#ईश्वर आस्था#🙏कर्म क्या है❓
#सतगुरुजी_की_अनमोल_ज्ञान_आत्मा_मे_मनन_करो!
🙇 🙏सतगुरु मोहे भावै, जो नैनन अलख लखावै।। ढोलत ढिगै ना बोलत बिसरै, सत उपदेश दृढ़ावै।।
आंख ना मूंदै कान ना रूदैं ना अनहद उरझावै। प्राण पूंज क्रियाओं से न्यारा, सहज समाधि बतावै।।
कबीर,सतगुरु के दरबार मे, जाइयो बारम्बार
भूली वस्तु लखा देवे, है सतगुरु दातार।
हमे सच्चे गुरु की शरण मे आकर बार बार उनके दर्शनार्थ जाना चाहिए और ज्ञान सुनना चाहिए।
#🙏गुरु महिमा😇#❤️जीवन की सीख
#न_जन्मा_न_मरा
🙇🏿🌹परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन गई और इस तरह की लीला परमात्मा स्वयं ही करते हैं।
कबीर साहेब जी 120 वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर हजारों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए।
तभी आकाशवाणी होती है -
"उठा लो पर्दा,नहीं है मुर्दा।"
चादर उठाने पर, शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल मिले। उनका शरीर नहीं मिला था।
508th God Kabir NirvanDiwas
#ईश्वर आस्था#🙏गुरु महिमा😇
#भगवान_केप्रति_आधिनी_भाव_होना_मनमे_दोस_ना_हो!
🪷🌺पांच तत्व का धड़ नहीं मेरा, जानुं ज्ञान अपारा।
सत्य स्वरूपी नाम साहेब का, सोई नाम हमारा।।
हाड़, चाम, लहु नहीं मेरे, कोई जाने सत्य नाम उपासी।
तारन तरन अभय पद दाता, मैं हूं कबीर अविनाशी।।
कबीर परमेश्वर जी ने स्वयं कहा था कि मेरा पांच तत्व से बना शरीर नहीं है। मैं अविनाशी परमात्मा हूँ। न मेरा जन्म होता, न मृत्यु। सबका उद्धार करने आया हूँ।
#🙏कर्म क्या है❓#❤️जीवन की सीख
#निमंत्रण_संसारको_सम्मानकेसाथमगहर से सतलोक गया, कबीरा जाका पाया नहीं शरीरा
श्रद्धालुजनों! दिनांक 27 से 29 जनवरी 2026 को परमेश्वर कबीर जी के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य पर महासमागम का भव्य आयोजन किया जा रहा है।हम आपसे अनुरोध करते हैं कि सपरिवार इस पावन अवसर पर पधारें और परमात्मा की असीम कृपा का लाभ प्राप्त करें। यह आयोजन आपके जीवन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा।
#ईश्वर आस्था#🙏कर्म क्या है❓
कबीरसाहेब_जीकहते_हैकि_ये_जग_सपना_है !🍂गरीब, काशी करोंत लेत हैं, आन कटावें शीश। बन-बन भटका खात हैं, पावत ना जगदीश ।शास्त्रविरूद्धसाधकनकली-स्वार्थी गुरूओं द्वारा भ्रमित होकर कोई जंगल में जाता है। कोई काशी शहर में करौंत से सिर कटवाने में मुक्ति मानता है।इस प्रकार की व्यर्थ साधना जो शास्त्रोक्त नहीं है, करने से कोई लाभ नहीं होता।
#❤️जीवन की सीख#ईश्वर आस्था!
#SacrificedAll_LostMoksha ⚧️करौंत का भ्रम: काशी के ब्राह्मणों ने 'करौंत' (आरी)केमाध्यम से मोक्ष का झूठा लालच फैलाया, जिसे अज्ञानता वश लोगों नेसचमान लिया।संत गरीबदास जी ने स्पष्ट किया कि काशी में प्राणत्यागने या गर्दन कटानेसेनहीं,बल्कि केवल सत्य साधना से ही जीव का उद्धार संभव है।
God KabirJi Nirvan Diwas
#🙏कर्म क्या है❓#❤️जीवन की सीख
🌿 श्वास–श्वासमा नामस्मरण किन अनिवार्य छ ? (शास्त्र प्रमाणसहित) 🌿
📖सच्ची भक्ति का मार्ग
गीता के अध्याय 17 श्लोक 23 में सही भक्ति को तत्वदर्शी संत से सीखने की बात कही गई है। छठ पूजा का विधान तत्वदर्शी संतों ने नहीं बताया। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा।