सब आगे निकल गए
और मैं आज भी वहीं खड़ा हूँ हर दिन कोशिश करता हूँ... कुछ बनने की, कुछ बदलने की। पर ना हालात बदलते हैं...
ना किस्मत ।
लोग पूछते हैं-"अभी तक कुछ नहीं किया?" और मैं बस चुप हो जाता हूँ। जेब खाली है.. पर उम्मीद अब भी ज़िंदा है। कभी लगता है शायद मैं ही पीछे रह गया हूँ... पर फिर खुद से कहता हूँ-देर से सही.. मैं भी एक दिन पहुँचूँगा
#🌞 Good Morning🌞