ভক্ত প্রহ্লাদ যেমন ভক্তি করে পরমেশ্বরকে মনে করতো,যায় ফলে সদা সুরক্ষা পেত।চলো তবে আমরাও সেই পরমেশ্বরকে মনে করি, যাতে আমরাও সদা সুরক্ষা পেতে পারি।
जिस प्रकार भक्त प्रह्लाद ने भक्ति करके परमेश्वर को याद किया जिससे उसकी सदैव रक्षा हुई। तो क्यों ना हम भी उस परमेश्वर को सदा याद करें जिससे हमारी भी सदैव रक्षा हो।এই হোলিতে জেনে নিন,
ঋগ্বেদ মণ্ডল ১০ সূক্ত ১৬১ মন্ত্র ২ ও ৫, মণ্ডল ১০ সূক্ত ১৬২ মন্ত্র ২ এবং মণ্ডল ১০ সূক্ত ১৬৩ মন্ত্র ১-৩ এ প্রমাণ পাওয়া যায় যে পরমাত্মা তাঁর ভক্তের হাত,পা,মাথা,কান, নাক,চোখ,হৃদয় ইত্যাদি অঙ্গের সমস্ত রোগ শেষ করে সুস্থ শরীর প্রদান করেন।এমনকি ভক্তের মৃত্যুও হয়ে থাকে তবে পরমাত্মা তাকে জীবিত করে,তার আয়ু ১০০ বছর বৃদ্ধি করে দেন।
इस होली जानिए
ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 161 मंत्र 2, 5, मण्डल 10 सूक्त 162 मंत्र 2 व मण्डल 10 सूक्त 163 मंत्र 1-3 में प्रमाण मिलता है कि परमात्मा अपने भक्त के हाथ, पैर, सिर, कान, नाक, आंख, हृदय आदि अंगों के सर्व रोगों को समाप्त कर निरोगी काया प्रदान करता है। यहां तक कि भक्त की मृत्यु भी हो गई हो तो परमात्मा उसे जीवित करके उसकी 100 वर्ष के लिए आयु बढ़ा देता है।
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