#🌿आयुर्वेद
*क्या आप भी चाय बनाने के बाद चायपत्ती कूड़े में फेंक देती हैं?*
बची हुई चायपत्ती को इन कामों में इस्तेमाल कर सकते हैं:
1. चायपत्ती में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. ऐसे में चोट या किसी जख्म पर चायपत्ती का लेप लगाना फायदेमंद रहता है. उबली हुई चायपत्ती को अच्छी तरह धो लें. इसे चोट पर लगाने से घाव जल्दी भर जाएगा. इसके अलावा आप चाहें तो चायपत्ती को धोकर दोबारा उबाल लें. इस पानी से घाव धोना भी फायदेमंद रहेगा.
2. चायपत्ती का पानी एक बेहतरीन कंडिशनर होता है. चायपत्ती को धोकर दोबारा उबाल लें. इस पानी से बालों को धोएं. इससे बाल चमकदार और सॉफ्ट हो जाएंगे.
3. चायपत्ती को दोबारा धोकर सुखा लें. काबुली चने बनाते समय इस चायपत्ती का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे चने की रंगत निखर जाएगी.
4. इस चायपत्ती को दोबारा उबाल लें. इस पानी को एक स्प्रे बॉटल में भरकर, फर्नीचर की सफाई करें. इससे फर्नीचर चमक उठेंगे.
5. बची हुई चायपत्ती को अच्छी तरह साफ कर लें. इस चायपत्ती का इस्तेमाल खाद के रूप में भी किया जा सकता है.
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*कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्या बनी रहती है, तो बाईं साइड करवट करके सोए और फायदा देखें*
1 बाईं करवट सोना आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत अच्छा होता है। इससे आपके दिल पर अधिक दबाव नहीं पड़ता, और वह बेहतर तरीके से कार्य कर पाता है। जिससे आप अधिक समय तक स्वस्थ रह पाते हैं।
2 इस तरह से शरीर के विभिन्न अंगों और दिमाग तक रक्त के साथ ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक तरीके से होता है, और शरीर के सभी अंग स्वस्थ रहते हैं और अच्छी तरह से कार्य करते हैं।
3 गर्भवती महिलाओं के लिए बाईं करवट सोना ही सबसे बेहतर होता है। क्योंकि उससे गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। इसके अलावा एड़ी, हाथों और पैरों में सूजन की समस्या भी नहीं होती।
4बाईं करवट सोने से शरीर में रक्त कर संचार बेहतर होता है और नींद भी अच्छी आती है। इस तरह से सोने पर आपको उठने पर थकान महसूस नहीं होगी और पेट संबंधी समस्याएं भी हल हो जाएंगी।
5 इस तरह से सोने पर भोजन अच्छी तरह से पचता है, और पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता।
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*कमज़ोरी दूर करने के लिए आंवला*
आंवला एक बेहतरीन प्राकृतिक उत्पाद है, जो आपकी त्वचा तथा बालों के लिए काफी अच्छा साबित होता है। सालों से इसका प्रयोग त्वचा और बालों की अच्छी देखभाल के लिए किया जाता रहा है। इसमें कार्बोहाइड्रेट्स (carbohydrates), विटामिन सी (vitamin C), आयरन (iron), फॉस्फोरस (phosphorous) और प्रोटीन (protein) की काफी मात्रा होती है, अतः इसके सेवन से आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (immune system) मज़बूत होती है और आपकी कमज़ोरी को दूर करती है। इसके लिए आंवले का रस निकालें। अगर इसका स्वाद आपको खट्टा (sour) लगे तो आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं। इसे दिन में दो से तीन बार पीने से आप काफी ऊर्जावान (energetic) महसूस करेंगे।
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*करें हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का सेवन*
हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का सेवन से आखो की रौशनी बढ़ती है तथा अन्य नेत्र रोगों में भी बचाव होता है। इनके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। अतः किसी न किसी रूप में इनका उपयोग करना चाइये।