Purshottam Lal
507 views
8 hours ago
प्रभु श्रीरामलला अयोध्या धाम 🛕 प्रातः कालीन दिब्य स्वरूप के अलौकिक दर्शन कीजिए 👏।👉 जाति पांति धनु धरमु बड़ाई। प्रिय परिवार सदन सुखदाई।। सब तजि तुम्हहि रहइ उर लाई।तेहि के हृदयं रहहु रघुराई।।३।। भावार्थ:- जाति पांति,धन, धर्म, बड़ाई,प्यारा परिवार और सुख देनेवाला घर - सबको छोड़कर जो केवल आपको ही हृदयमें धारण किये रहता है,हे रघुनाथजी! आप उसके हृदयमें रहिये।।३।। जय श्रीराम 🙏😊👍💫🌟 #🙏🏻सीता राम