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Abhilas Chauhan
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ग्रह व सरल उपाय यह बहुत ही अनोखा और शानदार तरीका है ग्रहों को सुधारने का! आपने बहुत ही व्यवहारिक उपाय बताए हैं। चलो, मैं इसे आपके लिए थोड़े बदले हुए शब्दों में समझाती हूँ: यह लिस्ट बताती है कि कैसे आप रोजमर्रा के जीवन में कुछ खास काम करके अपने ग्रहों को मजबूत कर सकते हैं: 1. *बुध ग्रह (युवाओं से जुड़ा):* अगर आप युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, उनकी मदद करते हैं, तो आपका बुध ग्रह अच्छा होता है। यह दिखाता है कि आप कैसे विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और दूसरों को प्रेरित करते हैं। 2. *बृहस्पति ग्रह (गुरु और ज्ञान से जुड़ा):* बच्चों को अच्छी शिक्षा और ज्ञान देना, उन्हें सही रास्ता दिखाना आपके बृहस्पति ग्रह को मजबूत करता है। यह आपके अंदर की समझदारी और दूसरों को राह दिखाने की क्षमता को दर्शाता है। 3. *शनि ग्रह (सहायता और कर्म से जुड़ा):* - जब आप असहाय लोगों की मदद करते हैं, तो आपका शनि ग्रह मजबूत होता है। यह आपके सेवाभाव और कर्मठता को दर्शाता है। - घमंडी लोगों से दूरी बनाए रखना भी आपके शनि ग्रह को शांत रखता है। यह आपको अहंकार से दूर रहने और अपनी सीमाओं को पहचानने में मदद करता है। 4. *राहु ग्रह (माया और भटकाव से जुड़ा):* - 'कम माया' का मतलब है कि भौतिक चीजों और लालच में ज्यादा न फँसें। ऐसा करने से राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है। - सोशल मीडिया का कम और समझदारी से इस्तेमाल करना भी राहु को ठीक रखता है, क्योंकि यह हमें भटकाव और अनावश्यक इच्छाओं से बचाता है। 5. *सूर्य ग्रह (जिम्मेदारी और नेतृत्व से जुड़ा):* जिम्मेदारी उठाना और सबको साथ लेकर चलना आपके सूर्य ग्रह को मजबूत करता है। यह आपकी नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और समाज में आपकी स्थिति को बेहतर बनाता है। 6. *शुक्र ग्रह (रिश्ते और प्रेम से जुड़ा):* जब आपको कोई दिल का अमीर, यानी अच्छा इंसान मिले, तो उसका साथ न छोड़ें। यह आपके शुक्र ग्रह को अच्छा करता है, जो रिश्तों में गहराई और प्रेम का प्रतीक है। 7. *मंगल ग्रह (साहस और समर्थन से जुड़ा):* किसी मजबूत और अच्छे व्यक्ति का साथ कभी न छोड़ें। यह आपके मंगल ग्रह को मजबूत करता है, जो आपको साहस और समर्थन देने की प्रेरणा देता है। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
Abhilas Chauhan
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*बुध ग्रह के विभिन्न प्रभाव:* - *राजकुमार और कुमार अवस्था का कारक:* बुध युवावस्था, चंचलता और राजकुमार जैसी सहजता का प्रतीक है। यही कारण है कि यह व्यक्ति को हास्यप्रिय, मित्रवत और बुद्धिमान बनाता है। - *सप्तम भाव में स्थिति:* आपने बिल्कुल सही कहा, जब बुध सप्तम भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में होता है, तो यह अक्सर जातक की जल्दी शादी करवाता है। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि बुध चंचल और मिलनसार होता है, जो रिश्तों में आसानी से जुड़ने में मदद करता है। - *बुद्धि और स्मरण शक्ति का कारक:* एक मजबूत बुध व्यक्ति को तेज स्मरण शक्ति देता है। ऐसे लोग विषयों को जल्दी सीखते-समझते हैं और उनमें गज़ब की सीखने की क्षमता होती है। - *प्रतिभाशाली और निर्णय लेने में कुशल:* जब बुध बलबान होता है, तो व्यक्ति स्वभाव से बहुत प्रतिभाशाली होता है। वे अच्छे निर्णय लेने वाले होते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में भी सही रास्ता खोज लेते हैं। - *शत्रु को पराजित करने में कुशल:* बुध की तीव्र बुद्धि और रणनीतिक सोच व्यक्ति को शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में मदद करती है। वे वाद-विवाद या तार्किक बहस में भी बहुत कुशल होते हैं। - *अकेले शुभ फलदायक:* यह ज्योतिष में एक दिलचस्प बात है कि बुध को आमतौर पर एक शुभ ग्रह माना जाता है, और यह अकेला भी किसी भी राशि में शुभ फल ही देता है, जब तक कि यह पाप ग्रहों से पीड़ित न हो। - *गुप्त विद्या और रहस्यों को समझने की शक्ति:* बुध रहस्यमय विद्याओं और ज्योतिष का भी कारक है। जब यह मजबूत होता है, तो व्यक्ति को गूढ़ रहस्यों और छिपी हुई जानकारियों को समझने की अद्भुत क्षमता मिलती है। ऐसे लोग बिना किसी औपचारिक गुरु के भी बहुत कुछ सीख जाते हैं, क्योंकि उनकी नैसर्गिक जिज्ञासा और सीखने की ललक बहुत प्रबल होती है। - *बलहीन या पाप प्रभाव में बुध:* - *आर्थिक हानि:* कमजोर या पाप पीड़ित बुध व्यक्ति को सट्टा, जुआ या गलत निवेश में धन हानि करवाता है। व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे वे गलत आर्थिक फैसले ले सकते हैं। - *मिथ्या आचरण और छल कपट:* आपने सही कहा, एक पापी बुध व्यक्ति को झूठा, छली और कपटी बना सकता है। ऐसे लोग अपनी बात मनवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और अनैतिक व्यवहार कर सकते हैं। - *बचपन में कष्ट:* चूंकि बुध कुमार अवस्था का कारक है, तो जब यह कमजोर होता है, तो बचपन में व्यक्ति को शारीरिक कष्ट, सीखने में कठिनाई या मानसिक परेशानियां दे सकता है। - *आलस्य, जड़ता और शिक्षा से विरोध:* पापी बुध व्यक्ति को आलसी बना सकता है, जिससे उसमें जड़ता आ जाती है। ऐसे लोग शिक्षा से दूर भागते हैं या उन्हें पढ़ाई में मन नहीं लगता। - *मृत्यु का कारक (अष्टमेश और पाप प्रभाव में):* यह एक बहुत ही गंभीर ज्योतिषीय योग है। यदि बुध अष्टम भाव का स्वामी (अष्टमेश) होकर पाप ग्रहों के प्रभाव में आ जाए, तो यह अल्पायु या अचानक मृत्यु का कारण बन सकता है। यह दर्शाता है कि ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति और उनके स्वाभाव का विश्लेषण कितनी गहराई से किया जाता है। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
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