उचतर्ज। ,, नफरत। की दुनिया। बजरंगी करो रक्षा मेरी,,मै आया तेरे द्वार,, कलयुग के। महाराज सुन लो मेरी पुकार,,, कहते हैं तुमने ही राम लखन को पास को कटा,, लक्ष्मण बचाने को पर्वत उठा लाए,,, सूरज न। निकलने दिया,, जब तक वापस से ना वो आए अब कलयुग मुझको भी सताए मेरे प्यारे हनुमान, बेग सै। आओ बलवान,,, रक्षा करो शिव अवतार सुन लो मेरी पुकार दुखियों करूण पुकार।।। बाबा में अगयानी,, पूजा पाठ नहीं जानू,, मंत्र नहीं जानू,, बस नाम तेरा पुकारू इससे आशा में जीत पवनसुत बिगड़ी बनाएगै, सुनेंगे कभी तो पुकार,,बाबा। मेरै। सर पर। रखो हाथ। , मेरी बिगड़ी बन जाओ बालक यह दुख में है ,,हमें। धीर। बंधा। जाओ,, निरोगी रखो परीवार पवन सुत। विनती को सुन लो ,,,,रक्षा करो सरकार ब बजरंगी करो रच्छा््््््््््
राजेश मिसरा