नरेश चंद्र सनातनी
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21 hours ago
क्या कर्नाटक में हिंदू ऑफिशियली अब दूसरे दर्जे के नागरिक हैं ? परीक्षा में हिंदू छात्रों को अपना जनेऊ यानी शरीर पर पहना जाने वाला पवित्र धागा, काटकर डस्टबिन में फेंका गया लेकिन इसी राज्य को परीक्षा केंद्रों में हिजाब की अनुमति देने में कभी समस्या नहीं हुई। 23 अप्रैल को बेंगलुरु के कृपानिधि कॉलेज में सात छात्रों से CET परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले जनेऊ उतारने को कहा गया जबकि KEA के दिशानिर्देश धार्मिक प्रतीकों जैसे पवित्र धागे को परीक्षा केंद्र में पहनकर जाया जा सकता है । एक छात्र ने बताया कि परीक्षा से पहले जनेऊ उतारने की घटना ने उसे दुखी किया और फिजिक्स के पेपर पर ध्यान नहीं दे पाया। इस मामले में सात छात्रों की जनेऊ को काटकर हटाया गया । जाहिर इससे उन्हें मानसिक परेशानी हुई और उनका टाइम भी बर्बाद हुआ । कॉलेज के प्रिंसिपल ने इस मामले में तीन स्टाफ सदस्यों - सुधाकर, सरिता और गिरिजम्मा - को सस्पेंड कर दिया, जबकि पुलिस ने FIR दर्ज की। उच्च शिक्षा मंत्री एम.सी. सुधाकर ने इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताया और सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। Cut Janeu, Threw It In Dustbin": Massive Row At Karnataka Exam Centre Students who were appearing for the CET exam in Karnataka claimed that they were made to remove the sacred thread at the examination center. #karnataka #janeu #cetexam #news #neetukumar #जागो और जगाओ