K. VISHVAKARMA
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1 days ago
https://youtu.be/G6fIkD0o8OQ?si=bkuhZ4tSAHhJd_Xa #हमारे वेद #सत्य वचन #🌹🌹सत्य वचन🙏 #भक्ति भावना @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] @ गुरुकुल शिक्षा प्रणाली @ भारतीय शिक्षा बोर्ड(BSB) 👆जिन "आधुनिक सरकारी विद्वानों" ने "वेदों" को पढ़ने , समझने या जानने का कभी प्रयास ही नहीं किया है,वही "आधुनिक सरकारी विद्वान", "वेदों" के प्रति "नकारात्मक टिप्पणी" करते हैं!उनको यह वीडियो अवश्य देखना चाहिए! * "विधर्मी हिंदु सनातन विरोधी विद्वान" असत्य "व्याख्या" या असत्य "टीका टिप्पणियों" के माध्यम से असत्य जानकारी का प्रचार प्रसार करते हैं! * *ज्ञात हो कि "वेद" विशुद्ध रुप से विज्ञान है!* * हनुमान चालीसा की एक चौपाई है *"जुग सहस्त्र जोजन पर भानु"* * यह चौपाई पृथ्वी से सूर्य की दूरी की गणना करती है! *इसका शब्दार्थ है* * जुग=युग=12,000 वर्ष * सहस्त्र=हजार=1000 * जोजन=योजन =8मील =12.8 किलोमीटर! * भानु= सूर्य * अर्थात पृथ्वी से सूर्य की दूरी=12,000 * 1000 * 12.8 * तीनों संख्याओं को आपस में मल्टिप्लाई अर्थात गुणा करें! * गुणनफल = 15,36,00,000 किलोमीटर *अर्थात* * *"15 करोड़, 36 लाख" किलोमीटर* * हनुमान चालीसा की "जुग सहस्र योजन पर भानु" चौपाई सूर्य से पृथ्वी की दूरी को बताती है, जिसकी गणना के अनुसार *"15 करोड़ 36 लाख"* किलोमीटर है! * यह गणना एक युग (12,000 वर्ष) को सहस्त्र (1,000) और योजन (8 मील) से गुणा करके की जाती है, जो आधुनिक खगोल वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी लगभग *"14 करोड़ 96 लाख"* किलोमीटर के बहुत करीब है! * *चौपाई का अर्थ और गणना* * *"जुग सहस्र योजन पर भानु":* * इस चौपाई का अर्थ है कि 'युग' और 'सहस्र' के साथ 'योजन' की दूरी पर 'भानु' (सूर्य) है. *इकाइयों का मान:* * एक 'युग' का अर्थ 12,000 वर्ष होता है! * सहस्र' का अर्थ 1,000 होता है! * एक 'योजन' का अर्थ 8 मील होता है. *दूरी की गणना:* * युग x सहस्त्र x योजन * 12,000 x 1,000 x 8 मील * परिणाम = 9,60,00,000 मील * = 9 करोड़ 60 लाख" मील *चूंकि* * 1 मील = 1.6 किलोमीटर *इसलिए* * 9,60,00,000 मील x 1.6 = 15,36,00,000 किलोमीटर * = "15 करोड़ 36 लाख" किलोमीटर *निष्कर्ष* * हनुमान चालीसा के इस चौपाई में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी का उल्लेख है, जो आधुनिक वैज्ञानिक गणनाओं के बहुत करीब है. यह गोस्वामी तुलसीदास द्वारा 15वीं शताब्दी में लिखी गई थी, और यह उस समय के ज्ञान और खगोलीय समझ को दर्शाता है! * आधुनिक खगोल विज्ञान के अनुसार "पृथ्वी से सूर्य की औसत दूरी" को "खगोलीय दूरी" कहते हैं! * और यह दूरी को दर्शाने के लिए एक एकाउंटिंग यूनिट ( गणना की इकाई) है! * सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी 14 करोड़ 96 लाख किलोमीटर है। * पृथ्वी से सूर्य की न्यूनतम दूरी लगभग 14 करोड़ 71 लाख किलोमीटर है! * जबकि अधिकतम दूरी लगभग 15 करोड़ 21 लाख किलोमीटर है। * यह दूरी इसलिए बदलती है क्योंकि पृथ्वी की कक्षा एक पूर्ण वृत्त नहीं, बल्कि एक हल्का अंडाकार है। * इसलिए पृथ्वी की सूर्य से औसत दूरी 14 करोड़ 96 लाख किलोमीटर है! * पृथ्वी की कक्षा अण्डाकार है। इसका मतलब है कि साल के एक खास समय में यह सूर्य के सबसे करीब होती है! * पृथ्वी 3 जनवरी को सूर्य के सबसे करीब होती है और दूसरे समय में यह सूर्य से सबसे दूर होती है! * यह अद्वितीय अद्भुत ज्ञान विज्ञान , वेदों के अलावा अन्य किताबों में जैसे बाइबल कुरान आदि आदि में उपलब्ध नहीं है! * "बाइबल" और "कुरान" के अनुसार पृथ्वी "चपटी" है जबकि "वेद" और "ज्योतिष विज्ञान" को यह समझ आदिकाल से ही है कि पृथ्वी "गोल" है, इसलिए विषय का नामकरण भी "भूगोल" है! *भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB)* * इसे भारत सरकार द्वारा अगस्त 2022 में गठित किया गया था! * इसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में भारतीय मूल्यों, लोकाचार और प्राचीन ज्ञान (जैसे वेद, योग) को समाहित करना है! * यह छात्रों को उद्यमिता, नवाचार और नेतृत्व के लिए तैयार करना चाहता है, ताकि वे केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि वैश्विक नेता बन सकें! * इसका संचालन स्वामी रामदेव के पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट को सौंपा गया है! * BSB का पाठ्यक्रम भारतीय मूल्यों के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UPSC, JEE, NEET) की तैयारी पर भी केंद्रित है! * इसकी मूल्यांकन प्रणाली विद्यार्थियों पर अनावश्यक तनाव डाले बिना बौद्धिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है! *अन्य शिक्षा बोर्डों से भिन्नता*: * BSB, CBSE या ICSE जैसे अन्य बोर्डों से अलग है क्योंकि यह पारंपरिक भारतीय मूल्यों और शिक्षा के पुनरुद्धार पर अधिक जोर देता है! * यह एक स्वदेशी शिक्षा बोर्ड है जो "मैकाले मदरसा मिशनरी" "शिक्षा पद्धति" के अलावा सर्वोत्तम विकल्प के रूप में कार्य करता है!