`सीरीज - "हारे का सहारा - बाबा श्याम की महिमा"` 🏰
दिन 5:
*हेडलाइन:* ```कैसे प्रकट हुए खाटू नरेश? जानिए मंदिर के निर्माण की अद्भुत कहानी!```
जय श्री श्याम! अब तक हमने बाबा के बलिदान और वरदान की कथा सुनी। आज हम जानेंगे कि कलयुग में बाबा का शीश कहाँ और कैसे प्रकट हुआ।
*पवित्र कुंड का रहस्य:*
```महाभारत युद्ध के हजारों साल बाद, राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गाँव में एक अद्भुत घटना घटी। वहां एक गाय एक निश्चित स्थान पर खड़ी होकर अपने स्तनों से दूध की धारा बहाने लगती थी। जब उस स्थान की खुदाई की गई, तो वहां से बाबा श्याम का वह दिव्य 'शीश' प्रकट हुआ।```
*राजा रूप सिंह का स्वप्न:*
```कहा जाता है कि उस समय के राजा रूप सिंह चौहान को स्वप्न में बाबा ने दर्शन दिए और मंदिर बनवाने का आदेश दिया। बाबा ने निर्देश दिया कि उनके शीश को मंदिर में स्थापित किया जाए। कार्तिक मास की एकादशी को वह शीश मंदिर में सुशोभित किया गया।```
*मंदिर की महिमा:*
```आज वही स्थान "खाटू धाम" के नाम से प्रसिद्ध है। यहाँ की मिट्टी का कण-कण पावन है और जिस कुंड (श्याम कुंड) से बाबा का शीश निकला था, वहां स्नान करने मात्र से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।```
*आज की पंक्तियाँ:*
> "मिट्टी भी जहाँ की सोना है, वो मेरा खाटू धाम है।
> कण-कण में जहाँ खुशबू है, वहां बसता बाबा श्याम है।"
"लीले के अश्वार की जय!" 🚩
📍 आज की हाजिरी: क्या आप कभी खाटू धाम गए हैं? कमेंट्स में अपनी यादें साझा करें ❤️ #🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏