*तरक्की* की फ़सल 🌾 *हम* भी काट लेते,
थोड़े से *तलवे* 👣 अगर हम भी *चाट* लेते… 😏
*मेरे* लहजे में *“जी हुज़ूर”* 🙇♂️ ना था,
इसके *अलावा* मेरा कोई *कसूर* ना था… 😌 #🙏 नमो बुद्धाय 🙏
*पल भर* के लिए भी अगर हम *बेज़मीर 💔* हो जाते,
यकीन *मानिए* 💯 हम कब के *अमीर* 💰 हो जाते… 🔥