#📚कविता-कहानी संग्रह परिवार की बगिया
रिश्तों की बगिया में जो फूल खिले है,
जाने पहचाने सब लोग मिले है,
सबके मन की सब जाने,
हम हे वो अनमोल।
मनसा परिवार में सब बिछडे मिले है,
टूटे बिखरे सब तार मिले है,
रहते हे सब दूर मगर,
दिल से हे सब साथ
रिश्तों की बगिया में जो फूल खिले है,
जाने पहचाने सब लोग मिले है,
सबके मन की सब जाने,
हम हे वो अनमोल।
पूजा जोशी