#किसको_मिले_कबीरभगवान
मंसूर अली और उनकी बहन शिमली से भी कबीर परमात्मा ने शम्स तबरेज़ के रूप में भेंट की थी, जिसका वर्णन 'कबीर मंशूर' नामक पुस्तक में मिलता है। संत गरीबदास जी ने कहा है:
गरीब, बहुर शमशतबरेज रूप में, समझाये मनसूर।
शिमली पर साका हुआ, पौंहचे तख्त हजूर।। - अमरग्रन्थ साहिब, पृष्ठ 233
##विश्व_शुभचिंतक_संतरामपालजी