#🙏 राधा रानी
रस बरसे कुंज निकुंज में, नाचत श्याम सुहाय।
संग नाचत प्यारी ललिता, प्रेम लहरि छाय।।
कोकिल गावत मधुर तान, पपीहा देत पुकार।
मेघ मृदंग बजावत गगन, रसमय भयो विहार।।
सखियन देखत हर्ष भरि, अचरज रह्यो न थाम।
अनमोल दास यह लीला गावै, जय जय युगल नाम।।♥️♥️ #👍मोटिवेशनल कोट्स✌#🌞 Good Morning🌞#🌸 बोलो राधे राधे