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##मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरामहीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि. स. 1575, सन् 1518 को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी धाम सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।।
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##मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा बंदीछोड कबीर परमेश्वर जी सन् 1398 में काशी शहर में प्रकट होकर 120 वर्ष लीला करने के बाद सन् 1518 में मगहर (वर्तमान कबीर नगर जिला, उत्तरप्रदेश) से सशरीर सतलोक गए थे। ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 93 मंत्र 2, मण्डल 10 सूक्त 4 मंत्र 3 में यह प्रमाण हैं कि परमात्मा सशरीर आता है और सशरीर अपने अविनाशी धाम लौट जाता है।
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##मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा पांच तत्व का धड़ नहीं मेरा, जानुं ज्ञान अपारा। सत्य स्वरूपी नाम साहेब का, सोई नाम हमारा।। हाड़, चाम, लहु नहीं मेरे, कोई जाने सत्य नाम उपासी। तारन तरन अभय पद दाता, मैं हूं कबीर अविनाशी।। कबीर परमेश्वर जी ने स्वयं कहा था कि मेरा पांच तत्व से बना शरीर नहीं है। मैं अविनाशी परमात्मा हूँ। न मेरा जन्म होता, न मृत्यु। सबका उद्धार करने आया हूँ।
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##मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा वेदों में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर प्रकट होता है और सशरीर ही वापस अपने लोक सतलोक में चला जाता है। प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 94 मंत्र 2 कलयुग में इसका साक्षात प्रमाण मगहर में है, जहां बंदीछोड कबीर परमेश्वर जी के सतलोक प्रस्थान के बाद उनके शरीर के स्थान पर सुगंधित पुष्प मिले थे। और कबीर परमात्मा लहरतारा तालाब पर सशरीर प्रकट हुए थे।
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#निमंत्रण_संसारको_सम्मानकेसाथ पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ने स्वयं को परमेश्वर सिद्ध करने के लिए अनेकों लीलाएं व चमत्कार किए। आज से लगभग 508 वर्ष पूर्व (मास माघ, शुक्ल पक्ष, तिथि एकादशी वि. स. 1575 सन् 1518 को) परमेश्वर कबीर बंदी छोड़ जी ने उत्तरप्रदेश के मगहर कस्बे से लाखों लोगों के सामने सशरीर सतलोक (ऋतधाम) को प्रस्थान किया था। इसी उपलक्ष्य में वर्तमान में कबीर परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में तीन दिवसीय अद्भुत भंडारे का आयोजन 27 से 29 जनवरी 2026 तक सतलोक आश्रमों में किया जा रहा है। जिसमें आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित हैं। 🍀परमेश्वर स्वरूप सतगुरु रामपाल जी महाराज के सानिध्य में "परमेश्वर कबीर बंदी छोड़ जी के 508वें निर्वाण दिवस" के उपलक्ष्य में 27 से 29 जनवरी 2026 तक अमरग्रन्थ साहेब का 3 दिवसीय अखंड पाठ किया जा रहा है। मास माघ, शुक्ल पक्ष, तिथि एकादशी वि. स. 1575 सन् 1518 को परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी ने मगहर कस्बे से सशरीर सतलोक प्रस्थान किया था। इसी उपलक्ष्य में सतलोक आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इसमें निःशुल्क नामदीक्षा, रक्तदान शिविर, दहेज व आडंबर रहित आदर्श विवाह आदि का भी आयोजन किया जा रहा है। इस विशाल भंडारे में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।    ऐसे धर्म भंडारों में भोजन ग्रहण करने से श्रद्धालुओं को मुक्ति प्राप्ति, पापों का नाश, सुख-समृद्धि व अगले जन्म में उत्तम फल प्राप्त होता है।
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#निमंत्रण_संसारको_सम्मानकेसाथ आज से लगभग 507 वर्ष पूर्व (मास माघ, शुक्ल पक्ष, तिथि एकादशी वि. स. 1575 सन् 1518 को) परमेश्वर कबीर बंदी छोड़ जी ने उत्तरप्रदेश के मगहर कस्बे से लाखों लोगों के सामने सशरीर सतलोक (ऋतधाम) को प्रस्थान किया था। वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 27 से 29 जनवरी 2026 तक निर्वाण दिवस सतलोक आश्रमों में मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में तीन दिवसीय शुद्ध देसी घी से निर्मित निःशुल्क विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आप सभी सह परिवार सादर आमंत्रित हैं। इन समागमों में भोजन प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं को गीता में वर्णित पांचो यज्ञों का फल प्राप्त होता है ।
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#निमंत्रण_संसारको_सम्मानकेसाथ निर्वाण दिवस पर संपूर्ण विश्व को निमंत्रण लगभग 508 वर्ष पूर्व कबीर परमेश्वर मगहर से सशरीर सतलोक गए जिसे निर्वाण दिवस के रूप में जाना जाता है। इसी उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में दिनांक 27 से 29 जनवरी 2026 को देश-विदेश में सतलोक आश्रमों में संत गरीबदास जी महाराज की अमरवाणी का अखंड पाठ, शुद्ध देसी घी से निर्मित विशाल भंडारा, रक्तदान शिविर, नशामुक्त कार्यक्रम, दहेजमुक्त विवाह जैसे अद्भुत समाज सेवी कार्यक्रम होंगे। इस महासमागम में आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
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#निमंत्रण_संसारको_सम्मानकेसाथउत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम, फिरता दाणे दाणे नूं। सर्व कला सतगुरु साहेब की, हरि आये हरियाणे नूं।। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में कबीर परमेश्वर जी के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 27 से 29 जनवरी 2026 को सतलोक आश्रमों में विशाल सत्संग, संत गरीबदास की महाराज जी वाणियों का अखंड पाठ, शुद्ध देसी घी से निर्मित विशाल भंडारा, रक्तदान शिविर, नशामुक्त कार्यक्रम, दहेजमुक्त विवाह जैसे अद्भुत समाज सेवी कार्यक्रम सम्पन्न हो रहे है। जिसमें आप सपरिवार सादर आमंत्रित है।
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