🔱ॐनमःशिवाय 🔱
"शान्तं पदमासनस्थं शशिधर मुकुटं पंचवक्त्रं त्रिनेत्रम,
शूलं वज्र च खडग परशुमभयदं दक्षिणागे वहन्न्तम।
नाग पाशं च घंटां डमरूकसहितं सांकुशं वामभागे,
नानालंकार दीप्तं स्फ़टिकमणिनिभं पार्वतीशं नमामि"॥
🙏🌺 भोलेनाथ की कृपा से आप सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों 💐🙏
🙏आज का दिन शुभ व मंगलमय हो 🙏
🙏हर हर महादेव🙏 #🖊 एक रचना रोज़ ✍