१) और कुछ नहीं दरकार मुझे....
"या रब".....
मेरी चादर मेरे पांव के बराबर कर दे....!!
२) दर्द को छुपाना क्या सीख लिया
लोग समझने लगे...
हमे तकलीफ ही नहीं होती ।
३) उनकी चाहत मैं रूसवा यूँ....सरे बाजार हो गये
हमने ही दिल खोया और हम ही गुनहगार हो गये !!
४) अकेले मशहूर नहीं होना हमें जमाने में.
गुनाह_ए_इश्क में उन्हे भी शामिल करेंगे हम
५) टूटे रिश्तो का श्राद्ध करके
उन्हें मुक्त कर देना ही
प्रेम की अंतिम नियति होती है...
६) *प्रेम के साथ....*
*भय का भी उदय होता हैं...*
*कमबख़्त....*
*ये उन्हे खोने का डर ही तो प्रेम है..*
७) घाट का एक खामोश ,*पत्थर* हूँ मै,
..मैनें नदी के हज़ार ,*नख़रे* देखे है..!
८) कुछ भरम टूटेंगे………कुछ यकीन बदलेंगे
आप बस इक दफ़ा मुझसे मिलना कभी……
९) इस दिल में अब दुष्मनो के लिये जगह ही नही है । दोस्तो का कब्जा कुछ जादा हो गया है ।।
१०) खूबसूरत होते है वो पल,
जब पलकों में सपने होते है,
चाहे जितने भी दूर रहें,
पर अपने तो अपने होते है। #💔प्रेम की यातना