एक समय की बात है, एक गांव में एक बहुत गरीब आदमी रहता था, उसके पास खाने के लिए केवल दो रोटी होती थी। एक दिन वह बहुत भुखा था, जैसे ही वह खाने बैठा एक आदमी आया और बोला बहुत भुखा हूं कुछ खाने को दे दीजिए। वह आदमी कुछ देर तक सोचता है फिर एक रोटी उस आदमी को दे देता है, दोनों आदमी अपनी रोटी खाते है और भुख शान्त करते हैं। कुछ दिन बाद वह गरीब आदमी मुश्किल में पड़ जाता है उसके पास न पैसा है और न खाना,तभी एक आदमी आया और उसकी मदद की , वह वाही आदमी था जिसे गरीब आदमी ने रोटी दिया था। 🌸 इन्सान जो देता है, वक्त आने पर वही उसके पास वापस आता है यदि हम अच्छा करते हैं तो हमें भी अच्छा मिलता है और हम बुरा करते हैं तो हमारे साथ भी बुरा होता है। अपने लिए तो सब जीते हैं दुसरो के लिए जीना सीखें। लोगों की बुरे वक्त में मदद करना हमारा कर्तव्य है हर हर महादेव नमः शिवाय 🙏🙏🙏
Nikhil kumar kushawaha shiv shishy parivar