बालु राम कुमावत "गौपाल"
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3 days ago
अग्रंमग्रं चरंतीना, औषधिना रसवने, तासां ऋषभपत्नीना, पवित्रकायशोधनम्, यन्मे रोगांश्चशोकांश्च, पांप में हर गोमय। अर्थात् :- गौचर वन में दिव्य औषधियों के रस का पान करने (जीमने) वाली गाय माता व नंदी भगवान आपका परम् पवित्र और शरीर शोधन करने वाला 'गौबर और गौमुत्र' वरदान है, आप हमारे शारीरिक रोग व मानसिक शोक और आर्थिक संताप का नाश कीजिए। #गौमहिमा