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Syed Mokit Ali
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Syed Mokit Ali
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23 hours ago
#🥹मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन👨‍🎤 अलविदा दुनिया की महान संगीतज्ञ आशा भोंसले जी
Syed Mokit Ali
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1 months ago
अहमदाबाद में खेले गए रोमांचक मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को हराकर भारत ने तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर नया इतिहास रच दिया। 🇮🇳🏆 यह ऐतिहासिक और रिकॉर्ड-तोड़ जीत पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। जय हिंद, जय भारत! 🇮🇳 #TeamIndia #T20WorldCup #🏏T20 अपडेट 📰 #🏏 क्रिकेट अपडेट 🏆 #🤪क्रिकेट मीम्स 🤣 #🏏 सूर्यकुमार यादव #🏏 बेस्ट क्रिकेट मोमेंट्स
Syed Mokit Ali
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1 months ago
अहमदाबाद में खेले गए रोमांचक मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को हराकर भारत ने तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर नया इतिहास रच दिया। 🇮🇳🏆 यह ऐतिहासिक और रिकॉर्ड-तोड़ जीत पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। जय हिंद, जय भारत! 🇮🇳 #TeamIndia #T20WorldCup #🏏T20 अपडेट 📰 #🤩जसप्रीत बुमराह #🏏 क्रिकेट अपडेट 🏆
Syed Mokit Ali
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5 months ago
#💐मौलाना अबुल कलाम आज़ाद जयंती💐 #📚राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 🎒 #शिक्षा दिवस डे #National_Education_day #शिक्षा_दिवस_की_बधाई #मौलाना_अबुल_कलाम_आज़ाद या अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान थे। वे कवि, लेखक, पत्रकार और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। भारत की आजादी के बाद वे पहले शिक्षा मंत्री बने। मौलाना आजाद का जन्म 11 नवंबर, 1888 को मक्का, सऊदी अरब में हुआ था। उनका असल नाम अबुल कलाम गुलाम मोहिउद्दीन अहमद था लेकिन वह मौलाना आजाद के नाम से मशहूर हुए। मौलाना आजाद स्वतंत्रता संग्राम के अहम लीडरों में से एक थे। वह लीडर के साथ-साथ पत्रकार और लेखक भी थे। उन्होंने 1912 में एक साप्ताहिक पत्रकारिता निकालना शुरू किया। उस पत्रिका का नाम अल हिलाल था। अल हिलाल के माध्यम से उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द और हिंदू मुस्लिम एकता को बढ़ावा देना शुरू किया और साथ ही ब्रिटिश शासन पर प्रहार किया। जब खिलाफत आंदोलन छेड़ा गया तो उसके प्रमुख लीडरों में से एक आजाद भी थे। खिलाफत आंदोलन के दौरान उनका महात्मा गांधी से सम्पर्क हुआ। उन्होंने अहिंसक नागरिक अवज्ञा आंदोलन में गांधीजी का खुलकर समर्थन किया और 1919 के रॉलट ऐक्ट के खिलाफ असहयोग आंदोलन के आयोजन में भी अहम भूमिका निभाई। महात्मा गांधी उनको 'ज्ञान सम्राट' कहा करते थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट में 1947 से 1958 तक मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा मंत्री रहे। 22 फरवरी, 1958 को हृदय आघात से उनका निधन हो गया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने आईआईटी, आईआईएम और यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) जैसे संस्थानों की स्थापना में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उनके योगदानों को देखते हुए 1992 में उनको भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उनके जन्मदिन को भारत में नैशनल एजुकेशन डे यानी राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया जाता है। आज उनकी जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन। #NationalEducationDay
Syed Mokit Ali
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5 months ago
#💐मौलाना अबुल कलाम आज़ाद जयंती💐 #National_Education_day #शिक्षा_दिवस_की_बधाई #मौलाना_अबुल_कलाम_आज़ाद या अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान थे। वे कवि, लेखक, पत्रकार और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। भारत की आजादी के बाद वे पहले शिक्षा मंत्री बने। मौलाना आजाद का जन्म 11 नवंबर, 1888 को मक्का, सऊदी अरब में हुआ था। उनका असल नाम अबुल कलाम गुलाम मोहिउद्दीन अहमद था लेकिन वह मौलाना आजाद के नाम से मशहूर हुए। मौलाना आजाद स्वतंत्रता संग्राम के अहम लीडरों में से एक थे। वह लीडर के साथ-साथ पत्रकार और लेखक भी थे। उन्होंने 1912 में एक साप्ताहिक पत्रकारिता निकालना शुरू किया। उस पत्रिका का नाम अल हिलाल था। अल हिलाल के माध्यम से उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द और हिंदू मुस्लिम एकता को बढ़ावा देना शुरू किया और साथ ही ब्रिटिश शासन पर प्रहार किया। जब खिलाफत आंदोलन छेड़ा गया तो उसके प्रमुख लीडरों में से एक आजाद भी थे। खिलाफत आंदोलन के दौरान उनका महात्मा गांधी से सम्पर्क हुआ। उन्होंने अहिंसक नागरिक अवज्ञा आंदोलन में गांधीजी का खुलकर समर्थन किया और 1919 के रॉलट ऐक्ट के खिलाफ असहयोग आंदोलन के आयोजन में भी अहम भूमिका निभाई। महात्मा गांधी उनको 'ज्ञान सम्राट' कहा करते थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट में 1947 से 1958 तक मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा मंत्री रहे। 22 फरवरी, 1958 को हृदय आघात से उनका निधन हो गया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने आईआईटी, आईआईएम और यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) जैसे संस्थानों की स्थापना में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उनके योगदानों को देखते हुए 1992 में उनको भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उनके जन्मदिन को भारत में नैशनल एजुकेशन डे यानी राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया जाता है। आज उनकी जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन। #NationalEducationDay
Syed Mokit Ali
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5 months ago
#📚राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 🎒 #National_Education_day #शिक्षा_दिवस_की_बधाई #मौलाना_अबुल_कलाम_आज़ाद या अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान थे। वे कवि, लेखक, पत्रकार और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। भारत की आजादी के बाद वे पहले शिक्षा मंत्री बने। मौलाना आजाद का जन्म 11 नवंबर, 1888 को मक्का, सऊदी अरब में हुआ था। उनका असल नाम अबुल कलाम गुलाम मोहिउद्दीन अहमद था लेकिन वह मौलाना आजाद के नाम से मशहूर हुए। मौलाना आजाद स्वतंत्रता संग्राम के अहम लीडरों में से एक थे। वह लीडर के साथ-साथ पत्रकार और लेखक भी थे। उन्होंने 1912 में एक साप्ताहिक पत्रकारिता निकालना शुरू किया। उस पत्रिका का नाम अल हिलाल था। अल हिलाल के माध्यम से उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द और हिंदू मुस्लिम एकता को बढ़ावा देना शुरू किया और साथ ही ब्रिटिश शासन पर प्रहार किया। जब खिलाफत आंदोलन छेड़ा गया तो उसके प्रमुख लीडरों में से एक आजाद भी थे। खिलाफत आंदोलन के दौरान उनका महात्मा गांधी से सम्पर्क हुआ। उन्होंने अहिंसक नागरिक अवज्ञा आंदोलन में गांधीजी का खुलकर समर्थन किया और 1919 के रॉलट ऐक्ट के खिलाफ असहयोग आंदोलन के आयोजन में भी अहम भूमिका निभाई। महात्मा गांधी उनको 'ज्ञान सम्राट' कहा करते थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट में 1947 से 1958 तक मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा मंत्री रहे। 22 फरवरी, 1958 को हृदय आघात से उनका निधन हो गया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने आईआईटी, आईआईएम और यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) जैसे संस्थानों की स्थापना में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उनके योगदानों को देखते हुए 1992 में उनको भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उनके जन्मदिन को भारत में नैशनल एजुकेशन डे यानी राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया जाता है। आज उनकी जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन। #NationalEducationDay