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Subhash Dagar
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Subhash Dagar
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11 hours ago
#godnight यदि आपका मित्र राजा हो और आप दरिद्रता में जीवन जी रहे हों, तो क्या आप उससे मिलने नहीं जाएंगे? फिर सुदामा जी ने कृष्ण से दूरी क्यों बनाए रखी?अधिक जानकारी के लिए देखिए कलयुग में सतयुग की शुरुआत — भाग 6 Factful Debates YouTube चैनल पर। ⤵️ https://youtu.be/l_6E15odM2Q?si=0gkR0M8zB2YheLu9
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11 hours ago
#godnight दुनिया जिसे कृष्ण-सुदामा की महान मित्रता मानती है, क्या वह पूरी सच्चाई है? यदि सुदामा जी कृष्ण भक्त होते तो केवल 104 किमी दूर रहते हुए भी जीवनभर द्वारका जाने से क्यों बचते रहे?अधिक जानकारी के लिए देखिए कलयुग में सतयुग की शुरुआत — भाग 6 Factful Debates YouTube चैनल पर। ⤵️ https://youtu.be/l_6E15odM2Q?si=0gkR0M8zB2YheLu9
Subhash Dagar
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11 hours ago
#godnight सुदामा जी जीवनभर गरीबी में रहे, लेकिन उन्होंने कभी कृष्ण के पास जाकर सहायता नहीं माँगी। क्या यह दर्शाता है कि वे कृष्ण को अपना भगवान मानते ही नहीं थे?अधिक जानकारी के लिए देखिए कलयुग में सतयुग की शुरुआत — भाग 6 Factful Debates YouTube चैनल पर। ⤵️ https://youtu.be/l_6E15odM2Q?si=0gkR0M8zB2YheLu9
Subhash Dagar
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11 hours ago
#godnight यदि सुदामा जी श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त होते, तो क्या वे अपने आराध्य के दर्शन के लिए व्याकुल न रहते? आखिर क्यों उन्होंने कभी द्वारका जाकर कृष्ण से मिलने की इच्छा नहीं जताई?अधिक जानकारी के लिए देखिए कलयुग में सतयुग की शुरुआत — भाग 6 Factful Debates YouTube चैनल पर। ⤵️ https://youtu.be/l_6E15odM2Q?si=0gkR0M8zB2YheLu9
Subhash Dagar
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11 hours ago
#godnight आज भक्त अपने इष्ट के दर्शन के लिए हजारों किलोमीटर यात्रा करते हैं, लेकिन सुदामा जी तो मात्र 104 किमी दूर रहते हुए भी कृष्ण के पास नहीं गए। क्या यह सच्ची भक्ति का संकेत है?अधिक जानकारी के लिए देखिए कलयुग में सतयुग की शुरुआत — भाग 6 Factful Debates YouTube चैनल पर। ⤵️ https://youtu.be/l_6E15odM2Q?si=0gkR0M8zB2YheLu9
Subhash Dagar
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13 hours ago
https://youtube.com/live/QKA9Y9zVWUQ?si=9R040EwV6qdTw9zb #godnight
Subhash Dagar
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18 hours ago
https://youtube.com/live/hdFudOtPM1g?si=lnRBcPtar1YtMWl3 #🌞 Good Morning🌞
Subhash Dagar
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1 days ago
#GodNightThursday #Kalyug_Mein_SatyugKiShuruat6 . आशा मार! तू अलख सूं खेल! मनुष्य की सबसे बड़ी भूल क्या है? वह इस दुनिया की चमक चौध मनुष्य अपने आप और परमात्मा को भूल कर वह बाहर की दुनिया को पकड़ने में लगा है। हमारी आत्मा परमात्मा का प्रतिबिम्ब है। और मनुष्य भीतर बैठे परमात्मा को भूल गया है। दिन-रात बस यही चिंता है कि कल क्या होगा? भव्य मकान का निमार्ण कैसे होगा। विवाह शादियां में भारी खर्च होगा। बच्चों की शिक्षा और कारोबार में इतना पैसा कैसे आएगा? लोग क्या कहेंगे? और इसी चिंता में जीवन हाथ से रेत की तरह फिसल जाता है। सब कहते है कि आशा को मारो। लेकिन जीवन को मत मारो। आशा मरने का अर्थ उदास होना नहीं है। ‌माया मरी न मन मरा, मर-मर गए शरीर। आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर॥ कबीर साहिब जी कहते है कि धन दौलत और भौतिकतावाद की लालसा कभी नहीं मरती, न ही मन चंचल इच्छाओं वाला मन मरता है। भले ही शरीर बार- बार मृत्यु को प्राप्त हो जाए, लेकिन आशा अथार्त उम्मीदें और तृष्णा, लोभ, लालसा नहीं मरती हैं। जीवत मुक्ता सो कहो, आशा तृष्णा खण्ड। मन के जीते जीत है, क्यों भरमें ब्रह्मांड।। जीवित मुक्त तो वही है जिसको किसी वस्तु की इच्छा न रही हो। मन को भक्ति मे लगा लिया तो मन आपके आधीन हो गया। जब तक मन काबू में नहीं है तो चाहे ब्रह्माण्ड की सैर कर ले, कोई लाभ नही। तन धर सुखिया कोई न देख्या आज कोई भी मनुष्य यह नहीं कह सकता कि मैं सुखी हूं या मुझे किसी भी प्रकार का दु:ख नहीं है चाहे वह शारीरिक हो या फिर मानसिक। सच्चाई तो यह है कि परमात्मा कहते हैं कि मनुष्य शरीर धारी प्राणी ऐसा कोई भी मैंने नहीं देखा जो दुखी नहीं हो। परमात्मा कहते हैं कि तन धर सुखिया कोई न देख्या, जो देखा सो दुखिया हो। उदयअस्त की बात करत है मैंने सबका किया विवेका हो। तन धर सुखिया कोई न देख्या, जो देखा सो दुखिया हो। भई धाटे बादे सब जग दुखिया, के गृहस्थी बैरागी हो, सुखदेव ने दुख के डर से, गर्भ में माया त्यागी हो----2 तन धर सुखिया कोई न देख्या, जो देखा सो दुखिया हो। भई जंगम दुखिया योगी दुखिया, तपस्वी को दुख दुना हो, आशा तृष्णा सब धट व्यापै, कोई महल ना सूना हो----2 तन धर सुखिया कोई न देख्या, जो देखा सो दुखिया हो। भई साँच कहूँ तो ये जग ना माने, झूठ कहीं ना जाई हो, ये ब्रह्मा विष्णु शिवजी दुखिया, जिन ये राह चलाई हो-2 तन धर सुखिया कोई न देख्या, जो देखा सो दुखिया हो। सुरपति दुखिया भूपति दुखिया,ये रंक दुखी बपरीति हो, कहै कबीर और सब दुखिया,एक संत सुखी मनजीती हो-2 तन धर सुखिया कोई न देख्या, जो देखा सो दुखिया हो। Watch Factful Debates Yt #🌞 Good Morning🌞
Subhash Dagar
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1 days ago
#GodNightThursday #Kalyug_Mein_SatyugKiShuruat6 . ज्ञान गंगा ज्ञान गंगा केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि कोटि जन्म से भक्त रहे जीव को प्राप्त हुए मानव जीवन को सही दिशा दिखाने वाला दिव्य ज्ञान का अमृत स्रोत है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित ज्ञान गंगा पुस्तक ने करोड़ों लोगों के जीवन में आध्यात्मिक जागृति लाई है। यह पुस्तक धर्मग्रंथों के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में समझाकर बताती है कि वास्तविक मोक्ष मार्ग क्या है और पूर्ण परमात्मा कौन है। इस पवित्र पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दिए गए प्रत्येक ज्ञान का प्रमाण हमारे पवित्र वेदों, गीता जी, कुरान शरीफ, बाइबल और गुरु ग्रंथ साहिब जी से दिया गया है। ज्ञान गंगा पढ़ने से जीवन जीने की सही राह मिलती है। मनुष्य बुराइयों से दूर होता है।भक्ति का वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है। मन में शांति और सकारात्मकता आती है। आज के तनावपूर्ण और भटकते समाज के लिए यह पुस्तक एक प्रकाश स्तंभ के समान है। यदि आपने अभी तक ज्ञान गंगा नहीं पढ़ी, तो अवश्य पढ़ें और अपने परिवार व मित्रों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें। और सबसे बड़ी बात यह पुस्तक निशुल्क मिलती है। अपना पूरा नाम पता फोन नंबर समेत 7496801825 पर Whatsapp कर दीजिए। ज्ञान गंगा पढ़ें जीवन को सफल बनाएं। Watch Factful Debates Yt #🌞 Good Morning🌞
Subhash Dagar
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1 days ago
#GodMorningFriday #संतरामपालजीने_दिलजीता_जनताका कादन खाप प्रधान, चेयरमैन नगर पालिका बेरी ने किया जगतगरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को सम्मानित तथा आशीर्वाद लेते हुए कहा:- " ऐसा अनुभव हो रहा है कि भगवान से आशीर्वाद ले रहा हूँ।" Sa News YtChannel #🌞 Good Morning🌞