#🌿आयुर्वेद
*गर्मियों में इन 5 तरीकों से नहाएंगे तो पूरा दिन महकते रहेंगे आप*
1 नीम बाथ - अगर आप गर्मी में त्वचा से संबंधित समस्याएं महसूस कर रहे हैं, तो यह बाथ आपके लिए उपयोगी है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद होता है, जिनके शरीर पर फोड़े-फुंसी जैसी समसयाएं होती हैं। इसके लिए नीम व पुदीने की पत्तियों को उबालकर उस पानी को ठंडा करके उस पानी से नहाएं।
2 रोज बाथ - दिन भर बेहद खुशबूदार बने रहने के लिए इस मौसम में देसी गुलाब से नहाने का मजा ही कुछ और है। पांच-छह देसी गुलाब के पत्तों को एक मग पानी में मिलाकर रखें। सादे पानी से नहाने के बाद गुलाब के पत्तों वाले पानी से नहाएं। इससे दिन भर गुलाब की खुशबू आती रहती है।
3 जैस्मिन बाथ - चमेली के फूलों को बाथ टब में डालकर रखें और इस पानी से नहाएं। यह बाथ न केवल आपको दिनभर तरोताजा बनए रखेगा, बल्कि मानसिक और शारीरिक तनाव को भी दूर करेगा।
4 डियो बाथ - यह उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जिनके शरीर से गर्मी के मौसम में बहुत ज्यादा पसीने की बदबू आती है। पसीने के दुर्गंध से बचने के लिए एक बाल्टी पानी में नमक व एक चम्मच डियो मिलाकर इस पानी से नहाएं। इससे ताजगीभरा अहसास होता है। साथ ही दिन भर बॉडी से एक भीनी-भीनी सी खुशबू आती है।
5 आरोमा बाथ - आरोमा थैरेपी बाथ भी गर्मी में एक अच्छा विकल्प है। इसके लिए एसेंशियल ऑइल की कुछ बूंदों को अपने बाथ टब में या बाल्टी में डालें और उस पानी से स्नान कीजिए। आप कोई भी हल्का भीना फ्लेवर ले सकते हैं जिससे आप तरोताजा महसूस करते हैं।
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ब्लड प्रेशर और हॉर्ट के मरीज सर्दी में बरतें खास एहतियात:
कड़ाके की सर्दी उच्च रक्तचाप के मरीजों तथा दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिये परेशानी का सबब बन सकती है और ऐसे में उन्हें साथ खान पान पर विशेष ध्यान देने के साथ तेल और मक्खन से बने खादय पदार्थों से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि जरा सी लापरवाही उन्हें अस्पताल पहुंचा सकती है।
सर्दियां बच्चों और बुजुर्गों के लिये तो खतरनाक होती हैं, उन लोगों के लिये सबसे अधिक परेशानी का कारण बन सकती हैं जो कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं या दिल की किसी बीमारी से पीड़ित हैं । डॉक्टरों के मुताबिक इस मौसम में शराब का इस्तेमाल कतई न करें क्योंकि शराब के सेवन से फौरी तौर पर तो ठंड कम लगेगी, लेकिन इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाएगा और ब्लड शुगर में भी वृद्धि होने से नुकसान होने का खतरा है। डाक्टरों के अनुसार ठंड के मौसम में पसीना नहीं आने से शरीर में नमक का स्तर बढ़ जाता है, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है ।
सर्दी में सामान्यत: शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और लोग व्यायाम वगैरह से भी कतराते हैं जिससे रक्तचाप बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। यह बढ़ा हुआ रक्तचाप ब्रेन स्ट्रोक की आमद की दस्तक भी हो सकता है। रोगियों को सर्दी के मौसम में पराठे, पूरी और अधिक चिकनाई वाले खादय पदार्थों से बचना चाहिए। सर्दी में दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जो कभी कभी उस पर भारी पड़ जाती है ।
सर्दी भगाने के लिए शराब के अलावा गजक, रेवड़ी या तिल के लडडू से भी दूरी बनाए रखें। ठंड के मौसम में अस्पतालों के कार्डियोलोजी विभाग में अचानक मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हो जाता है और इसकी वजह आम तौर पर बदपरहेजी ही होती है।
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Heart Blockage:
डॉक्टर भारी रुकावट बोलकर जल्दी एमरजेन्सी में ऑपरेशन करवाओ बोले तो मत करवाना
आश्रम के डॉक्टर की दवाई लेना
अगर आश्रम नहीं जा सकते तो देसी गाय का झरण ( गौ मूत्र) 40-50 मि ली छान कर पिला दो तो रुकावट खुल जायेगी और हृदय की परेशानियाँ दूर हो जायेंगी