*ग्रहों की कट-टू-कट पावर = सीनियर जूनियर का खेल*
ये "विष की काट विष" वाला सिद्धांत है। जो ग्रह जितना शुभ और बलवान, वो उतने नीचे वालों का दोष काट दे।
*सीढ़ी समझो - नीचे से ऊपर:*
1. *बुध > राहु*
राहु = भ्रम, झूठ, अफवाह। बुध = बुद्धि, तर्क, हिसाब। जहाँ बुध स्ट्रॉन्ग, वहां राहु की चालाकी नहीं चलती। इसलिए राहु दशा में गणेश/बुध पूजा देते हैं।
2. *शनि > बुध + राहु*
बुध = चंचल, राहु = शॉर्टकट। शनि = धीमा, मेहनत, नियम। शनि इन दोनों को अनुशासन में बांध दे। बुध-राहु के स्कैम शनि पकड़ लेता है।
3. *मंगल > शनि + बुध + राहु*
शनि = डर, देरी। मंगल = हिम्मत, एक्शन। मंगल का साहस शनि की सुस्ती, बुध की चालाकी, राहु का डर तोड़ देता है। डर के आगे जीत है = मंगल।
4. *शुक्र > मंगल + शनि + बुध + राहु*
मंगल = लड़ाई, शनि = वैराग्य। शुक्र = प्यार, समझौता, भोग। शुक्र की कूटनीति मंगल का गुस्सा, शनि की रूखाई खत्म कर दे। दुश्मन को गले लगा दे।
5. *सूर्य > शुक्र + मंगल + शनि + बुध + राहु*
शुक्र = भोग में अंधा। सूर्य = आत्मा, राजा, रोशनी। सूर्य के सामने सब नंगे। अहंकार, वासना, भ्रम सब जल जाए। राजा के आगे प्रजा चुप।
6. *चंद्र > सूर्य + शुक्र + मंगल + शनि + बुध + राहु*
सूर्य = तेज, गर्मी। चंद्र = शीतलता, मन। चंद्र का ठंडापन सूर्य का घमंड भी पिघला दे। मन शांत तो सारे दोष शांत। BP हाई से नॉर्मल।
7. *गुरु > सबके बाप*
गुरु = ज्ञान, धर्म, जीव। अकेला गुरु सब 6 ग्रहों का जहर उतार दे। इसलिए कहते हैं "गुरु बलवान तो सब बलवान"। गुरु की दृष्टि अमृत = जिस भाव पर पड़े, वहां के सब दोष खत्म।
*यूज कैसे करें:*
- *राहु परेशान* → बुधवार गणेश पूजा + पन्ना।
- *बुध-राहु दोनों खराब* → शनिवार शनि तेल + काला तिल।
- *शनि साढ़ेसाती* → मंगलवार हनुमान चालीसा।
- *मांगलिक दोष* → शुक्रवार लक्ष्मी पूजा + हीरा/ओपल।
- *पितृ दोष/सूर्य खराब* → सोमवार शिव जल + मोती।
- *सब गड़बड़* → गुरुवार विष्णु/केले पेड़ पूजा + पुखराज। गुरु सब ठीक कर दे।
*सार:* राहु सबसे कमजोर, गुरु सबसे तगड़ा। जिसकी कुंडली में गुरु केंद्र-त्रिकोण में बैठा + शुभ दृष्ट = उसके बाकी दोष ऑटो कैंसल।
*नोट:* ये जनरल नियम है। असल में डिग्री, भाव, युति देखनी पड़ती है। पर बेसिक इलाज यही है। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟