Sujata Barik
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6 days ago
animation+++ on Instagram: "Japan में “footstep electricity” बनाने की तकनीक को Piezoelectric Effect पर आधारित माना जाता है। यह सिस्टम ऐसे टाइल्स या फ्लोर पैनल्स का उपयोग करता है जिन पर जैसे ही कोई व्यक्ति कदम रखता है, दबाव (pressure) पैदा होता है और वही दबाव बिजली में बदल जाता है। इन टाइल्स को रेलवे स्टेशनों, मॉल्स और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगाया जाता है, जहां हजारों लोग रोज चलते हैं। हर एक कदम से थोड़ी-सी ऊर्जा बनती है, लेकिन लाखों कदम मिलकर अच्छी-खासी बिजली पैदा कर देते हैं। यह तकनीक खासकर टोक्यो जैसे शहरों में ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल की जा चुकी है। इससे पैदा हुई बिजली का उपयोग LED लाइट, डिस्प्ले बोर्ड या छोटे उपकरण चलाने में किया जाता है। यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल (eco-friendly) है और किसी अतिरिक्त ईंधन की जरूरत नहीं होती। इसके जरिए लोगों को ऊर्जा बचत और नई तकनीक के प्रति जागरूक भी किया जाता है। हालांकि अभी यह बड़े स्तर पर बिजली उत्पादन का मुख्य स्रोत नहीं है, लेकिन भविष्य के लिए एक उपयोगी विकल्प माना जा रहा है। इस तकनीक से यह साबित होता है कि इंसान के रोजमर्रा के कदम भी ऊर्जा का स्रोत बन सकते हैं। ⚡#Spiritual #divine #jaimaalaxmi #vishnu #akshaytritiya japan electricity"
179K likes, 36K comments - animationplusplu on April 18, 2026: "Japan में “footstep electricity” बनाने की तकनीक को Piezoelectric Effect पर आधारित माना जाता है। यह सिस्टम ऐसे टाइल्स या फ्लोर पैनल्स का उपयोग करता है जिन पर जैसे ही कोई व्यक्ति कदम रखता है, दबाव (pressure) पैदा होता है और वही दबाव बिजली में बदल जाता है। इन टाइल्स को रेलवे स्टेशनों, मॉल्स और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगाया जाता है, जहां हजारों लोग रोज चलते हैं। हर एक कदम से थोड़ी-सी ऊर्जा बनती है, लेकिन लाखों कदम मिलकर अच्छी-खासी बिजली पैदा कर देते हैं। यह तकनीक खासकर टोक्यो जैसे शहरों में ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल की जा चुकी है। इससे पैदा हुई बिजली का उपयोग LED लाइट, डिस्प्ले बोर्ड या छोटे उपकरण चलाने में किया जाता है। यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल (eco-friendly) है और किसी अति