chalo English sikhe
428 views
16 hours ago
#GodMorningThursday कबीर, क्षमा समान न तप,सुख नहीं संतोष समान। तृष्णा समान नहीं व्याधि कोई,धर्म न दया समान॥ परमेश्वर कबीरजी ऐसा कहा गया है कि क्षमा करना सबसे बड़ा तप है, उसके समान कोई तप नहीं है। संतोष के बराबर कोई सुख नहीं है। #santrampaljimaharaj