"जय श्री श्याम बाबा जय श्री श्याम..."
1. छवि और श्रृंगार (Appearance and Adornment)
• स्वरूप: यह मूर्ति बर्बरीक (महाभारत के भीम के पौत्र) के दिव्य शीश (सिर) स्वरूप को दर्शाती है, जिन्हें भगवान कृष्ण ने कलियुग में पूजे जाने का वरदान दिया था।
• मुकुट: बाबा ने एक भव्य, स्वर्ण जड़ित शाही मुकुट धारण किया हुआ है।
• श्रृंगार: उनका श्रृंगार बेहद सुंदर और सघन है, जिसमें मुख्य रूप से लाल गुलाब (गुलाबों की माला), पीले और सफेद फूल (चमेली/गेंदा) तथा मोरपंख शामिल हैं, जो भगवान कृष्ण से उनके संबंध को दर्शाते हैं।
• विशेषता: उनकी आँखें, मूँछें और माथे पर लगा तिलक उनके योद्धा स्वरूप को प्रदर्शित करता है।
2. धार्मिक महत्व
• मूल स्थान: राजस्थान के खाटू गाँव (सीकर जिला) में उनका मुख्य मंदिर है।
• मान्यता: उन्हें 'हारने वाले का सहारा' माना जाता है। भक्त मानते हैं कि जो सच्चे मन से उनकी शरण में आता है, उसे कष्टों से मुक्ति मिलती है और वह अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है।#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏