❣️ on Instagram: "🫂🙌.... जापान की यह नई तकनीक वाकई बेमिसाल है और इसके पीछे दो मुख्य तरीके काम करते हैं। सबसे पहला तरीका पीजोइलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी है, जिसमें सड़कों और स्टेशन के फर्श के नीचे ऐसे खास सेंसर लगाए जाते हैं जो दबाव या वजन से बिजली पैदा करते हैं। जब कोई इंसान इन पर चलता है या कोई गाड़ी इनके ऊपर से गुजरती है, तो उस प्रेशर से जो कंपन पैदा होती है, ये सेंसर उसे तुरंत बिजली में बदल देते हैं। टोक्यो के बड़े रेलवे स्टेशनों पर इसे आजमाया जा चुका है जहाँ लाखों लोगों के चलने से स्टेशन की लाइटें और बोर्ड जलाए जाते हैं। दूसरा तरीका सोलर रोड्स का है, जिसमें जापान अपनी सड़कों को ही सोलर पैनल में बदल रहा है। इन सड़कों पर एक बेहद मजबूत रेजिन की परत चढ़ाई जाती है ताकि भारी ट्रक या गाड़ियां निकलने पर भी अंदर लगे सोलर सेल्स न टूटें। जापान में जगह की कमी है, इसलिए वह खुले मैदानों के बजाय सड़कों और पार्किंग लॉट्स का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए कर रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सड़कों से बनने वाली यह बिजली आस-पास की स्ट्रीट लाइट्स को चला सकती है और आने वाले समय में चलते-चलते ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज भी कर सकेगी। इस तरह जापान बिना प्रदूषण फैलाए सड़कों को ही पावर हाउस में बदल रहा हैं #viralquotes #trending #trend #viral #viraltrend less"
couplevideos80 on April 23, 2026: "🫂🙌....
जापान की यह नई तकनीक वाकई बेमिसाल है और इसके पीछे दो मुख्य तरीके काम करते हैं। सबसे पहला तरीका पीजोइलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी है, जिसमें सड़कों और स्टेशन के फर्श के नीचे ऐसे खास सेंसर लगाए जाते हैं जो दबाव या वजन से बिजली पैदा करते हैं। जब कोई इंसान इन पर चलता है या कोई गाड़ी इनके ऊपर से गुजरती है, तो उस प्रेशर से जो कंपन पैदा होती है, ये सेंसर उसे तुरंत बिजली में बदल देते हैं। टोक्यो के बड़े रेलवे स्टेशनों पर इसे आजमाया जा चुका है जहाँ लाखों लोगों के चलने से स्टेशन की लाइटें और बोर्ड जलाए जाते हैं।
दूसरा तरीका सोलर रोड्स का है, जिसमें जापान अपनी सड़कों को ही सोलर पैनल में बदल रहा है। इन सड़कों पर एक बेहद मजबूत रेजिन की परत चढ़ाई जाती है ताकि भारी ट्रक या गाड़ियां निकलने पर भी अंदर लगे सोलर सेल्स न ट