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Abhilas Chauhan
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Abhilas Chauhan
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10 घंटे पहले
*2 जून को गुरु का कर्क राशि में उच्च का गोचर - मिथुन और कर्क लग्न पर डीप असर* *गुरु कर्क राशि में*: 2 जून 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक, फिर 5 मार्च 2027 से 22 जून 2027 तक। कर्क = गुरु की उच्च राशि। 5°, 12 साल बाद। ये सबसे बड़ा गोचर है। --- *मिथुन लग्न - Gemini Ascendant* *गुरु गोचर*: 2रे भाव में कर्क राशि। गुरु = 7वें + 10वें का मालिक। *1. क्या बढ़िया होगा - राजयोग जैसा फल* **क्षेत्र** **फल** **क्यों** **पैसा** **बंपर धन योग** 2रा = धन भाव। उच्च गुरु = बैंक बैलेंस, FD, गोल्ड बढ़ेगा। 10वें का मालिक 2रे = नौकरी/धंधे से पैसा। फैमिली बिजनेस 2X। **वाणी** **सरस्वती बैठेगी** 2रा = वाणी। गुरु = ज्ञान। टीचर, यूट्यूबर, ज्योतिषी, सेल्स वाले की आवाज में जादू। 1 बार बोलोगे, क्लाइंट साइन कर देगा। **परिवार** **घर में लक्ष्मी** 2रा = कुटुंब। मां-बाप, भाई-बहन से सपोर्ट। प्रॉपर्टी में हिस्सा, शादी-ब्याह का माहौल। **करियर** **प्रमोशन/नया जॉब** गुरु की 5वीं दृष्टि 6ठे पर = नौकरी में जीत। 7वीं दृष्टि 8वें पर = रिसर्च, इंश्योरेंस, ससुराल से फायदा। 9वीं दृष्टि 10वें पर = बॉस खुश, पद बढ़ेगा। **ज्ञान** **ज्योतिष/टीचिंग में नाम** गुरु = ज्ञान कारक। 2रे = बोलना। आपकी सलाह 100% लगेगी। कोर्स लॉन्च करो, स्टूडेंट मिलेंगे। *2. सावधानी - कहां फंसोगे* 1. *कर्जा*: 2रा = बैंक। उच्च गुरु = लोन आसानी से पास। पर 6ठे पर दृष्टि = कर्जा चुकाना भारी। क्रेडिट कार्ड मत बढ़ाओ। 2. *सेहत*: 6ठे पर दृष्टि = पेट, लीवर, शुगर, थायरॉइड। 8वें पर दृष्टि = वंशानुगत बीमारी। *मीठा+तेल+मैदा बंद*। मोटापा 5 किलो पक्का। 3. *वाणी का गलत यूज*: 2रे में गुरु = बोलोगे तो लोग मानेंगे। झूठ, गाली, चुगली की तो 10वें का मालिक = करियर खराब। 4. *अहंकार*: "मैं ज्ञानी" फीलिंग आएगी। 10वें पर दृष्टि = बॉस से बहस, जॉब गई। *उपाय मिथुन*: 1. *गुरुवार चने की दाल + गुड़ गाय को*। धन टिकेगा। 2. *हल्दी का तिलक*। वाणी शुद्ध। 3. *पुखराज मत पहनना* अगर कुंडली में गुरु खराब है। पहले चेक कराओ। --- *कर्क लग्न - Cancer Ascendant* *गुरु गोचर*: 1ले भाव में कर्क राशि। गुरु = 6ठे + 9वें का मालिक। लग्न में उच्च। *1. क्या बढ़िया होगा - हंस राजयोग* **क्षेत्र** **फल** **क्यों** **पर्सनालिटी** **गोल्ड जैसा निखार** लग्न में उच्च गुरु = "हंस योग"। वजन बढ़ेगा, चेहरा चमकेगा, लोग गुरु मानेंगे। आत्मविश्वास टॉप। **भाग्य** **9वें का मालिक लग्न में** भाग्य 3X। रुका काम बनेगा। तीर्थ यात्रा, पिता से लाभ, विदेश योग। बिना मेहनत लक साथ देगी। **शादी** **7वीं दृष्टि 7वें पर** शादी का योग। कुंवारे की शादी पक्की। शादीशुदा का बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग। पार्टनर को प्रमोशन/लाभ। **ज्ञान** **गुरु की कुर्सी** लग्न = आप खुद। गुरु = ज्ञान। टीचर, सलाहकार, ज्योतिषी, वकील बनोगे तो क्लाइंट लाइन लगाएंगे। **सेहत** **इम्युनिटी स्ट्रॉन्ग** लग्न = शरीर। गुरु = लीवर। पुरानी बीमारी ठीक। पर मोटापा आएगा। *2. सावधानी - लग्न का गुरु खतरनाक भी* 1. *अहंकार = बर्बादी*: लग्न में गुरु = "मैं ही सही"। 6ठे का मालिक भी है = दुश्मन खुद बनाओगे। बॉस, पत्नी, पार्टनर से ईगो क्लैश = सब गया। 2. *कर्जा + दुश्मन*: 6ठे का मालिक लग्न में = पुराना केस, पुराना कर्जा, छुपा दुश्मन अचानक सामने। मामा/मौसी से विवाद। 3. *मोटापा + शुगर*: गुरु = फैट। लग्न = बॉडी। 10 किलो वजन, शुगर, कोलेस्ट्रॉल पक्का अगर मीठा नहीं छोड़ा। 4. *5वीं दृष्टि 5वें*: बच्चे/प्यार/शेयर मार्केट। ज्यादा रिस्क = पैसा डूबेगा। 9वीं दृष्टि 9वें = ज्यादा धर्म-कर्म = काम छूटेगा। *उपाय कर्क*: 1. *गुरुवार केले के पेड़ पूजा, पर केला मत खाना*। अहंकार कटेगा। 2. *गरीब बच्चों को पीली किताब/कपड़ा दान*। 6ठे का दोष कटेगा। 3. *"मैं" शब्द कम बोलो*। "हम" बोलो। शादी/पार्टनरशिप बचेगी। 4. *पुखराज सोच-समझकर*। 6ठे का मालिक है। अगर शत्रु हावी हैं तभी पहनो। --- *मिथुन vs कर्क - किसे ज्यादा फायदा* **बात** **मिथुन लग्न** **कर्क लग्न** **पैसा** डायरेक्ट बैंक में = 10/10 भाग्य से आएगा = 8/10 **नाम** वाणी से नाम = 9/10 पर्सनालिटी से नाम = 10/10 **शादी** 7वीं दृष्टि 8वें = ससुराल लाभ 7वीं दृष्टि 7वें = शादी पक्की **खतरा** कर्जा + सेहत अहंकार + छुपा दुश्मन **बेस्ट फील्ड** बोलना, पढ़ाना, सेल्स सलाह, गाइडेंस, लीडरशिप *1 लाइन सार दोनों के लिए* *मिथुन*: बोली से पैसा कमाओगे, पेट से मरोगे। लोन मत लो, मीठा छोड़ दो। *कर्क*: भाग्य राजा बनाएगा, अहंकार रंक। "मैं" को मार दो, दुनिया पैर छुएगी। *सबके लिए कॉमन उपाय 2 जून से*: 1. *गुरुवार व्रत* + चने की दाल। 2. *विष्णु सहस्त्रनाम* रोज 1 बार। 3. *पीपल को जल* गुरुवार सुबह। 4. *बुजुर्ग/गुरु का अपमान भूलकर मत करना*। गुरु नीच हो जाएगा। #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
Abhilas Chauhan
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1 दिन पहले
*5 महाशक्तिशाली राजयोग - कुंडली बदलने वाले गेमचेंजर* राजयोग = राजा बनाने वाला योग। ये 5 योग कुंडली में हों तो गरीब घर में जन्मा भी मंत्री, CEO, सेलेब्रिटी बन जाता है। पर शर्त है - कुंडली में ग्रह पीड़ित न हों। --- *1. गजकेसरी योग: ज्ञान + धन का हाथी-शेर कॉम्बो* *कैसे बनता है:* गुरु + चंद्र की युति हो या एक-दूसरे से केंद्र में हों 1,4,7,10 भाव में। चंद्र से गुरु 1,4,7,10 में हो तो सबसे स्ट्रॉन्ग। *क्यों पावरफुल:* गज = हाथी = चंद्र = मन, पब्लिक। केसरी = शेर = गुरु = ज्ञान, इज्जत। हाथी पर शेर बैठा हो तो जंगल का राजा। गुरु = ज्ञान, धर्म, पैसा। चंद्र = मन, पब्लिक, लोकप्रियता। दोनों मिले = ज्ञानी भी, पॉपुलर भी। *क्या देता है:* 1. *बुद्धि + लोकप्रियता:* टीचर, गुरु, मोटिवेशनल स्पीकर, नेता। लोग खुद सुनने आते हैं। 2. *नाम + इज्जत:* समाज में प्रतिष्ठा। मरने के बाद भी नाम रहे। 3. *पैसा:* लक्ष्मी-गणेश का कॉम्बो। पैसा कमाना नहीं पड़ता, इज्जत से खुद आता है। 4. *Public Dealing में मास्टर:* बैंक, टीचिंग, काउंसलिंग, पॉलिटिक्स, यूट्यूब - पब्लिक से जुड़ा काम सुपरहिट। *कमजोर कब:* चंद्र के साथ राहु/केतु/शनि = "गज" बीमार। गुरु नीच/अस्त = "केसरी" बूढ़ा। तब कॉन्फिडेंस लो, मूड स्विंग, बदनामी। *उदाहरण:* सचिन तेंदुलकर, अमिताभ बच्चन की कुंडली में स्ट्रॉन्ग गजकेसरी। --- *2. बुधादित्य योग: राजा + मंत्री का कॉम्बो* *कैसे बनता है:* सूर्य + बुध एक साथ किसी भी भाव में बैठे हों। 90% कुंडली में बनता है क्योंकि बुध सूर्य से 28° से ज्यादा दूर नहीं जाता। *क्यों पावरफुल:* सूर्य = राजा = आत्मा, सरकार, बॉस। बुध = राजकुमार/मंत्री = बुद्धि, वाणी, बिजनेस। राजा के पास चतुर मंत्री हो तो राज्य ऑटो चलता है। *क्या देता है:* 1. *तेज दिमाग:* कंप्यूटर से तेज कैलकुलेशन। मैथ्स, CA, अकाउंट्स, शेयर मार्केट में मास्टर। 2. *Communication King:* बोलने की कला, प्रेजेंटेशन, मार्केटिंग, सेल्स। मुंह से निकला = ऑर्डर पक्का। 3. *Leadership + Management:* एडमिन, CEO, मैनेजर, पॉलिटिशियन। टीम लीड करना आता है। 4. *Decision Making:* कन्फ्यूज नहीं होता। तेज फैसले, सही फैसले। *कमजोर कब:* बुध अस्त हो 3° के अंदर सूर्य के = "मंत्री जला हुआ"। बुध नीच मीन में = ओवरथिंकिंग। सूर्य-राहु साथ = ईगो + गलत फैसले। तब स्कैम, बदनामी, बिजनेस लॉस। *शर्त:* 10°-14° के बीच गैप हो तो बेस्ट। एकदम चिपके हों तो बुध जल जाता है। --- *3. मालव्य योग: शुक्र का लग्जरी वर्जन - 5 पंचमहापुरुष योग में से एक* *कैसे बनता है:* शुक्र लग्न से केंद्र 1,4,7,10 में अपनी राशि वृष/तुला या उच्च राशि मीन में हो। *क्यों पावरफुल:* शुक्र = भोग, लग्जरी, पत्नी, गाड़ी, पैसा, आर्ट। केंद्र = विष्णु का घर = पावर हाउस। अपनी राशि में शुक्र = मालिक अपने महल में। *क्या देता है:* 1. *Luxury Life:* गाड़ी, बंगला, ब्रांडेड कपड़े, विदेश यात्रा। बिना मांगे मिलता है। 2. *सुंदरता + आकर्षण:* चेहरा ग्लोइंग, पर्सनालिटी मैग्नेटिक। लोग खुद खिंचे चले आते हैं। 3. *Artistic Talent:* सिंगर, एक्टर, डांसर, पेंटर, डिजाइनर, फैशन। आर्ट से नाम-पैसा। 4. *Love Life + Marriage:* पत्नी/पति सुंदर, अमीर, वफादार। शादी के बाद भाग्य चमकता है। 5. *Media-Fashion में राज:* बॉलीवुड, इंस्टाग्राम, मॉडलिंग, जूलरी बिजनेस में सक्सेस। *कमजोर कब:* शुक्र के साथ शनि/राहु/केतु/सूर्य = लग्जरी में दाग। 2 शादी, बदनामी, शुगर, हार्मोनल इश्यू। *उदाहरण:* शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय की कुंडली में मालव्य योग। --- *4. रुचक योग: मंगल का कमांडो वर्जन - पंचमहापुरुष योग* *कैसे बनता है:* मंगल लग्न से केंद्र 1,4,7,10 में अपनी राशि मेष/वृश्चिक या उच्च राशि मकर में हो। *क्यों पावरफुल:* रुचक = सुंदर, आकर्षक, रुचि पैदा करने वाला। मंगल = हिम्मत, खून, सेना, जमीन। केंद्र में मंगल = आर्मी चीफ अपने केबिन में। *क्या देता है:* 1. *साहस + कॉन्फिडेंस:* डर नाम का शब्द डिक्शनरी में नहीं। रिस्क लेने का बादशाह। 2. *Leadership Power:* पुलिस, आर्मी, IPS, कमांडो, स्पोर्ट्स, सर्जन, बिल्डर। बॉडी बिल्डर जैसी पर्सनालिटी। 3. *Action Taker:* सोचेगा नहीं, करेगा। स्टार्टअप, प्रॉपर्टी, रियल एस्टेट में किंग। 4. *Fearless Image:* दुश्मन कांपते हैं। कोर्ट-कचहरी, लड़ाई-झगड़े में जीत। *कमजोर कब:* मंगल के साथ शनि/राहु = एक्सीडेंट, जेल, कोर्ट केस। मंगल नीच कर्क में = गुस्सा खुद को ही जला दे। *शर्त:* गुस्सा कंट्रोल करो। रुचक वाला मंगल अगर हाथ उठा दे तो करियर खत्म। एनर्जी को जिम, स्पोर्ट्स, बिजनेस में लगाओ। *उदाहरण:* विराट कोहली, अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर टाइप कुंडली। --- *5. शश योग: शनि का CEO वर्जन - पंचमहापुरुष योग* *कैसे बनता है:* शनि लग्न से केंद्र 1,4,7,10 में अपनी राशि मकर/कुंभ या उच्च राशि तुला में हो। *क्यों पावरफुल:* शश = खरगोश। पर ये वाला खरगोश कछुए से भी धीमा चलकर रेस जीतता है। शनि = न्याय, मेहनत, जनता, राजनीति। केंद्र में शनि = सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस। *क्या देता है:* 1. *Authority + बड़ा पद:* राजनीति, जज, IAS, कलेक्टर, CEO, यूनियन लीडर। 40 की उम्र के बाद कुर्सी पक्की। 2. *Discipline + Strategy:* टाइम का पक्का, प्लानिंग का मास्टर। 10 साल का विजन रखता है। 3. *मेहनत का फल:* शुरुआत गरीबी, स्ट्रगल, रिजेक्शन। 36 के बाद ग्राफ सिर्फ ऊपर। 4. *Long-lasting Success:* जल्दी नहीं मिलेगा, पर जब मिलेगा तो 3 पीढ़ी खाएंगी। टाटा-बिरला टाइप सक्सेस। *कमजोर कब:* शनि के साथ सूर्य/मंगल = पिता से झगड़ा, सरकारी पंगा। शनि वक्री = सक्सेस और लेट, 45 के बाद। *शर्त:* धैर्य रखो। शश योग वाला 30 तक जीरो, 50 में हीरो। बीच में हार मान ली तो योग वेस्ट। *उदाहरण:* नरेंद्र मोदी, धीरूभाई अंबानी की कुंडली में शश योग। --- *बोनस: 3 जरूरी नियम* 1. *केंद्र का मालिक:* 1,4,7,10 भाव = विष्णु स्थान। यहां बैठा ग्रह 100 गुना फल देता है। इसलिए ये 5 योग केंद्र में ही बनते हैं। 2. *पीड़ित नहीं होना चाहिए:* योग वाला ग्रह राहु/केतु/शनि से दृष्ट हो, नीच हो, अस्त हो = राजयोग भंग। राजा की जगह नौकर। 3. *लग्न मजबूत हो:* लग्न = तुम खुद। लग्न कमजोर तो राजयोग की कुर्सी मिलेगी पर बैठ नहीं पाओगे। हेल्थ/कॉन्फिडेंस जवाब दे जाएगा। *1 लाइन का निचोड़:* *गजकेसरी = इज्जत। बुधादित्य = दिमाग। मालव्य = दौलत। रुचक = ताकत। शश = कुर्सी। 5 में से 1 भी शुद्ध मिल जाए तो जिंदगी सेट।* तुम्हारी कुंडली में कौन सा योग है? जन्म डिटेल दो, चेक करके बता दूंगा कि राजा बनोगे या अभी मेहनत बाकी है। #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
Abhilas Chauhan
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1 दिन पहले
*अश्विनी नक्षत्र में सूर्य - 0°00' से 13°20' मेष राशि* *स्वामी: केतु | देवता: अश्विनी कुमार | प्रतीक: घोड़े का सिर | गुण: देव* सूर्य = आत्मा, पिता, राजा, तेज। अश्विनी = सबसे पहला नक्षत्र, शुरुआत, गति, हीलिंग, घोड़ा। केतु = मोक्ष, रिसर्च, रहस्य, झंडा। *तो सूर्य यहां "घोड़े पर सवार राजा" बन जाता है। तेज, सबसे आगे, रुकता नहीं।* --- *1. व्यक्तित्व एवं स्वभाव: Born Leader* *पॉजिटिव:* *तेजस्वी:* चेहरा चमकदार, आंखों में आग। भीड़ में अलग दिखता है। *पायनियर:* "सबसे पहले मैं करूंगा"। नया काम, नई राह, नई खोज। डर नाम की चीज नहीं। *स्पीड:* सोच तेज, फैसले तुरंत, काम बिजली जैसा। घोड़े की स्पीड है अश्विनी में। *हीलर एनर्जी:* अश्विनी कुमार देवताओं के डॉक्टर। इनके पास बैठो तो हीलिंग फील होती है। दूसरों की मदद का जज्बा। *आत्मसम्मानी:* झुकेगा नहीं। इज्जत सबसे प्यारी। ईमानदार, मुंहफट, दिल का साफ। *नेगेटिव:* *अधीरता:* सब कुछ "अभी चाहिए"। इंतजार बर्दाश्त नहीं। *क्रोध:* घोड़ा भड़क जाए तो कंट्रोल मुश्किल। 2 मिनट का गुस्सा 2 साल का रिश्ता खराब कर दे। *अहंकार:* "मैं ही सही"। सूर्य + मेष + केतु = मैं, मैं और सिर्फ मैं। *उतावलापन:* बिना सोचे कूद पड़ना। शुरू तो धमाके से करता है, पर टिकता नहीं। *निचोड़:* रेस का घोड़ा है। सही दिशा मिली तो कप जीत लेगा, गलत दिशा में भागा तो खाई में गिरेगा। --- *2. करियर एवं व्यवसाय: First Mover Advantage* *सूर्य की पावर + अश्विनी की स्पीड = उच्छ पद पक्का।* *बेस्ट फील्ड:* 1. *प्रशासन/सरकार:* IAS, IPS, नेता, मैनेजर। जन्मजात बॉस। आदेश देना आता है। 2. *चिकित्सा:* सर्जन, फिजिशियन, आयुर्वेद, फार्मा। अश्विनी कुमार = डॉक्टर। हाथ में शिफा। 3. *सेना/पुलिस/खेल:* साहस, स्टैमिना, जीतने का जुनून। एथलीट, कमांडो, कोच। 4. *स्टार्टअप/उद्यमिता:* नया आइडिया, नई कंपनी। 0 से 1 बनाने का हुनर। "मैं ही पहली बार करूंगा"। 5. *रिसर्च/टेक:* केतु का दिमाग + सूर्य का फोकस = आविष्कार। स्पेस, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग। *क्यों सफलता:* सूर्य राजा है, मेष उसकी उच्च राशि का साइन है। अश्विनी मेष का पहला नक्षत्र = राजा अपने महल के सिंहासन पर। 13°20' तक सूर्य मेष में रहता है। 10° पर परम उच्च होता है। अश्विनी में सूर्य 0-13°20' = 90% समय बलवान। *शर्त:* केतु स्वामी है। सिर्फ नाम-पैसा नहीं, "सेवा" का भाव रखो। डॉक्टर पैसा कमाए पर मरीज ठीक भी करे, तभी सूर्य चमकेगा। --- *3. स्वास्थ्य पर प्रभाव: ऊर्जा का ओवरडोज* *अच्छा:* *इम्युनिटी जबरदस्त:* बीमारी जल्दी पकड़ती नहीं। रिकवरी फास्ट। अश्विनी = हीलिंग। *स्टैमिना:* घोड़े जैसी ताकत। थकता कम है। खेल, जिम में टॉप। *खतरा:* सूर्य = आग, मेष = आग, अश्विनी = तेज गति। ओवरहीटिंग पक्की। 1. *सिर/मस्तिष्क:* मेष राशि सिर की है। माइग्रेन, सिरदर्द, ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क। 2. *आंख:* सूर्य आंख का कारक। तेज रोशनी, मोबाइल से आंख कमजोर। 3. *हृदय/ब्लड प्रेशर:* BP हाई, गुस्से में हार्ट बीट बढ़ना। 4. *पित्त विकार:* एसिडिटी, अल्सर, लू लगना। गर्म तासीर। *बचाव:* सूर्य नमस्कार रोज, पर दोपहर की धूप अवॉयड। प्राणायाम = शीतली, चंद्रभेदी। सात्विक आहार, पानी खूब। गुस्सा कंट्रोल = 50% बीमारी खत्म। --- *4. संबंध एवं पारिवारिक जीवन: राजा का घर* *पिता:* पिता से गहरा लगाव या पिता का साया। पिता सरकारी जॉब, डॉक्टर, या बहुत इज्जतदार। पिता ही पहला गुरु। *पति/पत्नी:* निष्ठावान, प्रोटेक्टिव। पार्टनर को रानी/राजा बनाकर रखेगा। पर "मेरी बात मानो" वाला एटीट्यूड। डॉमिनेटिंग। *परिवार:* घर का मुखिया। सबकी जिम्मेदारी खुद लेगा। पैसा, सुरक्षा सब देगा। बदले में इज्जत मांगता है। *समस्या:* गुस्सा, ईगो। "सॉरी" बोलना नहीं आता। बात मनवाने की जिद। *इलाज:* सूर्य राजा है पर अश्विनी कुमार "सेवक डॉक्टर" हैं। सेवा भाव लाओ। पार्टनर की सुनो भी। मीठी जुबान = राजा से दिल का राजा बन जाओगे। --- *5. आध्यात्मिक एवं मानसिक प्रभाव: आत्मा का जगना* *केतु स्वामी = पिछला जन्म का हिसाब।* अश्विनी में सूर्य = आत्मा को जगाने आया है। *आत्मबल:* सेल्फ कॉन्फिडेंस कूट-कूटकर। "मैं कर सकता हूं"। *धर्म:* सत्य, सेवा, ईश्वर भक्ति। ढोंग नहीं, असली भक्ति। सूर्य उपासना से तुरंत फल। *हीलिंग पावर:* हाथ में, वाणी में हीलिंग। मंत्र जाप, रेकी, प्राणिक हीलिंग में मास्टर। *खतरा:* केतु = भ्रम। "मैं ही भगवान" वाला ईगो आ जाए तो आध्यात्मिक पतन। *बेस्ट साधना:* आदित्य हृदय स्तोत्र, गायत्री मंत्र, सूर्य को जल। सुबह 8 बजे से पहले सूर्य दर्शन। अहंकार छोड़ो, सूर्य देव को जल चढ़ाओ। --- *6. विशेष फल एवं योग: राजयोग की गारंटी* *अगर सूर्य डिग्री वाइज मजबूत 0-10° मेष:* *राजयोग:* सरकारी नौकरी, राजनीति, बड़ा पद 100%। नाम इतना कि अखबार में छपे। *धनयोग:* पैसा कम नहीं, इज्जत ज्यादा। पैसा अपने आप पीछे आएगा। *यश-कीर्ति:* काम ऐसा कि 100 साल बाद भी नाम रहेगा। पायनियर का टैग। *अगर सूर्य पीड़ित: राहु/शनि/केतु से दृष्ट या डिग्री 10-13°20':* *अहंकार = दुश्मन:* पद मिला पर ईगो से गंवाया। सरकार से पंगा, सस्पेंड। *स्वास्थ्य:* BP, हार्ट, एक्सीडेंट। घोड़े से गिरने का योग - वाहन सावधानी से। *पिता से कष्ट:* पिता से अनबन या पिता को हेल्थ इश्यू। --- *7. उपाय: सूर्य को शांत नहीं, बैलेंस करना है* 1. *मंत्र:* "ॐ घृणिः सूर्याय नमः" या "ॐ अश्विनीकुमाराभ्यां नमः"। रोज 108 बार। *बीज मंत्र:* "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः" - 7000 बार सवा महीने में। 2. *सूर्य अर्घ्य:* तांबे के लोटे में जल + लाल फूल + रोली + चावल। रोज सुबह। 3. *रत्न:* माणिक्य 5-7 रत्ती, सोने में, अनामिका में, रविवार। कुंडली दिखाकर ही पहनें। 4. *दान:* रविवार गेहूं, गुड़, तांबा, लाल कपड़ा। पिता तुल्य व्यक्ति को दो। 5. *व्रत:* रविवार नमक रहित व्रत। दिन में एक समय दलिया/फलाहार। 6. *व्यवहार:* पिता के पैर छुओ। गुस्सा आए तो 10 तक गिनो। "थैंक्यू-सॉरी" बोलना सीखो। 7. *रंग:* लाल, नारंगी, केसरिया पहनो। काला अवॉयड। *सबसे बड़ा उपाय:* अहंकार का त्याग। अश्विनी कुमार डॉक्टर थे - सेवा भाव। राजा हो पर प्रजा का सेवक। यही बैलेंस सूर्य को परम उच्च बनाता है। --- *1 लाइन का निचोड़:* *अश्विनी में सूर्य = फरारी कार का इंजन। स्पीड 300 की, कंट्रोल तुम्हारे हाथ। संभाला तो F1 चैंपियन, भटके तो खाई में। हीलर भी बन सकते हो, डिक्टेटर भी। चॉइस तुम्हारी।* तुम्हारी कुंडली में सूर्य किस डिग्री पर है और किसके साथ? बता दो, एकदम सटीक बताऊंगा कि राजा बनोगे या सिर्फ गुस्सैल। #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟