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kshama
@656986829
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kshama
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1 hours ago
🙏किसान मसीहा 🙏छारा गाँव के लोगों ने लगाए संत रामपाल जी महाराज जी के जयकारे संत रामपाल जी महाराज को बताया किसान मसीहा #🙏गुरु महिमा😇
kshama
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2 hours ago
#🙏गुरु महिमा😇 राम राम रटते रहो जब तक घट में प्राण कभी तो दीनदयाल की भनक पड़ेगी कान
kshama
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22 hours ago
"जब सोच बदलती है, तब जीवन बदल जाता है… और यह बदलाव ‘ज्ञान गंगा’ और ‘जीने की राह’ से शुरू होता है।" 🌸🙏 अवश्य पढ़ें संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित पवित्र पुस्तक 📔 " ज्ञान गंगा " तथा "जीने की राह" *ऑर्डर करने का तरीका*: 1. *नाम*: 2. *पूरा पता*: 3. *पिन कोड*: 4. *मोबाइल नंबर*: 5. *पुस्तक का नाम*: ज्ञान गंगा / जीने की राह / दोनों ये डिटेल *+91 82228 80541, 542, 543, 544, 545* में से किसी भी नंबर पर WhatsApp कर दें। 15-30 दिन में पुस्तक आपके घर पहुंच जाएगी। कोई डिलीवरी चार्ज भी नहीं है। #JineKiRaah #GyanGanga #BookLover #🙏कर्म क्या है❓
kshama
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1 days ago
*चौपाई*: _कर्म प्रधान बिश्व रचि राखा। जो जस करइ सो तस फलु चाखा॥_ *अर्थ*: इस संसार की रचना कर्म के आधार पर हुई है, जो जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल प्राप्त करता है। ये चौपाई *रामचरितमानस, अयोध्या कांड, दोहा 218* के बाद की है। ये प्रसंग तब का है जब भगवान राम वनवास जा रहे थे। *संत रामपाल जी महाराज इस चौपाई का क्या अर्थ बताते हैं?* संत रामपाल जी महाराज सत्संग में बताते हैं कि ये चौपाई *100% सत्य है*, लेकिन इसका पूरा रहस्य लोग नहीं समझते: 1. *कर्म का नियम काल ब्रह्म के लोक में है*: ये 21 ब्रह्मांड काल ब्रह्म के हैं। यहाँ का नियम है "जैसी करनी वैसी भरनी"। यहाँ पाप-पुण्य, स्वर्ग-नरक, 84 लाख योनियाँ - सब कर्म के आधार पर ही मिलते हैं। 2. *लेकिन मोक्ष कर्म से नहीं मिलता*: संत रामपाल जी गीता 2:47 और गीता 18:66 का प्रमाण देते हैं। कर्म से सिर्फ सुख-दुख मिलते हैं, मोक्ष नहीं। मोक्ष के लिए *पूर्ण परमात्मा की शरण* और *तत्वदर्शी संत से मिला सतनाम* जरूरी है। 3. *सतभक्ति से कर्म कटते हैं*: कबीर साहेब की वाणी है: _"कबीर, सतगुरु शरण में आने से, आई टले बलाय। जो मस्तक में सूलि हो, वो कांटे में टल जाय॥"_ यानी सच्चे संत से नाम-दान लेने के बाद पाप कर्मों का दंड भी हल्का हो जाता है। फांसी की सजा कांटे में टल जाती है। 4. *तीन तरह के कर्म होते हैं*: - *संचित कर्म*: पिछले जन्मों का इकट्ठा कर्म - *प्रारब्ध कर्म*: जो इस जन्म में भोगना है - *क्रियमाण कर्म*: जो अभी कर रहे हैं संत रामपाल जी बताते हैं कि नाम-दीक्षा के बाद गुरु जी संचित कर्म नष्ट कर देते हैं, प्रारब्ध के कर्म भोगकर खत्म होते हैं, और क्रियमाण कर्म सतभक्ति से नहीं बनते। *सार*: "कर्म प्रधान विश्व" ये नियम काल के लोक के लिए है। लेकिन इस काल लोक से निकलकर सतलोक जाने के लिए कर्म नहीं, *सतभक्ति* प्रधान है। क्योंकि सतलोक में कर्म का विधान ही नहीं है, वहाँ सिर्फ सुख है। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📖जीवन का लक्ष्य🤔
kshama
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1 days ago
सुदामा का महल कृष्ण ने नहीं, किसी और ने बनवाया था! जानने के लिए देखिए कलयुग में सतयुग की शुरुआत — भाग 6, Factful Debates यूट्यूब चैनल पर #कलयुगमेंसतयुगकीशुरुआत_भाग6 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 saty ka Gyan Visit Factful Debates YT
kshama
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2 days ago
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 मुनि, हनुमान जी और मार्कंडेय ऋषि इनका भी अभी तक मोक्ष नहीं हुआ। वे आज मनुष्य शरीर में धरती पर हैं। विश्वास नहीं होता? प्रमाण के लिए देखिए कलयुग में सतयुग की शुरुआत — भाग 6, Factful Debates यूट्यूब चैनल प #कलयुगमेंसतयुगकीशुरुआत_भाग6 Visit Factful Debates YT