Follow
...
@2274056998
375
Posts
227
Followers
...
5.4K views
20 hours ago
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #सुक्ष्मवेद_का_निर्णायक_ज्ञान.... गरीब,साहिब से सतगुरू भये,सतगुरू से भये साध। ये तीनों अंग एक हैं,गति कछु अगम अगाध। सतगुरू भक्ति मुक्ति के दानी,सतगुरू बिना न छूटै खानी।। सतगुरू पसु मानस करि डारैं,सिद्धि देय कर ब्रह्म विचारै।। गरीब,ब्रह्म बिनानी होत हैं,सतगुरू शरणालीन। सूभर सोई जानिये,सब सेती आधीन।। ✓✓✓ क्या आप जानते हैं कि ✓ सत्य ज्ञान देने वाला सतगुरू जो हैं स्वयं परमात्मा ही होता हैं क्योंकि सबको उसने ही पैदा किया हैं तो उनके बारे कोई कैसे बता सकता हैं इसलिए वे स्वयं ही सतगुरू बनकर अपने पाने की यथार्थ भक्ति विधि का ज्ञान कराते हैं। ✓ सतगुरू शरण के बिना जीव का मोक्ष संभव नहीं हैं। ✓ सतगुरू के द्वारा प्रदान किये जाने वाले शब्द शक्ति के चलते ही जीव जो हैं भगवान के विषय, भगवान की भक्ति करने के विषय में सोच सकता हैं,अन्यथा ऐसा सोच पाना संभव नहीं हैं। ✓ आधीन और समर्पित भक्त में ही सद्गुरू की कृपा से देवता जैसे लक्षण उभरने लगते हैं। अतएव देव दूर्लभ अपने अनमोल मानव जीवन के कल्याणार्थ सपरिवार देखिए साधना टीवी चैनल सायं 07:30 pm.
...
499 views
1 days ago
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #मोक्ष_इतना_आसान_नहीं.... {अध्याय 6 का श्लोक 45} प्रयत्नात्, यतमानः, तु, योगी, संशुद्धकिल्बिषः, अनेकजन्मसंसिद्धः, ततः, याति, पराम्, गतिम्।।45।। अनुवाद :- (तु) इसके विपरीत ✓ (यतमानः) #पूर्णप्रभू (#Complet_GOD) का आश्रय प्राप्त शास्त्र अनुकुल भक्ति साधना करने वाले साधक ✓ (प्रयत्नात्) #सत्यभक्ति के प्रयत्न (अभ्यास) से ✓ (अनेकजन्मसंसिद्धः) "अनेक जन्मों की भक्ति की कमाई से" (योगी) भक्त (संशुद्धकिल्बिषः) पाप रहित होकर (ततः) तत्काल उसी जन्म में (पराम् गतिम्) श्रेष्ठ मुक्ति को (याति) प्राप्त हो जाता है। विशेष :- Complete GOD की जानकारी और सत्य भक्ति केवल #तत्वदर्शी_सन्त ही प्रदान करते हैं,अन्य नहीं। ✓✓✓ देव दूर्लभ अपने अनमोल मानव जीवन के कल्याणार्थ अवश्य पढ़ें पुस्तक #ज्ञानगंगा इस पुस्तक को निःशुल्क प्राप्त करने के लिए अपना पुरा नाम,पुरा पता,मोबाइल नम्बर आदि की जानकारी हमें इस मोबाइल नम्बर पर अभी वाट्सएप करें 9992600893
...
550 views
2 days ago
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #भगवान_की_पहचान... कबीरा खड़े बाजार में,मांगे सबकी खैर। ना काहू से दोस्ती,ना काहू से बैर ।। स्पष्ट हैं कि जो निस्पृह रहता हैं,जो हर परिस्थिति में सबका मंगल चाहता हैं,जो निःशस्त्र रहता हैं,जो किसी को मारता नहीं हैं,किसी को कांटता नहीं हैं,किसी को किंचित मात्र में भी दण्ड नहीं देता हैं - केवल और केवल वही सच्चा भगवान हो सकता हैं। #MissionOfSantRampalJi ✓✓✓ उस सच्चे खूदा के विषय में जानने के लिए सपरिवार देखिए साधना टीवी चैनल सायं 07:30 pm.
...
510 views
4 days ago
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #सतभक्ति_संदेश... कबीर साहेब कहते हैं कि कबीर,देह पड़ी तो क्या हुआ,झुठी सब पटीट * पक्षी उड़या आकाश कूं,चलता कर गया बीट ** ✓✓✓ देव दूर्लभ अपने अनमोल मानव जीवन के कल्याणार्थ अपने सारे सवालों के जवाब पाने के लिए अवश्य पढ़ें पुस्तक #ज्ञानगंगा इस पुस्तक को निःशुल्क प्राप्त करने के लिए अपना पुरा नाम,पुरा पता,मोबाइल नम्बर आदि की जानकारी हमें इस मोबाइल नम्बर पर अभी वाट्सएप करें 9992600893
...
544 views
6 days ago
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #तत्वज्ञान_संदेश... मन ते माया उपजे,माया तिरगुण रूप * पांच तत्व के मेल से,बांधे सकल सरूप ** पवित्र पांचवे वेद अर्थात् पवित्र #सुक्ष्मवेद के इस गुढ़ आध्यात्मिक वाणी को खोलते हुए बंदीछोड़ सद्गुरू देव जी बताते हैं कि इस काल निरंजन ने श्री दुर्गा जी को अपने पेट से बाहर निकाला और इस आदिमाया को बाईफोर्स पत्नी रूप में अंगीकार किया। इन दोनों के संयोग से तीन गुण अर्थात् पुत्र रूप में ब्रम्हा विष्णु महेश की उत्पत्ति हुआ और फिर इसने पांच तत्व से 84 लाख प्रकार के विविध योनियों के जीव को बनाया जिसे इन तीनों गुणों (ब्रम्हा विष्णु महेश) के द्वारा नाना प्रकार के कर्मों के माया जाल में जबरदस्त जकड़ कर,बांध कर रखा हुआ हैं,अज्ञानी बना कर रखा हुआ हैं ताकि इन्हें अपने मूल स्थान,मूल स्वरूप और मूल उद्देश्य का ज्ञान ना हो सके। और इसी भूली वस्तु को लखाने के लिए सूप्रीम गौड,समरथ परमात्मा कबीर साहेब इसी धरा पर सन्त रूप में बारम्बार आते रहते हैं। और अधिक जानकारी हेतु सपरिवार देखिए साधना टीवी चैनल सायं 07:30 pm.
...
1.1K views
7 days ago
#🌞 Good Morning🌞 #क्या_आप_जानते_हैं_? "एक प्रणाम आपका,कई परिणाम बदल सकता हैं,बशर्ते वह प्रणाम एक सच्चे सद्गुरू को हो" क्योंकि... सतगुरू जो चाहे सो करही,चौदह कोटि यम दूत डरही * ऊत भूत यमत्रास निवारे, चित्रगुप्त के कागज फाड़े ** सतगुरू दाता हैं कली माहीं,प्राण उद्धारम् उतरे साईं | सतगुरू दाता दीनदयालं,जम किंकर के तोड़े जालं || और अधिक जानकारी हेतु सपरिवार अभी देखिए "Sant Rampal Ji Maharaj" YouTube channel पर "Creation of Universe" का स्पेशल सत्संग कार्यक्रम।
...
520 views
10 days ago
#🌞 Good Morning🌞 #आतमतत्व_का_मर्म_नही_जाना... त्रिकाली स्नान करै हैं,फिर द्वादश तिलक बनावे हैं * जल के मच्छ मुक्त नहीं होई,ये निशदिन पर्भी नहावे हैं ** पत्थर पीतल से करे नेहा,भुल गये नारायण देहा * आतम् तत्व का मर्म नहीं जाना,पुजते फिरते जड़ पाषाणा ** 🌼🌼🌼 सतगुरू देव जी बताते हैं कि षटदल सन्यासियों में इनके द्वादश तिलकधारी कुछ ऐसे दल (ग्रूफ/जत्था) होते हैं जो कि गंगा,यमुना,गोदावरी जैसे नदियों के जल में दिन में तीन बार स्नान करने में ही अपनी मुक्ति मानते हैं,यह कैसे संभव हैं जबकि इन नदियों में रहने वाले कछुआ,मछली जैसे अनेक जीव रोजाना चौबीस घंटे पर्भी नहा रहे हैं। 🌼🌼🌼 सतगुरू देव जी बताते हैं कि आतम् तत्व (स्वयं) का ज्ञान नहीं होने से ये लोग नर नारायण देह के मूल उद्देश्य को भुलकर पत्थर के मुर्तियों को भगवान समझ कर पूज रहे हैं और हीरे,माणिक,सोना,चांदी,पीतल जैसे धातु से स्नेह कर बैठे अर्थात् इनको कीमती समझकर इनको संग्रह करने में ही अपना अनमोल जीवन ब्यर्थ कर रहे हैं जबकि नर नारायण मनुष्य शरीर के आगे इनकी कीमत नगण्य हैं। ✓✓✓ आतमज्ञान और परमातम् ज्ञान के विषय में अपने सारे सवालों के जवाब पाने के लिए अवश्य पढ़ें पुस्तक #ज्ञानगंगा इस पुस्तक को निःशुल्क प्राप्त करने के लिए अपना पुरा नाम,पुरा पता,मोबाइल नम्बर आदि की जानकारी हमें इस मोबाइल नम्बर पर अभी वाट्सएप करें 9992600893
...
530 views
12 days ago
#मानवता, जीवों पर दया #ऐसी_काया_में_होरी_खेलियो.... ऐसी काया में होरी खेलियो,अहो मेरे साधो, सनकादिक आन चाहि .... ब्रम्हा विष्णु महेश्वर आये,नारद शुकदेव ब्यासा । ध्रुव प्रहलाद विभीषण आये,फगुवा खेलन की आशा ।। कोटिक अनभै पाठ पढ़त हैं,कोटिक छन्द अछन्द । कोटिक सूरज करै आरती,कोटि कर जोड़ै चन्द ।। सुलतानी वाजीद फरीदा, भरथरी गोपीचंद । काया नगर में फगुवा खेलै,काटैं जम किंकर के फंद ।। धन्ना सुदामा पीपा आये,नामदेव और रैदास। नानक दादू खेलत सन्तों,सतगुरू तख्त के पास ।। उड़त गुलाल विशाल बिसंभर,रिमझिम रिमझिम रंग । अगर अबीर कबीर ख्वासा,जम जौरा जीतन जंग ।। सुन्न विदेही शब्द सनेही,अविगत गति कूरबान । केशर की पिचकारी छुटै,शिव ब्रम्हा खेलै आन ।। ✓✓✓ असल होरी (होली) क्या होती हैं और इसे कैसे खेला जाता हैं ? कबीर ऐसी होली खेलिए,साँचा शब्द की मार। काम क्रोध मद लोभ को,डारो हृदय निकार॥ यह जानने के लिए सपरिवार देखिए "Sant Rampal Ji Maharaj" YouTube channel पर स्पेशल सत्संग कार्यक्रम "अथ होरी का अंग"
See other profiles for amazing content