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Arvind Bhardwaj
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Arvind Bhardwaj
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*महा कवि अरविंद भरद्वाज की कविता....* 🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂 *करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है* *हिलोरें ले रहा हो मन, समझ लेना कि होली है_*. *_ किसी को याद करते ही अगर बजते सुनाई दें कहीं घुँघरू कहीं कंगन, समझ लेना कि होली है_* *_कभी खोलो अचानक , आप अपने घर का दरवाजा खड़े देहरी पे हों साजन, समझ लेना कि होली है _* *_तरसती जिसके हों दीदार तक को आपकी आंखें उसे छूने का आये क्षण, समझ लेना कि होली है _* *_हमारी ज़िन्दगी यूँ तो है इक काँटों भरा जंगल अगर लगने लगे मधुबन, समझ लेना कि होली है _* *_बुलाये जब तुझे वो गीत गा कर ताल पर ढफ की जिसे माना किये दुश्मन, समझ लेना कि होली है _* *_अगर महसूस हो तुमको, कभी जब सांस लो 'अरविंद' हवाओं में घुला चन्दन, समझ लेना कि होली है_* *होली की हार्दिक शुभकामनाएं*! #🖊 एक रचना रोज़ ✍
Arvind Bhardwaj
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🙏🙏 हर हर महादेव 🙏🙏               🌹*शरीर का दर्द भगाएं*🌹 (आयुर्वेद एवं यूनानी शास्त्र) 😎👉 *शरीर का दर्द एक अलार्म है, इसे कभी म्यूट (Mute) न करें!*           *कई बार हम छोटे-मोटे दर्द को थकान या 'गैस की समस्या' समझकर टाल देते हैं। लेकिन छाती का दर्द, अचानक उठा भयंकर सिरदर्द या पिंडलियों (Calf) में सूजन के साथ दर्द शरीर के अंदर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का सीधा इशारा हो सकते हैं।* 💥 *इन समस्याओं से बचने के* *तरीके और शुरुआती राहत के लिए आसान घरेलू उपाय यहाँ दिए गए हैं। आइए जानते हैं हमें क्या करना है : ⤵️                       🌹👇👇👇🌹          🌷*दर्द और बीमारियों से कैसे बचें?*🌷                    (Prevention Tips) ✔️*1. *हाइड्रेशन का ध्यान रखें* 💧: खून को गाढ़ा होने (Blood Clot) और सिरदर्द से बचाने के लिए दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी ज़रूर पिएं। ✔️*2. *पोषक तत्वों की कमी न होने दें*🥗: नसों की कमजोरी और पैरों में झुनझुनी से बचने के लिए अपनी डाइट में विटामिन B12, विटामिन D और कैल्शियम शामिल करें। ✔️*3. *सही पॉश्चर बनाए रखें* 🪑: कंप्यूटर पर काम करते समय या मोबाइल चलाते समय अपनी रीढ़ की हड्डी और गर्दन को सीधा रखें। ✔️*4. *एक्टिव रहें 🏃‍♂️: रोज़ाना 30 मिनट की वॉक, योग या स्ट्रेचिंग करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और मांसपेशियों में ऐंठन नहीं होती।*      🌷*शुरुआती राहत के लिए घरेलू उपाय*🌷                       (Gharelu Upay)   *(नोट: ये उपाय केवल सामान्य दर्द के लिए हैं)* 👉 *1. *मांसपेशियों, पीठ या पिंडलियों में दर्द* : एक बाल्टी हल्के गर्म पानी में 2 चम्मच सेंधा नमक (Epsom Salt) डालकर सिकाई करें। इससे सूजन और दर्द में तुरंत आराम मिलता है। 👉 *2. *दांत का दर्द* : रुई के एक छोटे टुकड़े में 2 बूंद लौंग का तेल (Clove Oil) लगाकर दर्द वाले दांत पर रखें। हल्के गर्म पानी में नमक डालकर कुल्ला करना भी इन्फेक्शन को रोकता है। 👉 *3. *पेट में सामान्य ऐंठन या दर्द* : एक कप पानी में अदरक उबालकर पिएं, या आधा चम्मच अजवाइन को चुटकी भर काले नमक के साथ गुनगुने पानी से फांक लें। 👉 *4. *हल्का सिरदर्द या गर्दन का दर्द* : स्क्रीन से ब्रेक लें और पुदीने (Peppermint) या नीलगिरी (Eucalyptus) के तेल से माथे और गर्दन की हल्की मालिश करें। 👉 *5. *पैरों या तलवों में जलन/सुन्नपन* : रात को सोने से पहले सरसों या तिल के तेल को हल्का गर्म करके तलवों की 5-10 मिनट मालिश करें।            ⚠️ *बेहद जरूरी डिस्क्लेमर*⚠️                          (Disclaimer) 🌹🌹 *यह जानकारी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए है। इमेज में बताए गए दर्द (जैसे- छाती में दर्द जो बांह तक जाए, गर्दन में अकड़न के साथ बुखार, या अचानक भयंकर सिरदर्द) मेडिकल इमरजेंसी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खों में समय बिल्कुल बर्बाद न करें और तुरंत चिकित्सक से परामर्श ले या अस्पताल जाएं।   🌹🙏 आप सतर्क रहें सुरक्षित रहें 🙏🌹      🙏🙏सनातन धर्म की जय हो🙏🙏                 🌹🙏। धन्यवाद।🙏🌹                    🌹🙏*जयश्री राम*🙏🌹         🙏🏵️🍄💐🌹💐🍄🏵️🙏  #🖊 एक रचना रोज़ ✍
Arvind Bhardwaj
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रसखान की कथा 〰️〰️🌼〰️〰️ एक खान साहब रोज पान की दुकान पर पान खाने जाते थे । एक दिन उसकी नजर वहाँ लगी हुई कन्हैया की तस्वीर पर पड़ी तो पान वाले से पूछा भाई ये बालक किसका है और इसका क्या नाम है?पान वाला बोला ये श्याम है। खान साहब बोले ये बालक बहुत सुन्दर है, घुंघराले बाल हैं, हाथ में मुरली भी मनोहर लगती है मगर ये जिस जमीन पर खड़ा है वो खुरदरी है, इसके पैरों में छाले पड़ जायेंगे, इसको चप्पल क्यों नहीं पहनाते हो। पान वाला बोला तुझे दया आ रही है तो तू ही पहना दे। ये बात खान भाई के दिल में उतर गई और दूसरे दिन कन्हैया के लिए चप्पल खरीदकर ले आये और बोले लो भाई मैं चप्पल ले आया बुलाओ बालक को। पान वाला बोला कि ये बालक यहाँ नहीं रहता है ये वृंदावन रहता है, वृंदावन ही जाओ। खान साहब ने पूछा की इसका पता तो बताओ कि वृंदावन में कहाँ रहता है?पान वाला बोला इसका नाम श्याम है और वृंदावन के बांके बिहारी मन्दिर में रहता है। खान साहब वृंदावन के लिए चल दिए। वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में जैसे ही प्रवेश करने लगे तो मंदिर के पुजारी ने बाहर ही रोक दिया और कहा कि तुम दूसरे समाज के हो इसलिए मंदिर में तुम प्रवेश नहीं कर सकते। खान भाई यह सोचकर कि श्याम कभी तो घर से बाहर आयेगा मन्दिर के गेट पर ही बैठकर इन्तजार करने लगे इन्तजार करते-करते पूरा दिन निकल गया, रात भी निकल गई भोर का समय था तो उसके कानों में घुंघरूओं की आवाज आई,चारों तरफ देखा कुछ दिखाई नहीं दिया फिर अपने चरणों की तरफ देखा तो श्याम उनके चरणों में बैठे हुए दिखते हैं। श्याम को देखकर खान भाई की खुशी का ठिकाना नहीं रहा मगर बहुत दुःख हुआ जब कन्हैया के चरणों से खून निकलता हुआ देखा। खान भाई नें कन्हैया को गोद में उठाकर प्यार से उनके चरणों से खून पोछते हुए पूछा बेटे तुम तो मंदिर से आये हो फिर ये खून क्यों निकल रहा हैं? कन्हैया बोले नहीं मैं मन्दिर से नहीं गोकुल से पैदल चलकर आया हूँ क्योंकि तुमने मेरी जैसी मूरत दिल में बसाई मै उसी मूरत में तुम्हारे पास आया हूँ इसलिए मुझे गोकुल से पैदल आना पड़ा है और पैरों में काँटे लग गये हैं। खान भाई भगवान को पहचान गये और वादा किया कि हे कन्हैया, हे मेरे मालिक, मै तेरा हूँ और तेरे गुण गाया करुँगा और तेरे ही पद लिखा करूँगा। इस तरह एक मुसलमान खान भाई से रसखान बनकर भगवान का पक्का भक्त बना। जय बांके बिहारी जी की 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ #🖊 एक रचना रोज़ ✍
Arvind Bhardwaj
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2️⃣6️⃣❗0️⃣2️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ *♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️* *!! दृढ़ निश्चय !!* °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° एक बार एक संत महाराज किसी काम से एक कस्बे में पहुंचे। रात्रि में रुकने के लिए वे कस्बे के एक मंदिर में गए। लेकिन वहां उनसे कहा गया कि वे इस कस्बे का कोई ऐसा व्यक्ति ले आएं, जो उनको जानता हो। तब उन्हें रुकने दिया जाएगा। उस अनजान कस्बे में उन्हें कौन जानता था ? दूसरे मंदिरों और धर्मशालाओं में भी वही समस्या आयी। अब संत महाराज परेशान हो गए। रात काफी हो गयी थी और वे सड़क किनारे खड़े थे। तभी एक व्यक्ति उनके पास आया। उसने कहा, “मैं आपकी समस्या से परिचित हूँ। लेकिन मैं आपकी गवाही नहीं दे सकता। क्योंकि मैं इस कस्बे का नामी चोर हूँ। अगर आप चाहें तो मेरे घर पर रुक सकते हैं। आपको कोई परेशानी नहीं होगी। संत महाराज बड़े असमंजस में पड़ गए। एक चोर के यहां रुकेंगे। कोई जानेगा तो क्या सोचेगा ? लेकिन कोई और चारा भी नहीं था। मजबूरी में वो यह सोचकर उसके यहां रुकने को तैयार हो गए कि कल कोई दूसरा इंतजाम कर लूंगा। चोर उनको घर में छोड़कर अपने काम यानी चोरी के लिए निकल गया। सुबह वापस लौट कर आया तो बड़ा प्रसन्न था। उसने स्वामी जी को बताया कि आज कोई दांव नहीं लग सका। लेकिन अगले दिन जरूर लगेगा। चोर होने के बावजूद उसका व्यवहार बहुत अच्छा था। जिसके कारण संत महाराज उसके यहां एक महीने तक रुके। वह प्रत्येक रात को चोरी करने जाता। लेकिन पूरे माह उसका दांव नहीं लगा। फिर भी वह प्रसन्न था। उसे दृढ़ विश्वास था कि आज नहीं तो कल मेरा दांव जरूर लगेगा। पूरे एक माह बाद उसे एक बड़ा मौका हाथ लगा। महात्मा जी ने सोचा कि यह चोर कितना दृढ़निश्चयी है। इसे अपने ऊपर अटूट विश्वास है। जबकि हम लोग थोड़ी सी असफलता से विचलित हो जाते हैं। अगर इसकी तरह दृढ़ निश्चय और विश्वास हो तो सफलता निश्चित मिलेगी। *शिक्षा:-* यह प्रेरक प्रसंग हमें सिखाता है कि हमें असफलताओं से विचलित और निराश नहीं होना चाहिये। दृढ़ निश्चय और निरंतर प्रयास से सफलता अवश्य मिलती है। *सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।* *जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।* ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *🙏🌹श्री राधे राधे🌹🙏* #🖊 एक रचना रोज़ ✍
Arvind Bhardwaj
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2️⃣6️⃣❗0️⃣2️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ *♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️* *!! संगत का असर !!* °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° आइंस्टीन के ड्राइवर ने एक बार आइंस्टीन से कहा - "सर, मैंने हर बैठक में आपके द्वारा दिए गए हर भाषण को याद किया है।" आइंस्टीन हैरान! उन्होंने कहा- "ठीक है, अगले आयोजक मुझे नहीं जानते। आप मेरे स्थान पर वहां बोलिए और मैं ड्राइवर बनूंगा। ऐसा ही हुआ, बैठक में अगले दिन ड्राइवर मंच पर चढ़ गया और भाषण देने लगा... उपस्थित विद्वानों ने जोर-शोर से तालियां बजाईं। उस समय एक प्रोफेसर ने ड्राइवर से पूछा - "सर, क्या आप उस सापेक्षता की परिभाषा को फिर से समझा सकते हैं?" असली आइंस्टीन ने देखा बड़ा खतरा! इस बार वाहन चालक पकड़ा जाएगा। लेकिन ड्राइवर का जवाब सुनकर वे हैरान रह गए... ड्राइवर ने जवाब दिया, क्या यह आसान बात आपके दिमाग में नहीं आई? मेरे ड्राइवर से पूछिए, वह आपको समझाएगा।" *शिक्षा:-* यदि आप बुद्धिमान लोगों के साथ चलते हैं, तो आप भी बुद्धिमान बनेंगे और मूर्खों के साथ ही सदा उठेंगे-बैठेंगे तो आपका मानसिक तथा बुद्धिमता का स्तर और सोच भी उन्हीं की भांति हो जाएगी..!! *सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।* *जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।* ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ #🖊 एक रचना रोज़ ✍
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