𝓓𝓲𝓷𝓮𝓼𝓱 𝓓𝓾𝓫𝓮𝔂
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15 hours ago
🕉️कृष्णं वन्दे जगत् गुरूं🌹🙏🌹🙏🌹🙏⚛️श्रीमदभगवद्गीता अक्षर ब्रह्म योग अध्याय (८) श्व्लोक-(१)&(२) ⚛️किं तत ब्रह्म किम अध्यात्म् किम् कर्म पुरूषोत्तम⚛️ ⚛️अधिभूतम् च किम् प्रोक्तम् अधिदैवम् किम उच्यते⚛️ (१) ⚛️ अधि-यज्ञ: कथम् क: अत्र देहे अस्मिन् मधुसूदन ⚛️ ⚛️प्रयाणकाले च कथम् ज्ञेय: असि नियतात्मभि:⚛️ (२) ⚛️Arjuna enquired : O my Lord , O Supreme Person, What is Brahman ? What is the self ? What are fruitive activities? What is this material manifestation? And what are the demigods ? Please explain this to me ? ⚛️ (1) ⚛️Who is the Lord of sacrifice , and how does He live in the body ; O Madhusudana ?And how can those engaged in devotional service know You at the time of death ?⚛️2 ⚛️व्याख्या⚛️ भगवान् ने सातवीं अध्यायके अन्तमें अपने समग्ररूपका वृणन करते हुए ब्रह्म,अध्यात्म, कर्म,अधिभूत,अधिदैव और अधियज्ञ इन छ: शब्दोंका प्रयोग किया और इस समग्ररूपको जाननेवाले योगियोंको अन्तकालमें अपनी प्राप्ति बताई। इन शब्दोंको स्पष्टतासे समझनेके लिये यहाॅ अर्जुन ने कुल सात प्रशन किये हैं _ ⚛️"पुरूषोत्तम किं तद्ब्रह्म" हे पुरूषोत्तम वह ब्रह्म कया है अर्थात् ब्रह्म शब्द से कया समझना चाहिये? ⚛️"किमध्यात्म"_ अध्यात्म शब्दसे आपका कया अभिप्राय है ? ⚛️"किं कर्म"_ कर्म कया है अर्थात कर्म शब्दसे आपका कया भाव है? ⚛️""अधिभूतं च किम प्रैक्तम्"_ आपने जो अधिभूत शब्द कहा है उसका कया तातपर्य है ? ⚛️"अधिदैवं किं उच्चयते"_ अधिदैव किसको कहा जाता है ? ⚛️" अधियज्ञ: कथं को अत्र देहे अस्मिन"_ "अधियज्ञ"शब्दसे किसको लेना चाहिए, वह इस देह में कैसे है? ⚛️" मधुसूदन प्रयाणकाले च कथं ज्ञयो असि नियतात्मभि:"_ हे मधुसूधन ! जो पुरूष वशीभूत अन्त:करण वाले हैं अर्थात जो संसारसे र्सवथा हटकर अनन्यभावसे केवल आपमें लगे हुए हैं, उनके द्वारा अन्तकालमें आप कसै जाननेमें आते हैं? अर्थात वे आपके किस रूपको जानते हैं ? 🕉️ नमो भगवते वासुदेवाय🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹 🙏🌹 🙏न म स का र जी 🙏 #🌙 गुड नाईट #📜 Whatsapp स्टेटस #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌞 Good Morning🌞 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇