Sukhbir Das
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20 hours ago
#GodMorningThursday दया धर्म का मूल है, पाप मूल अभिमान। कह कबीर दयावान के पास रहे भगवान।। कबीर साहेब जी कहते हैं धर्म वही करता है जिसके हृदय में दया है। तथा पाप वह करता है जिसमें अभिमान भरा है। कबीर परमात्मा ने कहा है कि दयावान के पास परमात्मा रहता है और अभिमानी के पास नहीं रहता। #jagatguru santrampal ji mahraj