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Radha Rani
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Radha Rani
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2 days ago
कल रात्रि हम अपने काम पर से घर लोटे।स्नान आदि कर संध्या किए और प्रसाद पाकर अपने बिछोने पर सोने के लिए जाने लगें तो अपनी श्रीमती जी से कहा :- एक मिनट के लिए हमारे कक्ष में आओ तुमसे कुछ बात करती हैं। श्रीमती जी :- जी ठीक है रसोई समेट कर आती हूँ। अभी हमारी श्रीमती जी रसोई समेटी ही रही थी कि उनका फोन बज गया। श्रीमती जी ने फोन स्पीकर पर रखा और रसोई समेटते-समेटते बात करने लगी। फोन पर उस ओर एक महिला थी। महिला :- राधे श्याम जीजी।मैं सुनिता जीजी की छोटी बहन पूनम बोल रही हूँ। परिचय देने के बाद श्रीमती जी ने उसे पहचान लिया। श्रीमती जी :- हाँ लाली सुना। आज तोहें कैसे हमारी याद आ गई। पूनम :- क्या बताऊँ जीजी।आज दोपहर बाजार गई थी।वहाँ मेरे एक पैर की पाजेब गुम हो गई।दादिया सास की दी हुई हैं यदि ना मिली तो मेरी सास मुझे जान से मार देगी।मैं जिस-जिस दुकान पर गई थी।उन सभी दुकानों पर,रास्ते में सब जगह ढूंढ लिया।परन्तु नहीं मिली।सुनिता जीजी का फोन आया था।उन्हें बताया तो उन्होंने आपका नम्बर दे दिया और कहने लगी।जीजी को फोन कर लें।वो तेरी सहायता कर सकती हैं। इतनी देर में श्रीमती जी ने रसोई समेट ली थी।और बात करते-करते अपने कक्ष में गई उससे कुछ डिटेल ली और अपनी पोथी पत्रा खोल कर बेठ गई।कुछ देर बाद बोली :- तू चिंता मत कर।तेरी पाजेब घर में ही है और मिल जाएगी।मैं तुझे थोड़ी देर में कुछ उपाय बताती हूँ वो कर लियो। इतना कहकर श्रीमती जी ने फोन काट दिया। हमनें फिर से श्रीमती जी को आवाज लगाई :- भाग्यवान नेक हमारी भी सुन लों। श्रीमती जी वहीं बैठे-बैठे :- पांच मिनट का समय दो उसकी पाजेब ढूंढवा दूँ फिर आती हूँ। हम अपने कक्ष में बैठे लाला को कथा सुना रहे थे और हमें नींद भी आ रही थी। लाला बोला :- बाबा शुक्र है कि मईया ने यह विद्या द्वापर में ना सिखी।ना तो हमारी तो कोई भी लीला ना होने देती।सभी गोपियों का समाधान तो मईया ही कर देती।फिर ना तो माखन चोरी लीला होती और ना ही हम काऊ गोपी का कछू चुरा पाते। लाला से बातें करते-करते हमें नींद आ गई।अभी चार बजे हम उठें तो श्रीमती जी पहले से उठी हुई थी। हमने कहा :- भागवान कुछ समय हमें भी दें दिया करों। श्रीमती जी :- आपकी तो अब भी सुन लेंगे।उस बिचारी की पाजेब ढूंढवानी जरूरी थी।रात ढाई बजे के करीब उसका मैसेज आया हुआ है कि उसकी पाजेब मिल गई है।बता रही थी कि ना तो खुद सोई और ना ही पति और बच्चों को सोने दिया।सबने मिलकर ढाई बजे तक पाजेब ढूंढी हैं। हम मन ही मन सोच रहे थे कि लाला कह तो ठीक रहा था कि शुक्र है श्रीमती जी ने यह विद्या द्वापर में ना सिखी।वरना हम तो अपने लाला की लीलाओं के लिए तरस जाते। ****(जय जय श्री राधे)**** #😊कृष्ण कथाएं #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🌺राधा कृष्ण💞
Radha Rani
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9 days ago
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥ अर्थातः- जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा- इन नामों से प्रसिद्ध जगदम्बिके! तुम्हें मेरा नमस्कार हो। 🌄🌄 प्रभात वंदन 🌄🌄 🌹🌹 जय माता की🌹🌹 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🌺राधा कृष्ण💞 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #😊कृष्ण कथाएं
Radha Rani
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9 days ago
वरात्रि के सप्तम दिवस पर 🙏 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌺राधा कृष्ण💞 #🙏गुरु महिमा😇 #😊कृष्ण कथाएं माँ कालरात्रि की कृपा से हर भय दूर हो, जीवन में सुख और शांति का संचार हो 🌺🔱