फॉलो करें
new india shops
@1854146603
110
पोस्ट
116
फॉलोअर्स
new india shops
420 ने देखा
#संतरामपालजी_बोधदिवस_निमंत्रण #bhandara #Gurudwara 17 फरवरी को उस महान संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया। और देखते ही देखते पूरे विश्व में अपने तत्वज्ञान का परचम लहरा दिया। 15, 16, 17 फरवरी को संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में आयोजन किया जा रहा है। संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में सभी सतलोक आश्रमों में संत गरीबदास जी महाराज जी की अमर वाणी का अखंड पाठ चल रहा है। साथ ही विशेष कार्यक्रम जैसे नशा मुक्त अभियान, दहेज मुक्त शादियां, रक्तदान शिविर का आयोजन, शुद्ध देसी घी द्वारा निर्मित भंडारा इत्यादि की व्यवस्था चल रही है। जिसमें संपूर्ण विश्व को आमंत्रित किया गया है।
new india shops
440 ने देखा
#संतरामपालजी_बोधदिवस_निमंत्रण दिव्य महासंगम में सपरिवार सादर आमंत्रित हैं। परम संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस 17 फरवरी पावन तिथि: 15, 16, 17 फरवरी 2026 आयोजन: समस्त सतलोक आश्रमों में 3 दिवसीय विशाल भंडारा विशेष सेवाएँ: निःशुल्क नामदीक्षा, सामूहिक दहेज मुक्त विवाह और रक्तदान शिविर और विश्व के सभी महान भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों के अनुसार भारत का एक महापुरुष विश्व को मानवता के सूत्र में बांध देगा। वह महापुरुष जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज हैं जिनका 17 फरवरी को बोध दिवस है। इस उपलक्ष्य में सभी सतलोक आश्रमों में तीन दिवसीय निःशुल्क विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं। 5Days Left For Bodh Diwas
new india shops
4.6K ने देखा
#TrueWorship_CuresCancer ऋग्वेद मंडल नंबर 10 सुक्त नंबर 161 मंत्र नंबर 2 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा असाध्य रोग को नष्ट करके स्वस्थ कर देता है यदि रोगी मृत्यु को भी प्राप्त हो चुका हो तो भी परमात्मा उसे जीवित करके 100 वर्ष की आयु बढ़ा देता है। पुण्यकर्मों से सुख आते हैं तथा पापकर्मों से रोग व दुःख आते हैं। लेकिन यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 तथा यजुर्वेद अध्याय 8 मन्त्र 13 में प्रमाण है पूर्ण परमात्मा पापकर्म को भी काट देता है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताई वेद शास्त्रों से प्रमाणित सद्भक्ति से कैंसर जैसी लाइलाज बीमारियों तथा दुःखों का अंत हो जाता है। Sa TrueStory YouTube
new india shops
510 ने देखा
#किसान_संतगरीबदास_गरिमासम्मान #HonorAward #haryana #sanewschannel 14 गामा खाप छारा, 24 गामा खाप गुलिया, समस्त खाप व किसान यूनियन झज्जर द्वारा संत रामपाल जी महाराज को किसान संत गरीबदास गरिमा सम्मान से नवाजा गया। झज्जर के बहुत ज्यादा गाँव में बरसात का पानी भर गया था। लेकिन संत रामपाल ने एक एप्लीकेशन के ऊपर हर गाँव में मोटर, पाइप, बैंड, यहाँ तक नट भी दे दिए। जिससे हताश किसानों के, गरीबों के घरों में पुनः खुशी लौट सकी। #sanewschannel
new india shops
521 ने देखा
पूर्ण परमात्मा कविर्देव चारों युगों में आए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामी लोक में मानव सदृश कविर्देव नाम से विद्यमान थे। कबीर परमात्मा ने फिर सतलोक की रचना की, बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व वेदों की रचना की इसलिए वेदों में कविर्देव का विवरण है। गुरुग्रन्थ साहेब पृष्ठ 721, महला 1 में श्री नानक जी ने कहा है कि - “हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदीगार। नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक” भावार्थ: हे कबीर परमेश्वर जी मैं नानक कह रहा हूँ कि मेरा उद्धार हो गया, मैं तो आपके सेवकों के चरणों की धूर तुल्य हूँ।#SupremeGodKabir #🙏🏻गुरबानी Sant RampalJi YouTube
new india shops
550 ने देखा
##AmazingBenefits_OfTrueWorship #SaTrueStoryYouTube #SaTrueStoryYouTubeChannel #worship सतभक्ति करने से नशे से भी छुटकारा मिलता है। शराब तथा तम्बाकू के प्रति नफरत हो जाती है। वर्तमान में सतभक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है। कबीर, जब ही सत्यनाम हृदय धरयो भयो पाप को नाश। मानो चिंगारी अग्नि की पड़ी पुराने घास ।। कबीर साहेब के अवतार संत रामपाल जी महाराज वही भक्ति बताते हैं जो कबीर साहेब ने बताई है। जिससे पाप नाश होते हैं, भक्तों को अनगिनत लाभ मिल रहे हैं, उनके साथ आये दिन चमत्कार हो रहे हैं।
new india shops
517 ने देखा
#यथार्थ_गीता_ज्ञान #gita #krishna गीता जी अध्याय 11 श्लोक 32 में साफ लिखा है कि मैं बड़ा हुआ काल हूं मैं सर्व लोगों को खाने के लिए भी प्रकट हुआ हूं जो अपने विराट को भी दिखता है क्योंकि कृष्ण जी का विराट रूप चतुर्भुज है फिर अर्जुन सहस्त्रबाहु के नाम से संबोधित किसको कर रहा है अधिक जानने के लिए पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा।
new india shops
1.7K ने देखा
#यथार्थ_गीता_ज्ञान पवित्र गीता जी अध्याय 9 श्लोक 25 में साफ लिखा है कि भूतों को पूजोगे तो भूतों की योनियों में जाओगे और पितर पूजोगे तो पितर योनि में जाओगे। फिर क्यों आप श्राद्ध कर्म, पिंड दान आदि करते हो? ये मोक्ष मार्ग के विपरीत क्रियाएं हैं। गीताजी अध्याय 4 श्लोक 5 में गीता ज्ञान देने वाला भगवान स्वयं को जन्म मरण के अंतर्गत बता रहा है, फिर जन्म मरण से परे अविनाशी व पूजनीय पूर्ण परमात्मा कौन है? जानने के लिए पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा। Sant Rampal Ji Maharaj
See other profiles for amazing content