sn vyas
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1 days ago
#शिव #शिव पार्वती शिव पुराण में भगवान शिव के परिवार को **'आदर्श परिवार'** के रूप में चित्रित किया गया है। यह परिवार विविधता में एकता और परस्पर विरोधी स्वभावों के बीच प्रेम व सामंजस्य का प्रतीक है। शिव पुराण के अनुसार शिव परिवार का मुख्य वर्णन इस प्रकार है: ### 1. भगवान शिव (मुखिया) वे परिवार के आधार हैं। शिव पुराण में उन्हें निर्गुण ब्रह्म और सगुण रूप में गृहस्थ दोनों माना गया है। वे वैराग्य और गृहस्थी के बीच संतुलन का प्रतिनिधित्व करते हैं। ### 2. माता पार्वती (शक्ति) वे भगवान शिव की अर्धांगिनी और आदि शक्ति का अवतार हैं। शिव पुराण के 'रुद्र संहिता' के पार्वती खंड में उनके तप और शिव के साथ उनके विवाह का विस्तृत वर्णन है। वे वात्सल्य, शक्ति और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं। ### 3. कार्तिकेय (स्कंद) ये शिव और पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र हैं। शिव पुराण के अनुसार, इनका जन्म तारकासुर के वध के लिए हुआ था। इन्हें देवताओं का सेनापति माना जाता है और ये अनुशासन व साहस के प्रतीक हैं। ### 4. भगवान गणेश ये शिव-पार्वती के छोटे पुत्र हैं। शिव पुराण के अनुसार, माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से इनका निर्माण किया था। ये बुद्धि, विवेक और प्रथम पूज्यता के प्रतीक हैं। ### 5. अशोक सुंदरी शिव पुराण और अन्य पद्म पुराणों में शिव की पुत्री 'अशोक सुंदरी' का भी उल्लेख मिलता है। माता पार्वती के अकेलेपन को दूर करने के लिए कल्पवृक्ष द्वारा इनका जन्म हुआ था। ### शिव परिवार की विशेषताएं: * **विरोधाभासों में मेल:** शिव परिवार के सदस्यों के वाहन एक-दूसरे के स्वाभाविक शत्रु हैं। जैसे— शिव का सर्प और गणेश का मूषक, सर्प और कार्तिकेय का मयूर, माता पार्वती का सिंह और शिव का नंदी। इसके बावजूद वे सभी अत्यंत शांति और प्रेम से साथ रहते हैं, जो यह सिखाता है कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद परिवार में शांति बनी रह सकती है। * **लोक कल्याण:** इस परिवार का प्रत्येक सदस्य संसार की रक्षा और कल्याण के लिए समर्पित है। * **पंचायतन पूजा:** हिंदू धर्म में पंचायतन पूजा का विधान है, जिसमें शिव परिवार के मुख्य देवों की उपासना की जाती है। #🙏शिव पार्वती