#🌿आयुर्वेद
ऑरेंज जूस के फायदे*
ऑरेंज जूस में Vitamin C होता है जो स्किन के लिए बहुत ही इफेक्टिव होता है. ऑरेंज bleaching का काम करती है , इसलिए रोज ऑरेंज जूस पिने से हमारी स्किन fair भी होती है और glow भी करती है.
ऑरेंज जूस हमारी स्किन को अंदर से vitamin C प्रोवाइड करता है,जिससे हमारी स्किन की इनर लेयर फेयर होती है और रिजल्ट आउटर स्किन लेयर पर भी दिखाई देता है।
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For eye weakness:
जो लोग चश्मा पहनते हैं या आँखों की कोई भी तकलीफ है तो उन्हें त्रिफला रसायन रोज 11 ग्राम सुबह और 11 ग्राम शाम को लेना चाहिए बापूजी 68 की आयु में बिना चश्मे के पढ़ते हैं क्योंकि उन्होंने भी त्रिफला रसायन का प्रयोग किया है सभी साधकों को उनका अनुसरण करना चाहिए
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नीम के तेल का उपयोग*
नीम के तेल में मौजूद गुण बालों को टूटने नहीं देते और बालों को जड़ से मजबूत बनाते है ।
नीम के तेल में एंटी बेक्टीरियन त्तव पाए जाते हैं जो दांतों में होने वाली समस्यओं जैसे दांतों के दर्द, दांतों का कैंसर, दांतों में सड़न आदि में राहत देता है।
नीम के तेल से मालिश करने से चेहरे से दाग यानि एक्ने की समस्या दूर होती है।
यदि मच्छरों से परेशान हो तो नीम के तेल की 12 बूंदों को एक कटोरा नारियल तेल में मिलाकर शरीर पर मालिश करें इससे आपको मच्छर काटेगें नहीं।
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किस चीज में फायदेमंद है कच्ची हल्दी? वेट लॉस करना है तो ऐसे करें सेवन, यहां जानें टिप्स
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भारतीय रसोई और आयुर्वेद में कच्ची हल्दी को एक शक्तिशाली औषधि माना गया है। इसमें मौजूद करक्यूमिन, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इसे सेहत का खजाना बनाते हैं।
वजन घटाने में सहायक
मोटापे के दौरान शरीर में बढ़ने वाली सूजन (इंफ्लेमेशन) को करक्यूमिन नियंत्रित करता है, जिससे फैट सेल्स का बनना धीमा हो जाता है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज कर पाचन तंत्र को दुरुस्त करती है, जिससे शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं होती।
इम्युनिटी और डिटॉक्स
कच्ची हल्दी शरीर को डिटॉक्स कर लिवर को स्वस्थ रखती है। इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाते हैं, जिससे आप अधिक एक्टिव महसूस करते हैं। यह वजन घटाने के साथ-साथ त्वचा में प्राकृतिक चमक लाती है और उम्र के असर को कम करती है।
सेवन का सही तरीका
सुबह खाली पेट: गुनगुने पानी या शहद के साथ छोटा टुकड़ा लें।
हल्दी की चाय: कद्दूकस की हुई हल्दी को पानी में उबालकर नींबू और काली मिर्च के साथ पिएं। काली मिर्च करक्यूमिन के अवशोषण को कई गुना बढ़ा देती है।
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3 बड़ी बीमारियों का इलाज है लौकी के छिलके*
1 सनबर्न या टैनिंग - आपको यह जानकर हैरानी होगी, लेकिन लौकी के छिलके का प्रयोग धूप से झुलसी एवं काली हो चुकी त्वचा के लिए बेहद फायदमंद साबित हो सकता है। इसके लिए बस इन छिलकों का पेस्ट बनाना है, और त्वचा पर लगाकर रखना है और फिर धो लेना है।
2 गर्माहट व जलन - अधिक गर्मी के कारण त्वचा एवं पैर के तलवों में जलन होने लगती है, जिससे बचने के लिए लौकी के छिलकों का प्रयोग किया जा सकता है। इन छिलकों को त्वचा पर रगड़ने से राहत मिलती है।
3 बवासीर - बवासीर या पाइल्स की समस्या होने पर भी लौकी के छिलके फायदेमंद है। इन छिलकों को सुखाकर पाउडर बना लें और इसे रोजाना ठंडे पानी के साथ दिन में दो बार सेवन करें। जल्द राहत मिलेगी।