Follow
ravi kashyap
@apnatvdelhi
6,454
Posts
12,437
Followers
ravi kashyap
527 views
1 days ago
AI indicator
उनका नाम सुशील गुलाटी था। दिल्ली के राजौरी गार्डन में आज से 26 साल पहले सन 2000 में, सुशील गुलाटी ने एक पुलिसवाले को एक महिला के साथ जबरदस्ती करते हुए देखा। उन्होंने बीच बचाव करके उस महिला को बचा लिया। इस वजह से उस पुलिसवाले को निलंबित कर दिया गया। तीन महीने बाद, दिल्ली के एक अस्पताल में एक महिला आई और उसने दावा किया कि चलती कार में उसके साथ गैंगरेप हुआ है, और महिला ने बताया कि गैंगरेप करने वालों में एक आदमी सुशील गुलाटी है। असल में यह पूरी कहानी झूठी थी। निलंबित पुलिसवाले ने एक वकील और एक सब-इंस्पेक्टर के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। उस महिला को झूठ बोलने के लिए पैसे दिए गए थे। नकली डीएनए सबूत तैयार किए गए और गुलाटी की कार में खून रखा गया। गुलाटी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस हिरासत में उनके साथ मारपीट हुई और यातनाएं दी गईं। बाद में क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच संभाली। महिला ने सच कबूल कर लिया और डीएनए जांच में गुलाटी निर्दोष पाए गए। साल 2001 में उन्हें बरी कर दिया गया। लेकिन साजिश करने वालों के खिलाफ केस 26 साल तक चलता रहा। गुलाटी, गवाही देने के इंतजार में 20 से ज्यादा बार अदालत गए। हर बार सुनवाई टाल दी जाती। 2014 में उनका निधन हो गया, लेकिन उन्हें जिंदगी में न्याय नहीं मिल पाया। 4 अप्रैल 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने आखिरकार वकील और सब-इंस्पेक्टर की सजा को बरकरार रखा। जज ने अपने फैसले में लिखा — सुशील गुलाटी को अपने जीवनकाल में कभी न्याय नहीं मिला। उनके परिवार को सिर्फ 3 लाख रुपये का मुआवजा मिला। उन्होंने एक अपराध को रोका था, लेकिन सिस्टम ने ही उन्हें तबाह कर दिया। #😛 व्यंग्य 😛 #😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #😜 मीम्स अड्डा #😵टाइम पास #😆 कॉमेडी एक्टिंग