भी संभलना जानता है,
हर जिम्मेदारी को अपना मानता है।
फर्क बस इतना है—
मर्द सहता बहुत है, कहता नहीं,
इसीलिए उसका दर्द अक्सर दिखता नहीं।✨️ #💞Heart touching शायरी✍️ #🥰Express Emotion #🤟 सुपर स्टेटस