यह गीत जीवन के कड़वे सच को दर्शाता है इस सृष्टि में वास्तविक प्रेम और कर्तव्य मृत्युपरांत नहीं बल्कि जीवन में निभाना चाहिए मैने देखा है इस जगत में लोग अपने माता-पिता की जीवित रहते हुए सेवा नहीं करते,पिता माता की पीड़ा को कोई नहीं समझते उनके दुख में कोई साथ नहीं देता, सच्चा प्रेम और सम्मान सिर्फ बाद में याद किया जाता है जब पिता माता इस दुनिया से चले जाते हैं, तब लोग उन्हें चाँद-सूरज जैसी महिमा देते हैं। बड़े-बड़े श्राद्ध और शब्दों में प्रशंसा की जाती है, लेकिन जीवन में उनका सहयोग नहीं किया गया, समाज में स्वार्थ और दौलत के चलते रिश्तों का मूल्य कम हो गया है सच्चाई और कड़वी बातें अक्सर अनसुनी रह जाती हैं खालीपन और यादें उनके जाने के बाद गहरा दुख देती हैं माता-पिता का सम्मान और सेवा जीते जी करना चाहिए केवल दिखावे और संस्कार करने से कोई लाभ नहीं समय रहते रिश्तों की कद्र करना सबसे बड़ा धर्म है मृत्यु के बाद समाज और मानव मन केवल दिखावा है! आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, देता जीते बाप को पानी ना मरने पर शराद गुरुजी, #Deta Jeete Baap Ko Paani Na, Marne Par Shraad Guruj, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
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