jai Singh Dass
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2 days ago
#सत भक्ति संदेश 'कबीर वाणी' पढ़ि पढ़ाबै कछु नहीं, ब्राह्मण भक्ति ना जान। ब्याहै, श्राधै कारनै, बैठा सुन्दा तान।। अर्थात ब्राह्मण लोग गीता वेद आदि ग्रंथों से यथार्थ ज्ञान तो पढ़ते पढ़ाते भी नहीं हैं और भक्ति के विषय में कुछ भी नहीं जानते हैं।