#GodMorningSaturday
परमात्मा के चोर
कबीर, जो धन पाय न धर्म करत, नाही सद् व्यौहार। सो प्रभु के चोर है, फिरते मारो मार।।
भावार्थ- जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं।
#santrampaljimaharaj