🚩 "समर्पण कभी आधा नहीं होता, यह पूर्ण ही होता है!" - जानिए श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ही क्यों चुना? ✨
एक सच्चे जापानी योद्धा (समुराई) को युद्ध में भेजने से पहले मृत्यु से साक्षात्कार कराया जाता है। जो अपनी नाभि के नीचे छिपे जीवन के स्रोत से शरीर और आत्मा को अलग करना सीख जाता है, वह मृत्यु के भय से हमेशा के लिए मुक्त हो जाता है। मृत्यु के क्षण में भी उसके चेहरे पर कोई भय नहीं, केवल एक शांत मुस्कान होती है।
महाभारत के अर्जुन भी बिल्कुल ऐसे ही अजेय और निडर क्षत्रिय हैं! 🏹
अर्जुन मृत्यु से परे हैं। वे धर्म के लिए सब कुछ न्योछावर कर सकते हैं। इसीलिए कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि "सब कुछ मुझ पर छोड़ दे।" कृष्ण जानते हैं कि अर्जुन हिसाब-किताब लगाने वाला इंसान नहीं है। यदि वह समर्पण करेगा, तो अपना कुछ भी पीछे बचाकर नहीं रखेगा।
याद रखें: ईश्वर के प्रति किया गया समर्पण कभी किश्तों में या आधा नहीं होता, वह शत-प्रतिशत होता है। क्या आप भी अपने जीवन में पूर्ण समर्पण के लिए तैयार हैं? 👇
।। जय श्री कृष्ण ।। 🦚
. !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶
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