Rajeev Tomar
514 views
8 hours ago
*▶️Ⓜ️भाकियू तोमर की जिद पर प्रशासन झुका: आधे घंटे की खींचतान में डीएम से फोन पर वार्ता, अंततः ज्ञापन सौंपा!* *▶️सहारनपुर:* उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह ने न केवल विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) तोमर के पदाधिकारियों के दृढ़ संकल्प से एक गहन किसान संघर्ष का नया अध्याय रच दिया। युवा प्रदेश अध्यक्ष रईस मलिक के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे जिद पकड़ ली। आधे घंटे की खींचतान के बीच डीएम से फोन पर वार्ता हुई, जिसके बाद ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। 👉 *आधे घंटे का ड्रामा: फोन पर* *डीएम से सीधी बात* सुबह के समय भव्य उद्घाटन स्थल पर पहुंचे भाकियू तोमर के पदाधिकारी—प्रदेश अध्यक्ष रईस मलिक, जिला अध्यक्ष मजदूर मोर्चा राव सलीम, युवा महानगर अध्यक्ष रईस आलम तथा मुख्य मंडल अध्यक्ष शाहरुख अली—ने सीधे पीएम-सीएम से मिलने का इरादा जताया। उनके हाथों में 17 सूत्री ज्ञापन था, जिसमें किसानों की वर्षों पुरानी पीड़ाएं समेटी गई थीं। प्रशासन ने तुरंत रोक लगा दी और सुरक्षा घेरा तान दिया। पदाधिकारी जिद पर अड़े रहे। लगभग आधे घंटे की खींचतान के दौरान रईस मलिक ने डीएम से फोन पर सीधी वार्ता की। डीएम ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन शीघ्र शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचेगा। इसके बाद ही भाकियू तोमर ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। सड़क दूधली, ट्रांसपोर्ट नगर से निकले इस प्रतिनिधिमंडल ने इसे "नैतिक विजय" बताया। *▶️विस्तृत 17 मांगें: किसानों की* *सच्ची पीड़ा* ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल हैं, जो उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों-मजदूरों की आवाज बन गईं: - ✅आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा हेतु कड़े कदम। - ✅नकली कीटनाशकों पर जांच और पूर्ण रोक। ✅- किसान बीमा योजना में कंपनियों की मनमानी बंद, त्वरित भुगतान। - ✅चीनी मिलों का बकाया समय-सीमा में भुगतान। ✅- प्री-पेड स्मार्ट मीटर को पोस्ट-पेड में बदलना। ✅- हाईवे पर अनधिकृत कट बंद। ✅- किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफी। - ✅गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल। ✅- 60 वर्ष आयु पर मजदूर-छोटे किसानों को 10,000 रुपये पेंशन। - ✅MSP पर कानूनी गारंटी। ✅- बिजली दरें कम। ✅- पहाड़ी किसानों की जमीनों पर तारबंदी। ✅- खनन माफियाओं पर रोक, ओवरलोड बंद। - ✅प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस-किताबें-ड्रेस पर रोक। ✅- गैस एजेंसियों की लापरवाही पर सख्ती। ✅- सहारनपुर में प्लाईवुड कारखाना स्थापना। ✅इसके अलावा, एक्सप्रेसवे उद्घाटन पर पीएम-सीएम को हार्दिक धन्यवाद। 👉रईस मलिक ने संवाददाताओं से कहा, "आधे घंटे की खींचतान के बीच प्रसासनिक अधिकारियो ने डीएम साहब से फोन पर वार्ता कराई और डी एम साहब ने आश्वासन दिया आपकी आवाज पीएम-सीएम तक यह आवाज जरूर पहुंचेगी। किसान जाग चुका है!" राव समीम ने मजदूरों की पेंशन मांग पर जोर दिया, जबकि रईस आलम ने युवाओं को आंदोलन के लिए प्रेरित किया। शाहरुख अली ने स्थानीय मुद्दों पर फोकस किया। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो बड़ा आंदोलन होगा। 👉भाकियू तोमर उत्तर प्रदेश में किसानों-मजदूरों की मजबूत आवाज है। पिछले वर्षों में कई सफल आंदोलनों का नेतृत्व कर चुका संगठन सहारनपुर मे किसानों के अनेक मुद्दे उठाता रहा है। यह घटना किसान राजनीति में नया अध्याय जोड़ती है, खासकर एक्सप्रेसवे जैसे विकास प्रोजेक्ट के बीच। स्थानीय लोगों ने पदाधिकारियों की हिम्मत की सराहना की, जबकि कुछ ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह ज्ञापन जल्द कार्रवाई का आधार बनेगा। *✒️Ⓜ️मुस्तकीम मलिक* #BKUTOMAR #news #भारतीय किसान यूनियन तोमर #उत्तर प्रदेश की 10 बड़ी ख़बरें #समाचार ग्रूप🙏🙏