##जगत_उद्धारक_संतरामपालजी बेजुबानों के लिए साफ पानी की व्यवस्था
संत रामपाल जी महाराज ने केवल मनुष्य की सुध नहीं ली बल्कि उन बेजुबानों की भी सुध ली है जो अपनी तकलीफ़ को बता नहीं सकते। जिन गांवों के तालाबों में बेजुबानों के पीने के लिए साफ पानी नहीं था वहाँ संत रामपाल जी महाराज ने साफ पानी पहुंचाने का भी कार्य कर रहे हैं।
##जगत_उद्धारक_संतरामपालजी किसान मजदूर बचाओ अभियान ने किसानों को उबारा
संत रामपाल जी महाराज ने किसान मजदूर बचाओ अभियान के तहत गाँव-गाँव हजारों फीट लंबी पाइपलाइन और सैकड़ों मोटरें पहुंचाकर बाढ़ से हर साल बर्बाद होती किसानों की खेती को बचाने का अद्भुत कार्य किया है। जिससे देश का किसान समृद्ध होगा तो देश सोने की चिड़िया बनेगा।
##जगत_उद्धारक_संतरामपालजी आपदा राहत कार्य
बाढ़, भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय पीड़ितों की सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा भोजन, पानी, दवाइयां और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य सेवा भाव से किया जाता है।
##जगत_उद्धारक_संतरामपालजी वृद्धजनों का सम्मान
बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं, बोझ नहीं। संत रामपाल जी की शिक्षा में माता-पिता की सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
##TrueWorship_EndsSuffering जो व्यक्ति मनुष्य जन्म प्राप्त करके भक्ति नहीं करता, वह चौरासी लाख योनियों में कष्ट उठाता है। कुत्ता रात में ऊपर की ओर मुंह करके बहुत रोता है। इसलिए पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेकर सतभक्ति करनी चाहिए।
##TrueWorship_EndsSufferingसतभक्ति से शांतिदायक तथा अमर स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके बारे में गीता जी के अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता।
##TrueWorship_EndsSuffering सतभक्ति करने से नशे से भी छुटकारा मिलता है। शराब तथा तम्बाकू के प्रति नफरत हो जाती है। वर्तमान में सतभक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है।
##SecretOf_CreationOf_Universe सतभक्ति से मोक्ष प्राप्त होता है। सांसारिक सुख, जैसे धन-संपत्ति और सेहत तो सतभक्ति के उप-उत्पाद हैं।
सतभक्ति करने से यहां भी सुख मिलता है और परलोक में भी सुख मिलता है।
कबीर परमात्मा की सतभक्ति मर्यादा में रहकर करने से कैंसर, एड्स जैसी बीमारी भी ठीक होती हैं।
##SecretOf_CreationOf_Universe सतभक्ति से जन्म-मृत्यु रूपी रोग से छुटकारा मिलता है। फिर ये जीव कभी चौरासी में नहीं भटकता। सतभक्ति करने से ही काल की कैद से कविर्देव (कबीर साहेब जी) छुड़वाकर सतलोक ले जाते हैं जो अमर अविनाशी लोक है।