Nitesh lohar on Instagram: "जापान ने एक अभिनव तकनीक अपनाई है जो लोगों के "हर कदम" को बिजली में बदल देती है। इसे "पीजोइलेक्ट्रिक टाइल्स" कहा जाता है। ये टाइल्स चलने वालों के पैरों के दबाव और कंपन की ऊर्जा को अवशोषित करती हैं और इस यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती हैं। अंदर लगे पीजोइलेक्ट्रिक तत्वों में हल्का विकृति होने से सूक्ष्म विद्युत धारा उत्पन्न होती है। एक कदम से थोड़ी सी बिजली बनती है, लेकिन लाखों कदमों से LED लाइट्स, डिजिटल डिस्प्ले और सेंसर आदि चलाने के लिए पर्याप्त बिजली बनाई जा सकती है। टोक्यो के शिबुया स्टेशन जैसे व्यस्त स्थानों पर, लगभग 24 लाख कदम प्रतिदिन इस प्रणाली में योगदान देते हैं। यह बिजली संचित या तुरंत उपयोग की जा सकती है, जिससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम होती है और स्थायी शहर बुनियादी ढांचे के विकास में मदद मिलती है। रोजमर्रा की "चलने" की क्रिया भविष्य की नवीकरणीय ऊर्जा उत्पन्न करने की शक्ति में बदल रही है। ⚡ #जापान #पीजोइलेक्ट्रिकटाइल्स #पदयात्राबिजली #शिबुयास्टेशन #नवीकरणीयऊर्जा स्मार्टसिटी पर्यावरणसंरक्षण भविष्यकीदिशा प्रेरणा इकोफ्रेंडली"
nitesh794546 on February 6, 2026: "जापान ने एक अभिनव तकनीक अपनाई है जो लोगों के "हर कदम" को बिजली में बदल देती है। इसे "पीजोइलेक्ट्रिक टाइल्स" कहा जाता है। ये टाइल्स चलने वालों के पैरों के दबाव और कंपन की ऊर्जा को अवशोषित करती हैं और इस यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती हैं। अंदर लगे पीजोइलेक्ट्रिक तत्वों में हल्का विकृति होने से सूक्ष्म विद्युत धारा उत्पन्न होती है। एक कदम से थोड़ी सी बिजली बनती है, लेकिन लाखों कदमों से LED लाइट्स, डिजिटल डिस्प्ले और सेंसर आदि चलाने के लिए पर्याप्त बिजली बनाई जा सकती है। टोक्यो के शिबुया स्टेशन जैसे व्यस्त स्थानों पर, लगभग 24 लाख कदम प्रतिदिन इस प्रणाली में योगदान देते हैं। यह बिजली संचित या तुरंत उपयोग की जा सकती है, जिससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम होती है और स्थायी शहर बुनिया