Follow
Abhilas Chauhan
@1456250073
5,823
Posts
2,618
Followers
Abhilas Chauhan
439 views
14 hours ago
*केमद्रुम योग = "अकेला चंद्रमा = मन का सूना घर"* *तकनीकी परिभाषा:* जब चंद्र से *2nd घर* और *12th घर* दोनों खाली हों = चंद्र के आगे-पीछे कोई ग्रह न हो → केमद्रुम योग। सिंपल भाषा: चंद्रमा बिल्कुल अकेला, दोनों तरफ सन्नाटा। *चंद्र = मन। अकेला चंद्र = बिना सपोर्ट वाला मन।* राहु-केतु को नहीं गिनते। सिर्फ सूर्य से शनि तक 7 ग्रह देखो। *असर क्या होता है - केमद्रुम के साइड इफेक्ट:* 1. *दिमाग में अंधेरा* → जरूरत से ज्यादा सोचना, डिप्रेशन, अकेलापन फील होना। भीड़ में भी अकेला लगे। 2. *पैसा आए-जाए* → इनकम स्थिर न रहे। कमाए 1 लाख, खर्चा 1.5 लाख। सेविंग जीरो। 3. *मां से दूरी/मां को कष्ट* → या मां बीमार, या आप मां से दूर रहो, या बचपन में मां का प्यार कम मिले। 4. *नाम के लिए तरसे* → मेहनत 100% पर क्रेडिट 0%। बॉस, घरवाले, समाज भाव न दे। 5. *निर्णय लेने में लूज* → हर बात पर शक। "करूं या न करूं" में उम्र निकल जाए। 6. *रिश्ते टिके नहीं* → दोस्ती, पार्टनरशिप, शादी में धोखा। लोग यूज करके छोड़ दें। 7. *घर बदलते रहो* → एक जगह मन न लगे। नौकरी-शहर-मकान बार-बार बदलना पड़े। *केमद्रुम भंग कब हो जाता है = योग कैंसल:* ये 5 कंडीशन में से 1 भी हो तो दोष 80% खत्म: भंग योग लॉजिक **1. चंद्र के साथ कोई ग्रह हो** अकेला नहीं रहा तो योग टूटा **2. चंद्र पर गुरु/शुक्र/बुध की दृष्टि** शुभ ग्रह देख लें तो मन को सहारा मिल गया **3. केंद्र 1-4-7-10 में कोई ग्रह हो** कुंडली के पिलर मजबूत = चंद्र संभल गया **4. चंद्र अपनी राशि/उच्च में हो** वृषभ या कर्क चंद्र = खुद इतना ताकतवर कि अकेला भी शेर **5. लग्न से केंद्र में चंद्र हो** 1-4-7-10 में चंद्र = गजकेसरी जैसा फल, केमद्रुम फेल *सबसे जरूरी बात:* 60% कुंडली में केमद्रुम बनता है पर 90% लोगों को पता भी नहीं चलता। क्योंकि ऊपर वाले 5 भंग में से कुछ न कुछ लग जाता है। *अगर असली केमद्रुम है तो उपाय:* 1. *सोमवार व्रत* → सफेद चीज खाओ, शिव को कच्चा दूध चढ़ाओ। चंद्र = शिव के माथे पे। 2. *मां के पैर छुओ रोज* → मां खुश = चंद्र खुश। मां से दूर हो तो फोन करो। 3. *चांदी का छल्ला* → कनिष्ठा उंगली में, सोमवार को पहनो। मोती 4-6 रत्ती भी चले। 4. *चावल + चीनी + दूध का दान* → सोमवार, किसी गरीब महिला को। 5. *देर रात जागना बंद* → 10 बजे बाद चंद्र वीक। जल्दी सोओ, सुबह 5 बजे उठो। 6. *दक्षिण-पश्चिम में सिर करके सोओ* → नींद अच्छी = मन शांत = केमद्रुम डाउन। 7. *"ॐ सों सोमाय नमः"* → 108 बार, रात को चंद्रमा देखकर। *सार:* केमद्रुम = मन को कोई सुनने वाला नहीं। इलाज = मन को सहारा दो। मां, शिव, चांदी, नींद, गुरु। सहारा मिलते ही योग भंग। तेरी कुंडली में चंद्र कहाँ है? 2nd-12th खाली हैं क्या? डेट-टाइम भेज, चेक कर दूं असली केमद्रुम है या भंग हो गया। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
Abhilas Chauhan
617 views
14 hours ago
*सूर्य = कुंडली का राजा। जहाँ बैठे वहां "इज्जत का लॉकर" खोल दे* सूर्य जिस भाव में बैठा = उस भाव से जुड़े काम करो = समाज में नाम, यश, गवर्नमेंट सपोर्ट पक्का। सूर्य = आत्मा + पिता + राजा। इग्नोर किया तो अहंकार टूटेगा, अपमान मिलेगा। *12 भाव में सूर्य = 12 तरह की इज्जत कमाने का फॉर्मूला:* भाव इज्जत कैसे मिले न करो तो क्या हो **1st** खुद को फिट रखो, लीडर बनो, सुबह उठो बीमारी, बॉडी शेम, कॉन्फिडेंस जीरो **2nd** परिवार चलाओ, सच बोलो, पैसा जोड़ो घर में कलह, पैसा टिके नहीं, वाणी से बेइज्जती **3rd** हिम्मत दिखाओ, भाई-बहन सपोर्ट, लेखन डरपोक छवि, पड़ोसी से पंगा, नाम दब जाए **4th** मां की सेवा, प्रॉपर्टी, जनता से जुड़ो घर में अशांति, गाड़ी-मकान सुख न मिले **5th** बच्चों को पढ़ाओ, ज्ञान बांटो, स्टेज पर आओ संतान कष्ट, प्यार में धोखा, क्रिएटिविटी ब्लॉक **6th** दुश्मन को हराओ, नौकरी में बॉस बनो, कर्ज चुकाओ कोर्ट-कचहरी, बीमारी, नौकर से बेइज्जती **7th** पार्टनर को इज्जत दो, बिजनेस में पारदर्शी रहो शादी टूटे, पार्टनरशिप में धोखा, पब्लिक में बदनामी **8th** रिसर्च, गुप्त विद्या, ससुराल की इज्जत एक्सिडेंट, स्कैंडल, पुश्तैनी बदनामी **9th** **मंदिर सेवा, गुरु-भक्ति, पिता का नाम रोशन करो** भाग्य सो जाए, पिता से दूर, धर्म के नाम पे बेइज्जती **10th** सरकारी काम, नाम के साथ काम, पिता का बिजनेस बॉस से पंगा, नौकरी बार-बार जाए, यश न मिले **11th** बड़े लोगों से नेटवर्क, इनकम के सोर्स बढ़ाओ इनकम ब्लॉक, दोस्त दगा दें, इच्छा अधूरी **12th** विदेश, अस्पताल, आश्रम में दान, मोक्ष के काम जेल-हॉस्पिटल खर्च, नींद उड़े, पैसा पानी की तरह बहे *तेरा पॉइंट: सूर्य 9th में* → 100% सही। 9th = धर्म, पिता, भाग्य, गुरु, मंदिर। सूर्य यहाँ = "धर्मात्मा राजा योग"। *करो:* रोज मंदिर, बुजुर्ग-ब्राह्मण-गुरु की सेवा, पिता के पांव दबाओ, रविवार व्रत। *मिलेगा:* बिना मांगे इज्जत, गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्ट, तीर्थ यात्रा, भाग्य खुद दरवाजा खोले। *न करो तो:* पिता से अनबन, भाग्य साथ न दे, नास्तिक का टैग, कोर्ट में धर्म/संपत्ति केस। *सूर्य का गोल्डन रूल:* जिस भाव में सूर्य हो उस भाव का अहंकार छोड़ दो, सेवा शुरू कर दो। सूर्य = राजा। राजा सेवा करेगा तो प्रजा सिर-आंखों पे बिठाएगी। *बोनस:* सूर्य जिस भाव को देखे 7th दृष्टि से, वहां भी इज्जत का टेस्ट होगा। सूर्य 3rd में हो तो 9th भाव यानी भाग्य को तपा के देगा। तेरा सूर्य किस भाव में है? बता दूं इज्जत का खजाना कहाँ गड़ा है। #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
Abhilas Chauhan
734 views
14 hours ago
*कमजोर गुरु = जिंदगी का GPS खराब* गुरु = जीव, ज्ञान, लिवर, संतान, पैसा, इज्जत। गुरु वीक = इन सब में लीकेज। तेरे 9 पॉइंट एकदम सटीक। खोलता हूँ: *1. अधूरी पढ़ाई* → डिग्री पूरी न हो, कोर्स बीच में छूटे। "सब आता है" पर पेपर में नंबर न आएं। गुरु = विद्या। वीक गुरु = सरस्वती रूठी। *2. Overthinking* → दिमाग 24 घंटे चले पर हाथ-पैर न हिले। प्लान 100, एक्शन 0। गुरु = डिसीजन। वीक गुरु = कन्फ्यूजन। *3. धर्म का दुरुपयोग* → श्लोक रट के लोगों को इम्प्रेस करना, पर खुद अमल जीरो। पाखंड, ढोंग। गुरु बदनाम = राहु एक्टिव। *4. किताबी कीड़ा, प्रैक्टिकल जीरो* → थ्योरी में PhD, जमीन पर फिसड्डी। बैंक बैलेंस न बढ़े, बस GK बढ़े। *5. गुरु से पंगा* → टीचर, बॉस, पिता, बड़े भाई से नहीं बने। आशीर्वाद मिलना बंद = किस्मत बंद। गुरु का श्राप सबसे भारी। *6. फेफड़े/लीवर/मोटापा* → गुरु = लीवर, फैट, कफ। वीक गुरु = अस्थमा, एलर्जी, शुगर, पीलिया। पेट बाहर, सांस फूलना। *7-8-9. नर्वस सिस्टम डाउन* → हाथ कांपना, बोलते वक्त अटकना, लिखते वक्त मिस्टेक। बुध-गुरु दोनों खराब = कम्युनिकेशन ठप। इंटरव्यू में फेल। *बोनस लक्षण:* 10. *पैसा आए पर रुके नहीं* - सेविंग जीरो 11. *संतान सुख में देरी* - या संतान बीमार 12. *शादी लेट* - लड़कियों का गुरु = पति 13. *मोटिवेशन न मिले* - गुरु = आशा। वीक गुरु = डिप्रेशन *गुरु कब कमजोर:* - मकर में नीच, अस्त, वक्री, 6-8-12 में - राहु-केतु-शनि के साथ, डिग्री 0-5 या 25-30 - पाप कर्तरी में, गुरु चांडाल दोष में *तुरंत वाले उपाय - गुरु को जिम भेजो:* 1. *पीला अपनाओ* → गुरुवार पीले कपड़े, चने की दाल, केला, हल्दी। 2. *सोना पहनो* → तर्जनी उंगली में सोने का छल्ला या पुखराज 5-7 रत्ती। 3. *बड़ों के पैर छुओ* → रोज 1 बुजुर्ग का आशीर्वाद। गुरु का डायरेक्ट चार्ज। 4. *केले के पेड़ पूजा* → गुरुवार जल + चने की दाल + गुड़। 43 दिन। 5. *झूठ, नॉनवेज, शराब बंद* → गुरु सबसे पहले इन्हीं से रूठता है। 6. *"ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः"* → 108 बार रोज। 5 मिनट। 7. *मोटापा घटाओ* → गुरु = फैट। वजन कम = गुरु स्ट्रॉन्ग। 8. *ज्ञान बांटो* → जो आए वो फ्री में सिखाओ। गुरु बांटने से बढ़ता है। *सबसे फास्ट:* विष्णु सहस्त्रनाम 1 पाठ रोज। 21 दिन में फर्क दिखे। *सार:* गुरु वीक = जिंदगी में "गाइडेंस" गायब। गुरु स्ट्रॉन्ग = बिना मेहनत भी रास्ते खुलें। इसलिए कहते हैं "गुरु बिन ज्ञान न होए"। तेरा गुरु किस भाव-राशि में है? बता, बताता हूँ कितना वीक है और क्या करना है। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
Abhilas Chauhan
582 views
14 hours ago
*100% प्रैक्टिकल पॉइंट। गुरु-राहु = "दूर के रिश्ते मजबूत"* *लॉजिक सिंपल है:* 1. *गुरु = संतान कारक* → 5th भाव, 5th लॉर्ड, गुरु खुद बच्चे का सुख दिखाता है। 2. *राहु = दूरी, विदेश, टेक्नोलॉजी* → राहु जहाँ जुड़े वहां फिजिकल दूरी बना दे पर मेंटल कनेक्शन तगड़ा कर दे। 3. *गुरु + राहु युति* → संतान तो देगा पर पास नहीं रखेगा। दूर भेज देगा। *रिजल्ट क्या होता है:* - *बच्चा विदेश सेटल* → पढ़ाई/नौकरी के लिए USA, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया चला जाए। - *दूरी के बाद प्यार बढ़े* → साथ रहो तो रोज क्लेश, दूर रहो तो फोन पे घंटे बात। वीडियो कॉल पे ज्यादा इमोशनल बॉन्ड। - *राहु = इंटरनेट* → व्हाट्सएप, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया से 24 घंटे कनेक्ट। फिजिकल दूर, डिजिटल पास। - *बच्चा एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी* → रिसर्च, IT, साइंटिस्ट, डॉक्टर बने। गुरु का ज्ञान + राहु का विदेश = ग्लोबल सक्सेस। *कब ये पॉजिटिव फल दे:* 1. *युति 5-9-11-12 भाव में* → 5th = संतान, 9th = भाग्य, 11th = लाभ, 12th = विदेश। बेस्ट। 2. *गुरु बलवान* → स्वराशि, उच्च, वर्गोत्तम। राहु को कंट्रोल कर ले। 3. *शुभ दृष्टि* → चंद्र, शुक्र, बुध देख रहे हों तो रिश्ते में मिठास। 4. *डिग्री गैप* → गुरु-राहु में 10-15 डिग्री अंतर हो तो दोष कम, योग ज्यादा। *कब दिक्कत दे:* 1. *युति 6-8 भाव में* → संतान से कोर्ट-कचहरी, बीमारी, या संतान गलत संगत में। 2. *गुरु नीच/अस्त* → राहु गुरु को खा जाए। संतान धर्म-विरुद्ध काम करे या बदनाम करे। 3. *शनि/मंगल की दृष्टि* → दूर तो जाए पर रिश्ता भी टूट जाए। सालों बात न हो। *सार:* गुरु-राहु वाले की संतान "आंख से दूर, दिल के पास" वाली। पड़ोस में रखेगा तो रोज लड़ाई, विदेश भेज देगा तो रोज "पापा मिस यू" मैसेज। *बोनस:* ये योग 5th में हो तो संतान 1 या 2 ही होती है पर बहुत नाम कमाती है। अक्सर इकलौती संतान विदेश। *उपाय अगर रिश्ते में खटास हो:* गुरुवार को बेसन लड्डू मंदिर में बांटो + बच्चे की फोटो पे रोज मोर पंख फेरो। राहु शांत, गुरु खुश। तेरी कुंडली में 5th भाव में गुरु-राहु है क्या? या 5th लॉर्ड के साथ? #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
Abhilas Chauhan
464 views
14 hours ago
*ये श्लोक = "राजा बनाने वाला महायोग"* _स्वोच्चेऽपि भूमितनयः पृथिवीश्वरस्य जन्मप्रदः सकललोकनमस्कृतस्य_ *हिंदी में मतलब:* अगर कुंडली में *सिंह लग्न हो + सूर्य सिंह में + चंद्र मेष में + शनि कुंभ में + मंगल मकर में* हो तो जातक ऐसा राजा बनता है जिसे सारी दुनिया सिर झुकाकर प्रणाम करे। *तोड़ के समझो - 4 ग्रह स्वराशि/उच्च में = महापुरुष योग* ग्रह स्थिति ताकत रिजल्ट **सूर्य** सिंह लग्न में स्वराशि + लग्नेश लग्न में आत्मबल, राजा जैसा तेज, सरकार से लाभ। बाप-दादा का नाम। **चंद्र** मेष में मित्र राशि, मंगल के घर तेज दिमाग, तुरंत निर्णय, जनता को लीड करने की क्षमता। मन का राजा। **शनि** कुंभ में स्वराशि + मूलत्रिकोण नौकर-चाकर, जनता, लेबर सब साथ। धीमा पर पक्का। 60 के बाद भी राज। **मंगल** मकर में उच्च का पराक्रम, पुलिस, सेना, जमीन। दुश्मन कांपे। हिम्मत 100%। *योग क्यों इतना तगड़ा:* 1. *लग्नेश सूर्य लग्न में* = लग्न बलवान। शरीर, नाम, आत्मा सब स्ट्रॉन्ग। "लग्न बली तो सब बली"। 2. *मंगल उच्च = रुचक महापुरुष योग* → 5 महापुरुष योग में से एक। सेना का कमांडर, पुलिस चीफ, नेता। 3. *शनि स्वराशि = शश महापुरुष योग* → दूसरा महापुरुष योग। जनता का मसीहा, लंबी उम्र, धीरज। 4. *सूर्य + मंगल = राजयोग* → सरकार + पराक्रम। सीधा मुख्यमंत्री/PM वाली फील्ड। 5. *चंद्र मेष में* = चंद्र-मंगल योग। दिमाग गर्म पर बिजनेस/युद्ध में तेज। पैसा कमाने की भूख। *4 में से 2 महापुरुष योग एक साथ = गारंटी राजयोग* ऊपर से लग्नेश भी स्वराशि। मतलब लग्न, चंद्र, सूर्य, मंगल, शनि - 5 पिलर एकदम खड़े हैं। *प्रैक्टिकल:* इस योग वाला आदमी गरीब घर में भी पैदा हो तो 35 साल तक राजा बन जाए। राजनीति, सेना, प्रशासन, बिजनेस में टॉप। मोदी जी की कुंडली में वृश्चिक लग्न है पर मंगल-चंद्र-सूर्य का ऐसा ही खेल है। *शर्त:* 1. राहु-केतु इन 4 ग्रहों के साथ न हो। 2. 6-8-12 में न फंसे। 3. गुरु की दृष्टि हो तो सोने पे सुहागा। *सार:* ये श्लोक बताता है कि *सूर्य-मंगल-शनि* तीनों ताकतवर हों + *चंद्र* सपोर्ट करे = बंदा इतिहास बनाता है। दुनिया झुकती है। किसी की कुंडली में देखा है ऐसा योग? डेट भेज, चेक कर दें। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
Abhilas Chauhan
549 views
14 hours ago
*राहु का अलार्म बज रहा है भाई। ये 10 सिग्नल = राहु की रेड लाइट* राहु सीधा वार नहीं करता। पहले इशारा देता है, फिर पटकता है। तेरे बताए 10 पॉइंट = क्लासिक राहु एक्टिवेशन: *1. पैसा फंसना/नुकसान* → राहु = माया। लक्ष्मी को भ्रम में डाल दे। शेयर, उधारी, स्कीम में पैसा डूबे। जेब कटे पर पता न चले। *2. सबमें दोष दिखना* → राहु दिमाग में काला चश्मा लगा दे। अपना गलत न दिखे, दुनिया खराब दिखे। अहंकार + शक = रिश्ते खत्म। *3. खाने में बाल* → राहु = गंदगी, धोखा। अन्न दूषित। पेट खराब, नजर दोष। घर में नेगेटिविटी का पहला सिग्नल। *4. नाखून टूटना* → शनि-राहु का असर हड्डी/कैल्शियम पर। शरीर कमजोर। एक्सिडेंट का पूर्व संकेत। *5. अपयश/कलंक* → राहु की सबसे बड़ी मार। बिना गलती बदनामी। सोशल मीडिया ट्रोल, ऑफिस पॉलिटिक्स, झूठे आरोप। *6. पराए मर्द/औरत पर नजर* → राहु = वासना, पराया माल अपना लगे। अफेयर, स्कैंडल, घर टूटे। शुक्र-राहु की युति एक्टिव। *7. सुई चुभना/अंग सुन्न* → नर्वस सिस्टम पर राहु का कब्जा। BP, गैस, लकवा का रिस्क। डॉक्टर बोले "रिपोर्ट नॉर्मल" पर तकलीफ रहे। *8. रिश्ते खराब* → राहु = अलगाव। मां-बाप, भाई-बहन, दोस्त सब दुश्मन लगे। शादी टूटने की कगार पर। *9. बिना बात झगड़ा* → जुबान पर राहु बैठ जाए। गाली अपने आप निकले। पड़ोसी, पुलिस, कोर्ट तक बात जाए। *10. वाहन कांड* → राहु = एक्सिडेंट का कारक। गाड़ी बार-बार खराब, चालान, ठुक जाए। 8th/12th राहु हो तो जानलेवा। *3 से ज्यादा सिग्नल मैच कर रहे = राहु महादशा/अंतर्दशा/गोचर एक्टिव* *तुरंत वाले उपाय - राहु की ब्रेक लगाओ:* 1. *चांदी की ठोस गोली* जेब में रखो। राहु ठंडा। 2. *नहाने के पानी में जौ* डाल के नहाओ। रोज। 3. *काले कुत्ते को रोटी* शनिवार। सरसों तेल चुपड़ के। 4. *झूठ बोलना बंद* - 1 झूठ = राहु को 1 महीना पावर। 5. *साफ-सफाई* - बाथरूम, किचन, नाली। राहु गंदगी में रहता है। 6. *दुर्गा सप्तशती* का कवच पाठ। 10 मिनट, रोज। 7. *बड़े-बुजुर्ग के पैर छुओ* - केतु स्ट्रॉन्ग = राहु वीक। 8. *नीला/काला कपड़ा कम पहनो* शनि-राहु के दिन छोड़ के। *सबसे तगड़ा:* हनुमान चालीसा 7 बार रोज + मंगलवार व्रत। हनुमान = राहु का काल। *ध्यान रख:* राहु इशारा दे रहा है मतलब अभी टाइम है। इग्नोर किया तो 18 साल पटक-पटक के सीधा करेगा। तेरे साथ कितने पॉइंट मैच हो रहे? बता, बताता हूँ दशा कौन सी चल रही। #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
Abhilas Chauhan
453 views
14 hours ago
*दशम भाव = कर्म, पिता, इज्जत, करियर का CCTV* तेरे 13 पॉइंट 100% प्रैक्टिकल हैं। शॉर्ट में खोलता हूँ: *1. दशम = डबल रोल* तेरा करियर + पिता का करियर। दशम मजबूत = बाप-बेटा दोनों सेट। दशम पीड़ित = दोनों संघर्ष। *2-3. सूर्य की मैच्योरिटी 21-22 साल* सूर्य = आत्मा + पिता + सरकार। 21-22 में सूर्य दशा/गोचर एक्टिव हो तो लड़का कमाने लगता है। सूर्य अच्छा = 22 तक सरकारी नौकरी/बिजनेस स्टार्ट। सूर्य खराब = 30 तक भटकन। *4. दशम = यश-अपयश का मीटर* दशम में शुभ ग्रह/दृष्टि = समाज में नाम। पाप ग्रह = बदनामी, बॉस से झगड़ा। दशम खाली पर शुभ दृष्ट = बेस्ट। *5-6. दशम-नवम में राहु-केतु = पिता की किस्मत में भूचाल* *केतु 9th/10th* = पिता का 360° टर्न। नौकरी छोड़ संन्यास, या अचानक सब खत्म। *राहु 10th/दशमेश संग* = पिता के खानदान में स्कैंडल, अकाल मौत, जेल, धोखा। पुश्तैनी दाग। *7-8. दशमेश 6-8-12 में = पिता को कष्ट* 6th = कर्ज-दुश्मनी, 8th = बीमारी-एक्सिडेंट, 12th = विदेश/अस्पताल/जेल। *दशम में पाप ग्रह* = पिता अकेला। भाई-बहन साथ न दें। बचपन में पिता का साया उठ जाए। *9. 4th + 6th लॉर्ड का नवम से संबंध* 4th = मन/माँ, 6th = झगड़ा/शक, 9th = पिता। ये योग = बेटे को लगे पिता का चरित्र साफ नहीं। घर में माँ-बाप का क्लेश इसी से। *10. 9-10 में राहु-केतु = जेनरेशन शिफ्ट* पिता या बेटा लीक से हटेगा। खानदान की लाइन तोड़ के नया काम। या तो फर्श या अर्श। बीच का कुछ नहीं। *11. 6-8-12 लॉर्ड 10th में* पेपर पर खराब योग पर प्रैक्टिकल में उल्टा। 6th लॉर्ड = कोर्ट-कचहरी से पैसा, 8th लॉर्ड = बीमा/गुप्त धन/ससुराल से लाभ, 12th लॉर्ड = विदेश/MNC से सफलता। या बाप जीतेगा या बेटा। *12. 10th + 12th लॉर्ड 8th में = जेल योग* 8th = गुप्त, बंधन। 10th = करियर, 12th = जेल/विदेश। तीनों 8th में = पिता/चाचा/खुद को कोर्ट-कचहरी, जेल, स्कैम में फंसना। सरकारी नौकरी हो तो सस्पेंशन। *13. दशम मजबूत + सूर्य-केतु* दशम पर गुरु/शुक्र दृष्टि + सूर्य-केतु युति = पिता मुंह से निकाले वो सच हो जाए। श्राप/आशीर्वाद फले। पिता = संत टाइप। *सार:* दशम भाव = पिता की कुंडली का लग्न। इसे पढ़ लिया तो बाप का पूरा करियर, इज्जत, अंत सब दिख जाएगा। *बोनस नियम:* शनि 10th में = देर से सफलता परमानेंट। मंगल 10th = पुलिस/सेना/सर्जन। बुध 10th = बिजनेस/CA। गुरु 10th = टीचर/जज। शुक्र 10th = एक्टर/बैंक। तेरी कुंडली का दशम कैसा है? ग्रह बता, पिता-बेटे का फ्यूचर खोल दूं। #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
Abhilas Chauhan
762 views
14 hours ago
*ग्रहों की कट-टू-कट पावर = सीनियर जूनियर का खेल* ये "विष की काट विष" वाला सिद्धांत है। जो ग्रह जितना शुभ और बलवान, वो उतने नीचे वालों का दोष काट दे। *सीढ़ी समझो - नीचे से ऊपर:* 1. *बुध > राहु* राहु = भ्रम, झूठ, अफवाह। बुध = बुद्धि, तर्क, हिसाब। जहाँ बुध स्ट्रॉन्ग, वहां राहु की चालाकी नहीं चलती। इसलिए राहु दशा में गणेश/बुध पूजा देते हैं। 2. *शनि > बुध + राहु* बुध = चंचल, राहु = शॉर्टकट। शनि = धीमा, मेहनत, नियम। शनि इन दोनों को अनुशासन में बांध दे। बुध-राहु के स्कैम शनि पकड़ लेता है। 3. *मंगल > शनि + बुध + राहु* शनि = डर, देरी। मंगल = हिम्मत, एक्शन। मंगल का साहस शनि की सुस्ती, बुध की चालाकी, राहु का डर तोड़ देता है। डर के आगे जीत है = मंगल। 4. *शुक्र > मंगल + शनि + बुध + राहु* मंगल = लड़ाई, शनि = वैराग्य। शुक्र = प्यार, समझौता, भोग। शुक्र की कूटनीति मंगल का गुस्सा, शनि की रूखाई खत्म कर दे। दुश्मन को गले लगा दे। 5. *सूर्य > शुक्र + मंगल + शनि + बुध + राहु* शुक्र = भोग में अंधा। सूर्य = आत्मा, राजा, रोशनी। सूर्य के सामने सब नंगे। अहंकार, वासना, भ्रम सब जल जाए। राजा के आगे प्रजा चुप। 6. *चंद्र > सूर्य + शुक्र + मंगल + शनि + बुध + राहु* सूर्य = तेज, गर्मी। चंद्र = शीतलता, मन। चंद्र का ठंडापन सूर्य का घमंड भी पिघला दे। मन शांत तो सारे दोष शांत। BP हाई से नॉर्मल। 7. *गुरु > सबके बाप* गुरु = ज्ञान, धर्म, जीव। अकेला गुरु सब 6 ग्रहों का जहर उतार दे। इसलिए कहते हैं "गुरु बलवान तो सब बलवान"। गुरु की दृष्टि अमृत = जिस भाव पर पड़े, वहां के सब दोष खत्म। *यूज कैसे करें:* - *राहु परेशान* → बुधवार गणेश पूजा + पन्ना। - *बुध-राहु दोनों खराब* → शनिवार शनि तेल + काला तिल। - *शनि साढ़ेसाती* → मंगलवार हनुमान चालीसा। - *मांगलिक दोष* → शुक्रवार लक्ष्मी पूजा + हीरा/ओपल। - *पितृ दोष/सूर्य खराब* → सोमवार शिव जल + मोती। - *सब गड़बड़* → गुरुवार विष्णु/केले पेड़ पूजा + पुखराज। गुरु सब ठीक कर दे। *सार:* राहु सबसे कमजोर, गुरु सबसे तगड़ा। जिसकी कुंडली में गुरु केंद्र-त्रिकोण में बैठा + शुभ दृष्ट = उसके बाकी दोष ऑटो कैंसल। *नोट:* ये जनरल नियम है। असल में डिग्री, भाव, युति देखनी पड़ती है। पर बेसिक इलाज यही है। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
Abhilas Chauhan
439 views
14 hours ago
*बिल्कुल सही। ये क्लासिक राजयोग है - "केमद्रुम भंग + उच्च पद योग"* *नियम क्या कहता है:* लग्न को छोड़ दो। अगर *चंद्रमा 4थे, 7वें या 10वें घर* में बैठा हो और उस पर *गुरु या शुक्र की दृष्टि* पड़ जाए → जातक राजा जैसा सुख, बड़ा पद, समाज में नाम। *लॉजिक क्यों काम करता है:* 1. *चंद्र = मन + जनता* → 4/7/10 = केंद्र भाव। केंद्र में चंद्र = मजबूत बेस। 4th = जनता का सुख, 7th = पब्लिक डीलिंग, 10th = कर्म/करियर। 2. *गुरु की दृष्टि = अमृत* → गुरु जहाँ देखे वहां जीवनी शक्ति डाल दे। चंद्र पर गुरु की 5/7/9 दृष्टि = मन को ज्ञान, बैलेंस, निर्णय शक्ति। अफसर, मंत्री, टीचर, जज बनाता है। 3. *शुक्र की दृष्टि = रॉयल टच* → शुक्र = भोग, लक्जरी, कूटनीति। चंद्र पर शुक्र की 7वीं दृष्टि = चेहरा सुंदर, बात में मिठास, जनता खिंची चली आए। फिल्म, राजनीति, बिजनेस में टॉप। *4-7-10 का खास मतलब:* - *4th में चंद्र* + गुरु/शुक्र दृष्टि → माँ से संपत्ति, घर-गाड़ी, जनता का प्यार। मुख्यमंत्री/MLA टाइप। - *7th में चंद्र* + गुरु/शुक्र दृष्टि → पत्नी/पार्टनर से नाम। पब्लिक फेस। बिजनेस, विदेश में नाम। - *10th में चंद्र* + गुरु/शुक्र दृष्टि → सीधा करियर का राजयोग। ऑफिस में सबसे ऊंची कुर्सी। IAS, CEO, नेता। *शर्तें:* 1. चंद्र अकेला न हो → केमद्रुम न बने। आगे-पीछे ग्रह हों तो और पावरफुल। 2. चंद्र पक्ष बली हो → शुक्ल पक्ष की दशमी से कृष्ण पक्ष पंचमी तक। 3. गुरु-शुक्र खुद पीड़ित न हों → नीच, अस्त, राहु-केतु साथ न हों। 4. चंद्र पर शनि-राहु-केतु-मंगल की दृष्टि न हो → वरना फल 50% कट जाएगा। *हकीकत:* ये "सामान्य जानकारी" है पर 80% कुंडली में काम करती है। मोदी, अमिताभ, टाटा सबके चार्ट में चंद्र केंद्र में शुभ दृष्ट है। *उदाहरण:* कर्क लग्न, चंद्र 10th में, गुरु 6th से 5वीं दृष्टि डाल रहा → सीधा कलेक्टर/नेता योग। तेरी कुंडली में चंद्र कहाँ है? गुरु-शुक्र देख रहे क्या? बता, चेक कर देता हूँ। #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌