না জাত, না বর্ণ—শুধু মানবতা!
সন্ত রামপাল জির আশ্রমে ধনী-গরিব, সব ধর্ম ও সব জাতের মানুষ একসাথে বসে ভোজন করেন। এখানে ভেদাভেদ মুছে গিয়ে ভ্রাতৃত্ব বাড়ে।
न जाति, न पाति, बस मानवता की थाली!
संत रामपाल जी के आश्रमों में अमीर-गरीब, हर धर्म, हर जाति के लोग एक साथ बैठकर करते हैं भोजन। यहाँ मिटता है भेदभाव और बढ़ता है भाईचारा।
#🙂সনাতন ধর্ম🙏 #🙂ভক্তি😊