१.८ लाख व्ह्यू · १५ ह प्रतिक्रिया | एक नाथूराम गोडसे की वजह से RSS जैसे राष्ट्रवादी संगठन पर बैन लगा दिया जाता है, जबकि नाथूराम गोडसे कभी RSS का सक्रिय सदस्य नहीं था और उसने अपने जीवन में सिर्फ एक बार अपराध किया — महात्मा गांधी की हत्या। नाथूराम गोडसे को फांसी हुई, उसके बावजूद संघ को आलोचना और बैन का सामना करना पड़ा। लेकिन देश,के टुकड़े करने वाली मुस्लिम लीग जिन्ना के इसारे पर डायरेक्ट एक्शन करकेऔर भारत के बटवारे के समय लाखों हिंदुओं को मौत के घाट उतारा, जिसने देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के टुकड़े करवा दिए, उसी मुस्लिम लीग के 28 बड़े नेता आजाद भारत की संविधान सभा में देश का संविधान लिखवा रहे थे। आखिर क्या वजह थी कि इस आतंकवादी संगठन को सत्ता में हिस्सेदारी मिली, जबकि RSS जैसे राष्ट्रवादी संगठन पर तुरंत प्रतिबंध लग गया? इस दोहरी मानसिकता का जिम्मेदार कौन है? देश का हर सनातनी इसका जवाब मांग रहा है। #DoubleStandards #GodseVsLeague #RSSBanReality #HistoricalTruth #JusticeForNation #NationalQuestion #StopHypocrisy #IndiaSpeaks #TruthMatters #UnansweredQuestions | सनातनी अंजलि यादव
एक नाथूराम गोडसे की वजह से RSS जैसे राष्ट्रवादी संगठन पर बैन लगा दिया जाता है, जबकि नाथूराम गोडसे कभी RSS का सक्रिय सदस्य नहीं था और उसने अपने जीवन में...