Kaushik
561 views
2 days ago
आपरै ही बलबूतै माथै, खुद ही आगै बढ़णो, मुसीबत आवै मारग में, तो डट'र सामणो करणो। जीत मिले या नी मिले, पण रुकणो म्हनै मंजूर कोनी, बिना लड़्यां हार मान लूँ, ओ म्हारो दस्तूर कोनी। जद ताईं सांस चालै, थिर नी बैठणो है, आपणी ही कलम स्यूं, आपणा लेख लिखणो है। - कौशिक Dave #🏘 म्हारो राजस्थान🙏 #🌻 सकारात्मक सोच #✌️जीवन की प्रेरणादायी सीख