Follow
babu dasi
@682765160
322
Posts
298
Followers
babu dasi
451 views
10 hours ago
सतगुरु देव जी की बेल हो गई है जय हो बंदी छोड की #santrampal ji maharaj
babu dasi
779 views
10 hours ago
सतगुरु देव जी की बेल हो गई है जय हो बंदी छोड की #santrampal ji maharaj
babu dasi
630 views
1 days ago
*🔅बन्दीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की जय🔅* 05/04/26 *🎈X सेवा🎈* 💠 *आज ईसाइयों का त्योहार ईस्टर डे है। इसलिए X पर ईसाई धर्म से संबन्धित सेवा करनी है।* 🪦 ```ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि जीसस को शुक्रवार को सूली पर चढ़ा दिया गया था फिर तीसरे दिन ईसा मसीह फिर जिंदा हो उठे थे, जिसकी खुशी में ईस्टर डे मनाया जाता है।``` *हमें यह बताना है कि वह कबीर परमात्मा ही थे जो ईसा मसीह के रूप में प्रकट हुए थे ताकि भक्तों का विश्वास प्रभु भक्ति पर दृढ़ रहे।* *टैग⤵️* #Facts_About_EasterSunday Kabir Is God 🌿 *सेवा से सम्बंधित फ़ोटो लिंक⤵️* https://www.satsaheb.org/easter-hindi/ #santrampal ji maharaj https://news.jagatgururampalji.org/bible-facts-hindi-photos/ https://news.jagatgururampalji.org/christianity-hindi-photos/ https://www.satsaheb.org/easter-english/ https://news.jagatgururampalji.org/jesus-english-photos// *⛳Sewa Points⤵️* 🌟 ईसा मसीह की मृत्यु के तीसरे दिन स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही आये थे भक्ति की लाज रखने के लिए। अन्यथा काल ब्रह्म भगवान से विश्वास ही उठा देता लोगों का। 🌟ईसा जी की मृत्यु बाद परमेश्वर प्रकट हुए ईसा जी को क्रश करने के बाद पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब, ईसा जी का रूप धारण करके अनेकों जगह प्रकट होकर शिष्यों को दिखाई देने लगे। यदि परमेश्वर नहीं आते तो ईसा जी के पूर्व चमत्कारों को देखते हुए‌ ईसा जी का अंत देखकर कोई भी व्यक्ति भक्ति साधना नहीं करता, नास्तिक हो जाते। (प्रमाण पवित्र बाईबल में यूहन्ना 16: 4-15) 🌟ईसा मसीह की बाईबल में एक सहायक (अवतार) भेजने की भविष्यवाणी यीशु ने बाईबल John 16:7 में एक सहायक (अवतार) भेजने की भविष्यवाणी की है कि - मैं तुमसे सच कहता हूं कि मेरा जाना तुम्हारे लिए अच्छा है। यदि मैं न जाऊं तो सहायक (अवतार) तुम्हारे पास न आयेगा। परंतु यदि मैं जाऊंगा तो उसे तुम्हारे पास भेज दूंगा। वह सहायक/अवतार पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी हैं जो अपने दिव्य आध्यात्मिक ज्ञान से विश्व में शान्ति स्थापित करेंगे। 🌟पवित्र बाईबल में लिखा है कि जीसस के शरीर छोड़ने के बाद कोई अन्य मसीहा विश्व में आएगा जो विश्व में शांति स्थापित करेगा। वह कोई और नहीं जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं। 🌟*यीशु जी की जन्म-मृत्यु पहले ही निर्धारित थी* हजरत यीशु का जन्म तथा मृत्यु व जो भी चमत्कार किए वे पहले ही ब्रह्म (यहोवा) के द्वारा निर्धारित थे ताकि उसके भेजे अवतार की महिमा बनी रहे और जब पूर्ण परमेश्वर का संदेशवाहक आये तो कोई उसका विश्वास न करें प्रमाण के लिए देखें- पवित्र बाइबल यूहन्ना 9:1-34 में 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि ईसा मसीह अर्थात जीसस स्वयं प्रभु (गॉड) थे। सच्चाई : जबकि संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि पवित्र बाइबिल मती 27 तथा 28/20 पृष्ठ 45 से 48 में लिखा है कि मृत्यु से पहले हजरत ईसा जी ने उच्चे स्वर में स्वयं कहा था कि “हे मेरे प्रभु ! आपने मुझे क्यों त्याग दिया?” जिससे स्पष्ट होता है कि ईसा जी प्रभु नहीं थे बल्कि प्रभु के पुत्र अर्थात दूत थे। 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि ईसा मसीह अर्थात जीसस स्वयं प्रभु यानी गॉड थे। सच्चाई : जबकि बाइबिल इब्रियों 1:5, मैथ्यू 17:5, मार्क 1:11 व ल्यूक 20:13 में बताया गया है कि यीशु (ईसा मसीह) को भगवान द्वारा पूर्ण परमात्मा का संदेश देने के लिए भेजा गया था। वे ईश्वर के पुत्र अर्थात दूत थे। जिससे स्पष्ट होता है कि ईसा जी प्रभु नहीं थे बल्कि प्रभु के पुत्र अर्थात दूत थे। 🌟ईसा मसीह द्वारा किये गए चमत्कार पहले से निर्धारित थे, जिसका प्रमाण पवित्र बाइबिल में यूहन्ना ग्रन्थ अध्याय 9 श्लोक 1 से 34 में है कि एक व्यक्ति जन्म से अंधा था। वह हजरत यीशु मसीह के पास आया तथा हजरत यीशु जी के आशीर्वाद से उसे आँखों से दिखाई देने लगा। शिष्यों ने पूछा, हे मसीह जी! इस व्यक्ति ने या इसके माता-पिता ने कौन-सा ऐसा पाप किया था जिस कारण से यह अंधा हुआ। यीशु जी ने कहा कि न इसका कोई पाप है और न ही इसके माता-पिता का कोई पाप है जिस कारण उन्हें अंधा पुत्र प्राप्त हुआ। यह तो इसलिए हुआ है कि प्रभु की महिमा प्रकट करनी है। जिससे सिद्ध है कि यदि पाप होता तो हजरत यीशु आँखे ठीक नहीं कर सकते थे। 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि परमात्मा निराकार है। सच्चाई : जबकि संत रामपाल जी महाराज पवित्र बाइबिल के उत्पत्ति ग्रंथ 1:26, 27 से बताते हैं कि परमेश्वर ने मानव को अपने स्वरूप में उत्पन्न किया। जिससे स्पष्ट है कि परमात्मा साकार है। 🌟भ्रांति: ईसाई धर्म के लोगों, मिशनरियों व पादरियों का मानना है कि बाइबिल में मांस खाने का आदेश परमेश्वर का है। सच्चाई: जबकि संत रामपाल जी महाराज बाइबिल के उत्पत्ति ग्रंथ 1:29 से बताते हैं कि प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं। जिससे स्पष्ट है कि परमात्मा का आदेश माँस खाने का नहीं है। 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म की मान्यता है कि क्रस किये जाने के तीन दिन बाद ईसा मसीह फिर से जिंदा हो गए थे। सच्चाई : जबकि यह बात पूर्णतः सत्य नहीं है। संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि पूर्ण परमात्मा ही भक्ति की आस्था बनाए रखने के लिए ईसा जी की मृत्यु के पश्चात् ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट होकर ईसाईयों के विश्वास को प्रभु भक्ति पर दृढ़ रखा था, नहीं तो ईसा जी के पूर्व चमत्कारों को देखते हुए ईसा जी का अंत देखकर कोई भी व्यक्ति भक्ति साधना नहीं करता और वे नास्तिक हो जाते। जिसका प्रमाण पवित्र बाइबिल में यूहन्ना ग्रन्थ अध्याय 16 श्लोक 4-15 में दिया गया है कि जिसे ईसाई धर्म के लोग शैतान कहते हैं, वह वास्तव में ब्रह्म काल जिसका प्रमाण पवित्र श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 11 श्लोक 21, 32 में है, यह शैतान काल यही चाहता है कि कोई भक्ति न करे यानि सभी नास्तिक बन जायें। 🌟ईसाई धर्म हो या मुसलमान धर्म पुनर्जन्म को नहीं मानते। इनकी धारणा है कि एक बार सभी मरते जायेंगे और इन्हें कब्रों में दबाते जायेंगे। जब कयामत (प्रलय) आएगी तो परमात्मा अच्छे कर्म करने वालों को स्वर्ग में और बुरे कर्म करने वालों को नरक में डालेगा। जबकि संत रामपाल जी महाराज जी जीवनी हजरत मुहम्मद पुस्तक के पृष्ठ 161, 164-165 से स्पष्ट करते हैं कि मुहम्मद जी ने ऊपर हजरत आदम, ईसा, मूसा, दाऊद, अब्राहिम सभी को देखा। जबकि मुसलमान धर्म और ईसाई धर्म के अनुसार अभी कयामत आई ही नहीं। जिससे स्पष्ट है कि पुनर्जन्म की धारणा इन दोनों ही धर्म में गलत है। 🌟ईसा मसीह का जन्म एक देवता से हुआ। प्रमाण : पवित्र बाईबल मती रचित सुसमाचार मती=1ः25 पृष्ठ नं. 1-2 पर। ईसा मसीह की पूज्य माता जी का नाम मरियम तथा पूज्य पिताजी का नाम यूसुफ था। परन्तु मरियम को गर्भ एक देवता से रहा था। इस पर यूसुफ ने आपत्ति की तथा मरियम को त्यागना चाहा तो स्वपन में (फरिश्ते) देवदूत ने ऐसा न करने को कहा तथा यूसुफ ने डर के मारे मरियम का त्याग न करके उसके साथ पति-पत्नी रूप में रहे। देवता से गर्भवती हुई मरियम ने ईसा को जन्म दिया। 🌟 ईसा जी भगवान नहीं थे, वह तो एक ईश्वर की भक्ति बताते थे हजरत ईसा जी को भी पूर्ण परमात्मा सत्यलोक से आकर मिले तथा एक परमेश्वर का मार्ग समझाया। इसके बाद ईसा जी एक ईश्वर की भक्ति समझाने लगे। लोगों ने बहुत विरोध किया। बीच-बीच में ब्रह्म(काल) के फरिश्ते हजरत ईसा जी को विचलित करते रहे तथा वास्तविक ज्ञान को दूर रखा। 🌟 हजरत ईसा जी पाप नहीं काट सकते हजरत यीशु का जन्म तथा मृत्यु व जो जो भी चमत्कार किए वे पहले ब्रह्म(ज्योति निरंजन) के द्वारा निर्धारित थे। यह प्रमाण पवित्र बाईबल में है कि एक व्यक्ति जन्म से अंधा था। वह हजरत यीशु मसीह के आशीर्वाद से वह ठीक हो गया। शिष्यों ने पूछा इस व्यक्ति ने कौन-सा पाप किया था। यीशु जी ने कहा कि इसका कोई पाप नहीं है। यह तो इसलिए हुआ है कि प्रभु की महिमा प्रकट करनी है। भावार्थ यह है कि यदि पाप होता तो हजरत यीशु आँखे ठीक नहीं कर सकते थे। 🌟 ईसा जी परमेश्वर नहीं थे, उनके द्वारा किये गये चमत्कार भी पूर्व निर्धारित थे हजरत ईसा मसीह के चमत्कारों में लिखा है कि एक प्रेतात्मा से पीड़ित व्यक्ति को ठीक कर दिया। यह काल स्वयं ही किसी प्रेत तथा पितर को प्रेरित करके किसी के शरीर में प्रवेश करवा देता है। फिर उसको किसी के माध्यम से अपने भेजे दूत के पास भेजकर प्रेत को भगा देता है। अपने अवतार की महिमा करवाकर कर हजारों को उसका अनुयाई बनवा कर काल जाल में फंसा देता है तथा उस पूर्व भक्ति कमाई युक्त साधक की कमाई को समाप्त करवा कर नरक में डाल देता है। 🌟 ईसा मसीह की मृत्यु हजरत ईसा मसीह की मृत्यु 30 वर्ष की आयु में हुई जो पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरी मृत्यु निकट है। (मत्ती 26ः24-55 पृष्ठ 42-44) 🌟 परमेश्वर अमर है, लेकिन ईसा मसीह जी की मृत्यु हुई हजरत ईसा मसीह की मृत्यु पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरे बारह शिष्यों में से ही एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा।  एक ईसा मसीह का खास यहूंदा इकसरौती नामक शिष्य था, जिसने तीस रूपये के लालच में अपने गुरु जी को विरोधियों के हवाले कर दिया। (मत्ती 26ः24-55 पृष्ठ 42-44) 🌟 पुण्यात्मा ईसा मसीह जी को केवल अपना पूर्व का निर्धारित जीवन काल प्राप्त हुआ जो उनके विषय में पहले ही पूर्व धर्म शास्त्रों में लिखा था। ‘‘मत्ती रचित समाचार‘‘ पृष्ठ 1 पर लिखा है कि याकुब का पुत्र युसूफ था। युसूफ ही मरियम का पति था। मरियम को एक फरिश्ते से गर्भ रहा था। तब हजरत ईसा जी का जन्म हुआ समाज की दृष्टि में ईसा जी के पिता युसूफ थे। (मत्ती 1ः1-18) 🌟 ईसा मसीह की दर्दनाक मौत से साबित होता है कि वह परमात्मा नहीं थे। परमात्मा तो अविनाशी है। तीस वर्ष की आयु में ईसा मसीह जी को शुक्रवार के दिन सलीब मौत (दीवार) के साथ एक आकार के लकड़ के ऊपर खड़ा करके हाथों व पैरों में मेख (मोटी कील) गाड़ दी। जिस कारण अति पीड़ा से ईसा जी की मृत्यु हुई। 🌟ईसा जी में फरिश्ते प्रवेश कर बोलते थे एक स्थान पर ईसा जी ने कहा कि मैं याकूब से भी पहले था। संसार की दृष्टि से याकूब ईसा जी का दादा था। यदि ईसा जी की आत्मा होती तो यह नहीं कहती कि मैं याकूब (अपने दादा) से भी पहले था। सिद्ध होता है ईसा जी में कोई अन्य फरिश्ता बोल रहा था जो प्रेतवत प्रवेश कर जाता था। 🌟परमेश्वर कबीर जी की भक्ति से ही रक्षा होती है ईसा जी को उनके शिष्य ने सिर्फ 30 रुपए के लिए उनके विरोधियों को सौंप दिया। विरोधियों ने T आकार की लकड़ी में कील गाड़कर क्रश कर दिया। हज़रत ईसा जी ने मरते समय कहा कि हे मेरे प्रभु! आपने मुझे क्यों त्याग दिया। इससे स्पष्ट है कि काल प्रभु अंतिम समय में अकेला छोड़ देता है। (पवित्र बाईबल मत्ती 27 तथा 28/20 पृष्ठ 45 से 48 में) 🌟भक्ति युक्त आत्माएं नबी बनकर आती हैं बाईबल में यूहन्ना ग्रन्थ (अध्याय 16 श्लोक 4 से 15) में प्रमाण है काल भक्ति युक्त भक्तों को नबी बनाकर भेजता है और उन्हीं भक्तों की कमाई से चमत्कार करवाता रहता है। जब उनकी कमाई खत्म हो जाती है उनको मरने के लिए छोड़ देता है जैसे ईसा जी की मृत्यु हुई। लेकिन परमेश्वर भक्ति दृढ़ रखने के लिए 3 दिन बाद ईसा जी के रूप में प्रकट हुए। ताकि जब भक्ति युग आए तो सब सतभक्ति करें और साधक पूर्ण मोक्ष को प्राप्त करें। 🌟ईसा जी परमेश्वर के पुत्र थे ईसा जी ने स्वयं को परमेश्वर का पुत्र कहा, न कि स्वयं को परमेश्वर कहा। इससे सिद्ध हुआ कि परमेश्वर कोई और है। उसने जमीन और आसमान के बीच की कायनात 6 दिन में रची और सातवें दिन तख्त पर जा विराजा (प्रमाण- बाईबल उत्पत्ति ग्रंथ, पृष्ठ 1-3) 🌟हजरत ईसा जी में देव तथा पित्तर प्रवेश होकर बोलते थे प्रमाण : बाईबल अध्याय 2 कुरिन्थियों 2ः12-17 पृष्ठ 259-260 में स्पष्ट लिखा है कि एक आत्मा नबी में प्रवेश करके बोल रही है। 🌟मांस खाने का आदेश परमेश्वर का नहीं है प्रमाण:- कोरिंथियन 2:12, 17 एक आत्मा किसी में प्रवेश करके बोल रही है। (17) हम उन लोगों में से नहीं है जो परमेश्वर के वचनों में मिलावट करते हैं। इससे स्पष्ट है कि ईसा जी में अन्य फरिश्ते और अन्य आत्माएं भी बोलती हैं जो अपनी तरफ से मिलावट करके बोलती हैं। बाईबल में मांस खाने का आदेश अन्य आत्माओं का है, प्रभु का नहीं। 🌟क्या यीशु परमेश्वर हैं? ईसाई त्रिदेवों में, जो पिता, पुत्र व पवित्र आत्मा के बारे में बताते हैं कि यीशु परमेश्वर का पुत्र था। मार्क 1:11- और आकाश से एक आवाज़ आयी: "तुम मेरे प्यारे पुत्र हो, तुमसे मैं बहुत प्रसन्न हूँ।" सिद्ध हुआ कि यीशु परमेश्वर का पुत्र था। 🌟जीसस के शरीर में आत्माएँ प्रवेश करके भविष्यवाणियां करती थी। जब जीसस को क्रॉस/सूली पर चढ़ाया गया तब सभी आत्माओं ने यीशु के शरीर को छोड़ दिया। बाईबल 2 कोरिंथियन 2:12-17 पृष्ठ 259-260 में प्रमाण है कि आत्माएँ यीशु के शरीर में प्रवेश करके बोलती थीं। ❌ *No Copy Paste* ❌
babu dasi
626 views
1 days ago
*🔅बन्दीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की जय🔅* 05/04/26 *🎈X सेवा🎈* 💠 *आज ईसाइयों का त्योहार ईस्टर डे है। इसलिए X पर ईसाई धर्म से संबन्धित सेवा करनी है।* 🪦 ```ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि जीसस को शुक्रवार को सूली पर चढ़ा दिया गया था फिर तीसरे दिन ईसा मसीह फिर जिंदा हो उठे थे, जिसकी खुशी में ईस्टर डे मनाया जाता है।``` *हमें यह बताना है कि वह कबीर परमात्मा ही थे जो ईसा मसीह के रूप में प्रकट हुए थे ताकि भक्तों का विश्वास प्रभु भक्ति पर दृढ़ रहे।* *टैग⤵️* #Facts_About_EasterSunday Kabir Is God 🌿 *सेवा से सम्बंधित फ़ोटो लिंक⤵️* https://www.satsaheb.org/easter-hindi/ #santrampal ji maharaj https://news.jagatgururampalji.org/bible-facts-hindi-photos/ https://news.jagatgururampalji.org/christianity-hindi-photos/ https://www.satsaheb.org/easter-english/ https://news.jagatgururampalji.org/jesus-english-photos// *⛳Sewa Points⤵️* 🌟 ईसा मसीह की मृत्यु के तीसरे दिन स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही आये थे भक्ति की लाज रखने के लिए। अन्यथा काल ब्रह्म भगवान से विश्वास ही उठा देता लोगों का। 🌟ईसा जी की मृत्यु बाद परमेश्वर प्रकट हुए ईसा जी को क्रश करने के बाद पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब, ईसा जी का रूप धारण करके अनेकों जगह प्रकट होकर शिष्यों को दिखाई देने लगे। यदि परमेश्वर नहीं आते तो ईसा जी के पूर्व चमत्कारों को देखते हुए‌ ईसा जी का अंत देखकर कोई भी व्यक्ति भक्ति साधना नहीं करता, नास्तिक हो जाते। (प्रमाण पवित्र बाईबल में यूहन्ना 16: 4-15) 🌟ईसा मसीह की बाईबल में एक सहायक (अवतार) भेजने की भविष्यवाणी यीशु ने बाईबल John 16:7 में एक सहायक (अवतार) भेजने की भविष्यवाणी की है कि - मैं तुमसे सच कहता हूं कि मेरा जाना तुम्हारे लिए अच्छा है। यदि मैं न जाऊं तो सहायक (अवतार) तुम्हारे पास न आयेगा। परंतु यदि मैं जाऊंगा तो उसे तुम्हारे पास भेज दूंगा। वह सहायक/अवतार पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी हैं जो अपने दिव्य आध्यात्मिक ज्ञान से विश्व में शान्ति स्थापित करेंगे। 🌟पवित्र बाईबल में लिखा है कि जीसस के शरीर छोड़ने के बाद कोई अन्य मसीहा विश्व में आएगा जो विश्व में शांति स्थापित करेगा। वह कोई और नहीं जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं। 🌟*यीशु जी की जन्म-मृत्यु पहले ही निर्धारित थी* हजरत यीशु का जन्म तथा मृत्यु व जो भी चमत्कार किए वे पहले ही ब्रह्म (यहोवा) के द्वारा निर्धारित थे ताकि उसके भेजे अवतार की महिमा बनी रहे और जब पूर्ण परमेश्वर का संदेशवाहक आये तो कोई उसका विश्वास न करें प्रमाण के लिए देखें- पवित्र बाइबल यूहन्ना 9:1-34 में 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि ईसा मसीह अर्थात जीसस स्वयं प्रभु (गॉड) थे। सच्चाई : जबकि संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि पवित्र बाइबिल मती 27 तथा 28/20 पृष्ठ 45 से 48 में लिखा है कि मृत्यु से पहले हजरत ईसा जी ने उच्चे स्वर में स्वयं कहा था कि “हे मेरे प्रभु ! आपने मुझे क्यों त्याग दिया?” जिससे स्पष्ट होता है कि ईसा जी प्रभु नहीं थे बल्कि प्रभु के पुत्र अर्थात दूत थे। 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि ईसा मसीह अर्थात जीसस स्वयं प्रभु यानी गॉड थे। सच्चाई : जबकि बाइबिल इब्रियों 1:5, मैथ्यू 17:5, मार्क 1:11 व ल्यूक 20:13 में बताया गया है कि यीशु (ईसा मसीह) को भगवान द्वारा पूर्ण परमात्मा का संदेश देने के लिए भेजा गया था। वे ईश्वर के पुत्र अर्थात दूत थे। जिससे स्पष्ट होता है कि ईसा जी प्रभु नहीं थे बल्कि प्रभु के पुत्र अर्थात दूत थे। 🌟ईसा मसीह द्वारा किये गए चमत्कार पहले से निर्धारित थे, जिसका प्रमाण पवित्र बाइबिल में यूहन्ना ग्रन्थ अध्याय 9 श्लोक 1 से 34 में है कि एक व्यक्ति जन्म से अंधा था। वह हजरत यीशु मसीह के पास आया तथा हजरत यीशु जी के आशीर्वाद से उसे आँखों से दिखाई देने लगा। शिष्यों ने पूछा, हे मसीह जी! इस व्यक्ति ने या इसके माता-पिता ने कौन-सा ऐसा पाप किया था जिस कारण से यह अंधा हुआ। यीशु जी ने कहा कि न इसका कोई पाप है और न ही इसके माता-पिता का कोई पाप है जिस कारण उन्हें अंधा पुत्र प्राप्त हुआ। यह तो इसलिए हुआ है कि प्रभु की महिमा प्रकट करनी है। जिससे सिद्ध है कि यदि पाप होता तो हजरत यीशु आँखे ठीक नहीं कर सकते थे। 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि परमात्मा निराकार है। सच्चाई : जबकि संत रामपाल जी महाराज पवित्र बाइबिल के उत्पत्ति ग्रंथ 1:26, 27 से बताते हैं कि परमेश्वर ने मानव को अपने स्वरूप में उत्पन्न किया। जिससे स्पष्ट है कि परमात्मा साकार है। 🌟भ्रांति: ईसाई धर्म के लोगों, मिशनरियों व पादरियों का मानना है कि बाइबिल में मांस खाने का आदेश परमेश्वर का है। सच्चाई: जबकि संत रामपाल जी महाराज बाइबिल के उत्पत्ति ग्रंथ 1:29 से बताते हैं कि प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं। जिससे स्पष्ट है कि परमात्मा का आदेश माँस खाने का नहीं है। 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म की मान्यता है कि क्रस किये जाने के तीन दिन बाद ईसा मसीह फिर से जिंदा हो गए थे। सच्चाई : जबकि यह बात पूर्णतः सत्य नहीं है। संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि पूर्ण परमात्मा ही भक्ति की आस्था बनाए रखने के लिए ईसा जी की मृत्यु के पश्चात् ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट होकर ईसाईयों के विश्वास को प्रभु भक्ति पर दृढ़ रखा था, नहीं तो ईसा जी के पूर्व चमत्कारों को देखते हुए ईसा जी का अंत देखकर कोई भी व्यक्ति भक्ति साधना नहीं करता और वे नास्तिक हो जाते। जिसका प्रमाण पवित्र बाइबिल में यूहन्ना ग्रन्थ अध्याय 16 श्लोक 4-15 में दिया गया है कि जिसे ईसाई धर्म के लोग शैतान कहते हैं, वह वास्तव में ब्रह्म काल जिसका प्रमाण पवित्र श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 11 श्लोक 21, 32 में है, यह शैतान काल यही चाहता है कि कोई भक्ति न करे यानि सभी नास्तिक बन जायें। 🌟ईसाई धर्म हो या मुसलमान धर्म पुनर्जन्म को नहीं मानते। इनकी धारणा है कि एक बार सभी मरते जायेंगे और इन्हें कब्रों में दबाते जायेंगे। जब कयामत (प्रलय) आएगी तो परमात्मा अच्छे कर्म करने वालों को स्वर्ग में और बुरे कर्म करने वालों को नरक में डालेगा। जबकि संत रामपाल जी महाराज जी जीवनी हजरत मुहम्मद पुस्तक के पृष्ठ 161, 164-165 से स्पष्ट करते हैं कि मुहम्मद जी ने ऊपर हजरत आदम, ईसा, मूसा, दाऊद, अब्राहिम सभी को देखा। जबकि मुसलमान धर्म और ईसाई धर्म के अनुसार अभी कयामत आई ही नहीं। जिससे स्पष्ट है कि पुनर्जन्म की धारणा इन दोनों ही धर्म में गलत है। 🌟ईसा मसीह का जन्म एक देवता से हुआ। प्रमाण : पवित्र बाईबल मती रचित सुसमाचार मती=1ः25 पृष्ठ नं. 1-2 पर। ईसा मसीह की पूज्य माता जी का नाम मरियम तथा पूज्य पिताजी का नाम यूसुफ था। परन्तु मरियम को गर्भ एक देवता से रहा था। इस पर यूसुफ ने आपत्ति की तथा मरियम को त्यागना चाहा तो स्वपन में (फरिश्ते) देवदूत ने ऐसा न करने को कहा तथा यूसुफ ने डर के मारे मरियम का त्याग न करके उसके साथ पति-पत्नी रूप में रहे। देवता से गर्भवती हुई मरियम ने ईसा को जन्म दिया। 🌟 ईसा जी भगवान नहीं थे, वह तो एक ईश्वर की भक्ति बताते थे हजरत ईसा जी को भी पूर्ण परमात्मा सत्यलोक से आकर मिले तथा एक परमेश्वर का मार्ग समझाया। इसके बाद ईसा जी एक ईश्वर की भक्ति समझाने लगे। लोगों ने बहुत विरोध किया। बीच-बीच में ब्रह्म(काल) के फरिश्ते हजरत ईसा जी को विचलित करते रहे तथा वास्तविक ज्ञान को दूर रखा। 🌟 हजरत ईसा जी पाप नहीं काट सकते हजरत यीशु का जन्म तथा मृत्यु व जो जो भी चमत्कार किए वे पहले ब्रह्म(ज्योति निरंजन) के द्वारा निर्धारित थे। यह प्रमाण पवित्र बाईबल में है कि एक व्यक्ति जन्म से अंधा था। वह हजरत यीशु मसीह के आशीर्वाद से वह ठीक हो गया। शिष्यों ने पूछा इस व्यक्ति ने कौन-सा पाप किया था। यीशु जी ने कहा कि इसका कोई पाप नहीं है। यह तो इसलिए हुआ है कि प्रभु की महिमा प्रकट करनी है। भावार्थ यह है कि यदि पाप होता तो हजरत यीशु आँखे ठीक नहीं कर सकते थे। 🌟 ईसा जी परमेश्वर नहीं थे, उनके द्वारा किये गये चमत्कार भी पूर्व निर्धारित थे हजरत ईसा मसीह के चमत्कारों में लिखा है कि एक प्रेतात्मा से पीड़ित व्यक्ति को ठीक कर दिया। यह काल स्वयं ही किसी प्रेत तथा पितर को प्रेरित करके किसी के शरीर में प्रवेश करवा देता है। फिर उसको किसी के माध्यम से अपने भेजे दूत के पास भेजकर प्रेत को भगा देता है। अपने अवतार की महिमा करवाकर कर हजारों को उसका अनुयाई बनवा कर काल जाल में फंसा देता है तथा उस पूर्व भक्ति कमाई युक्त साधक की कमाई को समाप्त करवा कर नरक में डाल देता है। 🌟 ईसा मसीह की मृत्यु हजरत ईसा मसीह की मृत्यु 30 वर्ष की आयु में हुई जो पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरी मृत्यु निकट है। (मत्ती 26ः24-55 पृष्ठ 42-44) 🌟 परमेश्वर अमर है, लेकिन ईसा मसीह जी की मृत्यु हुई हजरत ईसा मसीह की मृत्यु पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरे बारह शिष्यों में से ही एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा।  एक ईसा मसीह का खास यहूंदा इकसरौती नामक शिष्य था, जिसने तीस रूपये के लालच में अपने गुरु जी को विरोधियों के हवाले कर दिया। (मत्ती 26ः24-55 पृष्ठ 42-44) 🌟 पुण्यात्मा ईसा मसीह जी को केवल अपना पूर्व का निर्धारित जीवन काल प्राप्त हुआ जो उनके विषय में पहले ही पूर्व धर्म शास्त्रों में लिखा था। ‘‘मत्ती रचित समाचार‘‘ पृष्ठ 1 पर लिखा है कि याकुब का पुत्र युसूफ था। युसूफ ही मरियम का पति था। मरियम को एक फरिश्ते से गर्भ रहा था। तब हजरत ईसा जी का जन्म हुआ समाज की दृष्टि में ईसा जी के पिता युसूफ थे। (मत्ती 1ः1-18) 🌟 ईसा मसीह की दर्दनाक मौत से साबित होता है कि वह परमात्मा नहीं थे। परमात्मा तो अविनाशी है। तीस वर्ष की आयु में ईसा मसीह जी को शुक्रवार के दिन सलीब मौत (दीवार) के साथ एक आकार के लकड़ के ऊपर खड़ा करके हाथों व पैरों में मेख (मोटी कील) गाड़ दी। जिस कारण अति पीड़ा से ईसा जी की मृत्यु हुई। 🌟ईसा जी में फरिश्ते प्रवेश कर बोलते थे एक स्थान पर ईसा जी ने कहा कि मैं याकूब से भी पहले था। संसार की दृष्टि से याकूब ईसा जी का दादा था। यदि ईसा जी की आत्मा होती तो यह नहीं कहती कि मैं याकूब (अपने दादा) से भी पहले था। सिद्ध होता है ईसा जी में कोई अन्य फरिश्ता बोल रहा था जो प्रेतवत प्रवेश कर जाता था। 🌟परमेश्वर कबीर जी की भक्ति से ही रक्षा होती है ईसा जी को उनके शिष्य ने सिर्फ 30 रुपए के लिए उनके विरोधियों को सौंप दिया। विरोधियों ने T आकार की लकड़ी में कील गाड़कर क्रश कर दिया। हज़रत ईसा जी ने मरते समय कहा कि हे मेरे प्रभु! आपने मुझे क्यों त्याग दिया। इससे स्पष्ट है कि काल प्रभु अंतिम समय में अकेला छोड़ देता है। (पवित्र बाईबल मत्ती 27 तथा 28/20 पृष्ठ 45 से 48 में) 🌟भक्ति युक्त आत्माएं नबी बनकर आती हैं बाईबल में यूहन्ना ग्रन्थ (अध्याय 16 श्लोक 4 से 15) में प्रमाण है काल भक्ति युक्त भक्तों को नबी बनाकर भेजता है और उन्हीं भक्तों की कमाई से चमत्कार करवाता रहता है। जब उनकी कमाई खत्म हो जाती है उनको मरने के लिए छोड़ देता है जैसे ईसा जी की मृत्यु हुई। लेकिन परमेश्वर भक्ति दृढ़ रखने के लिए 3 दिन बाद ईसा जी के रूप में प्रकट हुए। ताकि जब भक्ति युग आए तो सब सतभक्ति करें और साधक पूर्ण मोक्ष को प्राप्त करें। 🌟ईसा जी परमेश्वर के पुत्र थे ईसा जी ने स्वयं को परमेश्वर का पुत्र कहा, न कि स्वयं को परमेश्वर कहा। इससे सिद्ध हुआ कि परमेश्वर कोई और है। उसने जमीन और आसमान के बीच की कायनात 6 दिन में रची और सातवें दिन तख्त पर जा विराजा (प्रमाण- बाईबल उत्पत्ति ग्रंथ, पृष्ठ 1-3) 🌟हजरत ईसा जी में देव तथा पित्तर प्रवेश होकर बोलते थे प्रमाण : बाईबल अध्याय 2 कुरिन्थियों 2ः12-17 पृष्ठ 259-260 में स्पष्ट लिखा है कि एक आत्मा नबी में प्रवेश करके बोल रही है। 🌟मांस खाने का आदेश परमेश्वर का नहीं है प्रमाण:- कोरिंथियन 2:12, 17 एक आत्मा किसी में प्रवेश करके बोल रही है। (17) हम उन लोगों में से नहीं है जो परमेश्वर के वचनों में मिलावट करते हैं। इससे स्पष्ट है कि ईसा जी में अन्य फरिश्ते और अन्य आत्माएं भी बोलती हैं जो अपनी तरफ से मिलावट करके बोलती हैं। बाईबल में मांस खाने का आदेश अन्य आत्माओं का है, प्रभु का नहीं। 🌟क्या यीशु परमेश्वर हैं? ईसाई त्रिदेवों में, जो पिता, पुत्र व पवित्र आत्मा के बारे में बताते हैं कि यीशु परमेश्वर का पुत्र था। मार्क 1:11- और आकाश से एक आवाज़ आयी: "तुम मेरे प्यारे पुत्र हो, तुमसे मैं बहुत प्रसन्न हूँ।" सिद्ध हुआ कि यीशु परमेश्वर का पुत्र था। 🌟जीसस के शरीर में आत्माएँ प्रवेश करके भविष्यवाणियां करती थी। जब जीसस को क्रॉस/सूली पर चढ़ाया गया तब सभी आत्माओं ने यीशु के शरीर को छोड़ दिया। बाईबल 2 कोरिंथियन 2:12-17 पृष्ठ 259-260 में प्रमाण है कि आत्माएँ यीशु के शरीर में प्रवेश करके बोलती थीं। ❌ *No Copy Paste* ❌
babu dasi
591 views
1 days ago
*🔅बन्दीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की जय🔅* 05/04/26 *🎈X सेवा🎈* 💠 *आज ईसाइयों का त्योहार ईस्टर डे है। इसलिए X पर ईसाई धर्म से संबन्धित सेवा करनी है।* 🪦 ```ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि जीसस को शुक्रवार को सूली पर चढ़ा दिया गया था फिर तीसरे दिन ईसा मसीह फिर जिंदा हो उठे थे, जिसकी खुशी में ईस्टर डे मनाया जाता है।``` *हमें यह बताना है कि वह कबीर परमात्मा ही थे जो ईसा मसीह के रूप में प्रकट हुए थे ताकि भक्तों का विश्वास प्रभु भक्ति पर दृढ़ रहे।* *टैग⤵️* #Facts_About_EasterSunday Kabir Is God 🌿 *सेवा से सम्बंधित फ़ोटो लिंक⤵️* https://www.satsaheb.org/easter-hindi/ #santrampal ji maharaj https://news.jagatgururampalji.org/bible-facts-hindi-photos/ https://news.jagatgururampalji.org/christianity-hindi-photos/ https://www.satsaheb.org/easter-english/ https://news.jagatgururampalji.org/jesus-english-photos// *⛳Sewa Points⤵️* 🌟 ईसा मसीह की मृत्यु के तीसरे दिन स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही आये थे भक्ति की लाज रखने के लिए। अन्यथा काल ब्रह्म भगवान से विश्वास ही उठा देता लोगों का। 🌟ईसा जी की मृत्यु बाद परमेश्वर प्रकट हुए ईसा जी को क्रश करने के बाद पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब, ईसा जी का रूप धारण करके अनेकों जगह प्रकट होकर शिष्यों को दिखाई देने लगे। यदि परमेश्वर नहीं आते तो ईसा जी के पूर्व चमत्कारों को देखते हुए‌ ईसा जी का अंत देखकर कोई भी व्यक्ति भक्ति साधना नहीं करता, नास्तिक हो जाते। (प्रमाण पवित्र बाईबल में यूहन्ना 16: 4-15) 🌟ईसा मसीह की बाईबल में एक सहायक (अवतार) भेजने की भविष्यवाणी यीशु ने बाईबल John 16:7 में एक सहायक (अवतार) भेजने की भविष्यवाणी की है कि - मैं तुमसे सच कहता हूं कि मेरा जाना तुम्हारे लिए अच्छा है। यदि मैं न जाऊं तो सहायक (अवतार) तुम्हारे पास न आयेगा। परंतु यदि मैं जाऊंगा तो उसे तुम्हारे पास भेज दूंगा। वह सहायक/अवतार पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी हैं जो अपने दिव्य आध्यात्मिक ज्ञान से विश्व में शान्ति स्थापित करेंगे। 🌟पवित्र बाईबल में लिखा है कि जीसस के शरीर छोड़ने के बाद कोई अन्य मसीहा विश्व में आएगा जो विश्व में शांति स्थापित करेगा। वह कोई और नहीं जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं। 🌟*यीशु जी की जन्म-मृत्यु पहले ही निर्धारित थी* हजरत यीशु का जन्म तथा मृत्यु व जो भी चमत्कार किए वे पहले ही ब्रह्म (यहोवा) के द्वारा निर्धारित थे ताकि उसके भेजे अवतार की महिमा बनी रहे और जब पूर्ण परमेश्वर का संदेशवाहक आये तो कोई उसका विश्वास न करें प्रमाण के लिए देखें- पवित्र बाइबल यूहन्ना 9:1-34 में 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि ईसा मसीह अर्थात जीसस स्वयं प्रभु (गॉड) थे। सच्चाई : जबकि संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि पवित्र बाइबिल मती 27 तथा 28/20 पृष्ठ 45 से 48 में लिखा है कि मृत्यु से पहले हजरत ईसा जी ने उच्चे स्वर में स्वयं कहा था कि “हे मेरे प्रभु ! आपने मुझे क्यों त्याग दिया?” जिससे स्पष्ट होता है कि ईसा जी प्रभु नहीं थे बल्कि प्रभु के पुत्र अर्थात दूत थे। 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि ईसा मसीह अर्थात जीसस स्वयं प्रभु यानी गॉड थे। सच्चाई : जबकि बाइबिल इब्रियों 1:5, मैथ्यू 17:5, मार्क 1:11 व ल्यूक 20:13 में बताया गया है कि यीशु (ईसा मसीह) को भगवान द्वारा पूर्ण परमात्मा का संदेश देने के लिए भेजा गया था। वे ईश्वर के पुत्र अर्थात दूत थे। जिससे स्पष्ट होता है कि ईसा जी प्रभु नहीं थे बल्कि प्रभु के पुत्र अर्थात दूत थे। 🌟ईसा मसीह द्वारा किये गए चमत्कार पहले से निर्धारित थे, जिसका प्रमाण पवित्र बाइबिल में यूहन्ना ग्रन्थ अध्याय 9 श्लोक 1 से 34 में है कि एक व्यक्ति जन्म से अंधा था। वह हजरत यीशु मसीह के पास आया तथा हजरत यीशु जी के आशीर्वाद से उसे आँखों से दिखाई देने लगा। शिष्यों ने पूछा, हे मसीह जी! इस व्यक्ति ने या इसके माता-पिता ने कौन-सा ऐसा पाप किया था जिस कारण से यह अंधा हुआ। यीशु जी ने कहा कि न इसका कोई पाप है और न ही इसके माता-पिता का कोई पाप है जिस कारण उन्हें अंधा पुत्र प्राप्त हुआ। यह तो इसलिए हुआ है कि प्रभु की महिमा प्रकट करनी है। जिससे सिद्ध है कि यदि पाप होता तो हजरत यीशु आँखे ठीक नहीं कर सकते थे। 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म के लोग मानते हैं कि परमात्मा निराकार है। सच्चाई : जबकि संत रामपाल जी महाराज पवित्र बाइबिल के उत्पत्ति ग्रंथ 1:26, 27 से बताते हैं कि परमेश्वर ने मानव को अपने स्वरूप में उत्पन्न किया। जिससे स्पष्ट है कि परमात्मा साकार है। 🌟भ्रांति: ईसाई धर्म के लोगों, मिशनरियों व पादरियों का मानना है कि बाइबिल में मांस खाने का आदेश परमेश्वर का है। सच्चाई: जबकि संत रामपाल जी महाराज बाइबिल के उत्पत्ति ग्रंथ 1:29 से बताते हैं कि प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं। जिससे स्पष्ट है कि परमात्मा का आदेश माँस खाने का नहीं है। 🌟भ्रांति : ईसाई धर्म की मान्यता है कि क्रस किये जाने के तीन दिन बाद ईसा मसीह फिर से जिंदा हो गए थे। सच्चाई : जबकि यह बात पूर्णतः सत्य नहीं है। संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि पूर्ण परमात्मा ही भक्ति की आस्था बनाए रखने के लिए ईसा जी की मृत्यु के पश्चात् ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट होकर ईसाईयों के विश्वास को प्रभु भक्ति पर दृढ़ रखा था, नहीं तो ईसा जी के पूर्व चमत्कारों को देखते हुए ईसा जी का अंत देखकर कोई भी व्यक्ति भक्ति साधना नहीं करता और वे नास्तिक हो जाते। जिसका प्रमाण पवित्र बाइबिल में यूहन्ना ग्रन्थ अध्याय 16 श्लोक 4-15 में दिया गया है कि जिसे ईसाई धर्म के लोग शैतान कहते हैं, वह वास्तव में ब्रह्म काल जिसका प्रमाण पवित्र श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 11 श्लोक 21, 32 में है, यह शैतान काल यही चाहता है कि कोई भक्ति न करे यानि सभी नास्तिक बन जायें। 🌟ईसाई धर्म हो या मुसलमान धर्म पुनर्जन्म को नहीं मानते। इनकी धारणा है कि एक बार सभी मरते जायेंगे और इन्हें कब्रों में दबाते जायेंगे। जब कयामत (प्रलय) आएगी तो परमात्मा अच्छे कर्म करने वालों को स्वर्ग में और बुरे कर्म करने वालों को नरक में डालेगा। जबकि संत रामपाल जी महाराज जी जीवनी हजरत मुहम्मद पुस्तक के पृष्ठ 161, 164-165 से स्पष्ट करते हैं कि मुहम्मद जी ने ऊपर हजरत आदम, ईसा, मूसा, दाऊद, अब्राहिम सभी को देखा। जबकि मुसलमान धर्म और ईसाई धर्म के अनुसार अभी कयामत आई ही नहीं। जिससे स्पष्ट है कि पुनर्जन्म की धारणा इन दोनों ही धर्म में गलत है। 🌟ईसा मसीह का जन्म एक देवता से हुआ। प्रमाण : पवित्र बाईबल मती रचित सुसमाचार मती=1ः25 पृष्ठ नं. 1-2 पर। ईसा मसीह की पूज्य माता जी का नाम मरियम तथा पूज्य पिताजी का नाम यूसुफ था। परन्तु मरियम को गर्भ एक देवता से रहा था। इस पर यूसुफ ने आपत्ति की तथा मरियम को त्यागना चाहा तो स्वपन में (फरिश्ते) देवदूत ने ऐसा न करने को कहा तथा यूसुफ ने डर के मारे मरियम का त्याग न करके उसके साथ पति-पत्नी रूप में रहे। देवता से गर्भवती हुई मरियम ने ईसा को जन्म दिया। 🌟 ईसा जी भगवान नहीं थे, वह तो एक ईश्वर की भक्ति बताते थे हजरत ईसा जी को भी पूर्ण परमात्मा सत्यलोक से आकर मिले तथा एक परमेश्वर का मार्ग समझाया। इसके बाद ईसा जी एक ईश्वर की भक्ति समझाने लगे। लोगों ने बहुत विरोध किया। बीच-बीच में ब्रह्म(काल) के फरिश्ते हजरत ईसा जी को विचलित करते रहे तथा वास्तविक ज्ञान को दूर रखा। 🌟 हजरत ईसा जी पाप नहीं काट सकते हजरत यीशु का जन्म तथा मृत्यु व जो जो भी चमत्कार किए वे पहले ब्रह्म(ज्योति निरंजन) के द्वारा निर्धारित थे। यह प्रमाण पवित्र बाईबल में है कि एक व्यक्ति जन्म से अंधा था। वह हजरत यीशु मसीह के आशीर्वाद से वह ठीक हो गया। शिष्यों ने पूछा इस व्यक्ति ने कौन-सा पाप किया था। यीशु जी ने कहा कि इसका कोई पाप नहीं है। यह तो इसलिए हुआ है कि प्रभु की महिमा प्रकट करनी है। भावार्थ यह है कि यदि पाप होता तो हजरत यीशु आँखे ठीक नहीं कर सकते थे। 🌟 ईसा जी परमेश्वर नहीं थे, उनके द्वारा किये गये चमत्कार भी पूर्व निर्धारित थे हजरत ईसा मसीह के चमत्कारों में लिखा है कि एक प्रेतात्मा से पीड़ित व्यक्ति को ठीक कर दिया। यह काल स्वयं ही किसी प्रेत तथा पितर को प्रेरित करके किसी के शरीर में प्रवेश करवा देता है। फिर उसको किसी के माध्यम से अपने भेजे दूत के पास भेजकर प्रेत को भगा देता है। अपने अवतार की महिमा करवाकर कर हजारों को उसका अनुयाई बनवा कर काल जाल में फंसा देता है तथा उस पूर्व भक्ति कमाई युक्त साधक की कमाई को समाप्त करवा कर नरक में डाल देता है। 🌟 ईसा मसीह की मृत्यु हजरत ईसा मसीह की मृत्यु 30 वर्ष की आयु में हुई जो पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरी मृत्यु निकट है। (मत्ती 26ः24-55 पृष्ठ 42-44) 🌟 परमेश्वर अमर है, लेकिन ईसा मसीह जी की मृत्यु हुई हजरत ईसा मसीह की मृत्यु पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरे बारह शिष्यों में से ही एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा।  एक ईसा मसीह का खास यहूंदा इकसरौती नामक शिष्य था, जिसने तीस रूपये के लालच में अपने गुरु जी को विरोधियों के हवाले कर दिया। (मत्ती 26ः24-55 पृष्ठ 42-44) 🌟 पुण्यात्मा ईसा मसीह जी को केवल अपना पूर्व का निर्धारित जीवन काल प्राप्त हुआ जो उनके विषय में पहले ही पूर्व धर्म शास्त्रों में लिखा था। ‘‘मत्ती रचित समाचार‘‘ पृष्ठ 1 पर लिखा है कि याकुब का पुत्र युसूफ था। युसूफ ही मरियम का पति था। मरियम को एक फरिश्ते से गर्भ रहा था। तब हजरत ईसा जी का जन्म हुआ समाज की दृष्टि में ईसा जी के पिता युसूफ थे। (मत्ती 1ः1-18) 🌟 ईसा मसीह की दर्दनाक मौत से साबित होता है कि वह परमात्मा नहीं थे। परमात्मा तो अविनाशी है। तीस वर्ष की आयु में ईसा मसीह जी को शुक्रवार के दिन सलीब मौत (दीवार) के साथ एक आकार के लकड़ के ऊपर खड़ा करके हाथों व पैरों में मेख (मोटी कील) गाड़ दी। जिस कारण अति पीड़ा से ईसा जी की मृत्यु हुई। 🌟ईसा जी में फरिश्ते प्रवेश कर बोलते थे एक स्थान पर ईसा जी ने कहा कि मैं याकूब से भी पहले था। संसार की दृष्टि से याकूब ईसा जी का दादा था। यदि ईसा जी की आत्मा होती तो यह नहीं कहती कि मैं याकूब (अपने दादा) से भी पहले था। सिद्ध होता है ईसा जी में कोई अन्य फरिश्ता बोल रहा था जो प्रेतवत प्रवेश कर जाता था। 🌟परमेश्वर कबीर जी की भक्ति से ही रक्षा होती है ईसा जी को उनके शिष्य ने सिर्फ 30 रुपए के लिए उनके विरोधियों को सौंप दिया। विरोधियों ने T आकार की लकड़ी में कील गाड़कर क्रश कर दिया। हज़रत ईसा जी ने मरते समय कहा कि हे मेरे प्रभु! आपने मुझे क्यों त्याग दिया। इससे स्पष्ट है कि काल प्रभु अंतिम समय में अकेला छोड़ देता है। (पवित्र बाईबल मत्ती 27 तथा 28/20 पृष्ठ 45 से 48 में) 🌟भक्ति युक्त आत्माएं नबी बनकर आती हैं बाईबल में यूहन्ना ग्रन्थ (अध्याय 16 श्लोक 4 से 15) में प्रमाण है काल भक्ति युक्त भक्तों को नबी बनाकर भेजता है और उन्हीं भक्तों की कमाई से चमत्कार करवाता रहता है। जब उनकी कमाई खत्म हो जाती है उनको मरने के लिए छोड़ देता है जैसे ईसा जी की मृत्यु हुई। लेकिन परमेश्वर भक्ति दृढ़ रखने के लिए 3 दिन बाद ईसा जी के रूप में प्रकट हुए। ताकि जब भक्ति युग आए तो सब सतभक्ति करें और साधक पूर्ण मोक्ष को प्राप्त करें। 🌟ईसा जी परमेश्वर के पुत्र थे ईसा जी ने स्वयं को परमेश्वर का पुत्र कहा, न कि स्वयं को परमेश्वर कहा। इससे सिद्ध हुआ कि परमेश्वर कोई और है। उसने जमीन और आसमान के बीच की कायनात 6 दिन में रची और सातवें दिन तख्त पर जा विराजा (प्रमाण- बाईबल उत्पत्ति ग्रंथ, पृष्ठ 1-3) 🌟हजरत ईसा जी में देव तथा पित्तर प्रवेश होकर बोलते थे प्रमाण : बाईबल अध्याय 2 कुरिन्थियों 2ः12-17 पृष्ठ 259-260 में स्पष्ट लिखा है कि एक आत्मा नबी में प्रवेश करके बोल रही है। 🌟मांस खाने का आदेश परमेश्वर का नहीं है प्रमाण:- कोरिंथियन 2:12, 17 एक आत्मा किसी में प्रवेश करके बोल रही है। (17) हम उन लोगों में से नहीं है जो परमेश्वर के वचनों में मिलावट करते हैं। इससे स्पष्ट है कि ईसा जी में अन्य फरिश्ते और अन्य आत्माएं भी बोलती हैं जो अपनी तरफ से मिलावट करके बोलती हैं। बाईबल में मांस खाने का आदेश अन्य आत्माओं का है, प्रभु का नहीं। 🌟क्या यीशु परमेश्वर हैं? ईसाई त्रिदेवों में, जो पिता, पुत्र व पवित्र आत्मा के बारे में बताते हैं कि यीशु परमेश्वर का पुत्र था। मार्क 1:11- और आकाश से एक आवाज़ आयी: "तुम मेरे प्यारे पुत्र हो, तुमसे मैं बहुत प्रसन्न हूँ।" सिद्ध हुआ कि यीशु परमेश्वर का पुत्र था। 🌟जीसस के शरीर में आत्माएँ प्रवेश करके भविष्यवाणियां करती थी। जब जीसस को क्रॉस/सूली पर चढ़ाया गया तब सभी आत्माओं ने यीशु के शरीर को छोड़ दिया। बाईबल 2 कोरिंथियन 2:12-17 पृष्ठ 259-260 में प्रमाण है कि आत्माएँ यीशु के शरीर में प्रवेश करके बोलती थीं। ❌ *No Copy Paste* ❌
babu dasi
406 views
5 days ago
#जैन_धर्म_की_सच्चाई Sant RampalJi YtChannel #santrampal ji maharaj
babu dasi
15.2K views
5 days ago
#जैन_धर्म_की_सच्चाई Sant RampalJi YtChannel #santrampal ji maharaj