१,गौसेवा निमित्त दिया गया वचन,
२,गायमाता व नंदीभगवान का अनादर,
३,गौवंश संरक्षण और संवर्धन का विरोध,
४,गौग्रास की निकाली हुई राशि अनुपयोग,
५,गौशाला की दान राशि का लेखा-परीक्षण,
यह गौविरोधी पाप कर्म है, गौहित कार्य करें।
#गौमहिमा
गाय व नंदी ही वास्तविक धन है,
गऊ व बैल ही भगवान का अस्तित्व है,
विष मुक्त भोजन चाहिए, तो खेत में गौवंश लाना ही होगा,
बिना गौमाता के न मिट्टी उपजाऊ होगी, न आधुनिक मानव स्वस्थ होगा।
#गौमहिमा
तुम हो पत्थर के और मुझमे है जीव,
तुम पुजे जाते है, मुझे क्यो मारे संजीव,
गौवंश की सेवा करो, और बनो महान,
वैदिक गाय नंदी में है, साक्षात् भगवान।
#गौमहिमा
प्रिय भक्त:- नित्य पूजा करते है, पाठ करते है, मंत्र जाप करते है, परिक्रमा करते है, मंदिर जाते है लेकिन साक्षात् भगवान स्वरूप वैदिक गौमाता व नंदी महाराज की सेवा नहीं करते है तो श्री कृष्ण जी आपसे कोसों दूर है।
#गौमहिमा
गौसेवा के पुण्य कर्म के चमत्कार का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि वैदिक गाय माता और नंदी भगवान के आश्रय, आहार, औषधि और गौवंश की सेवा, सुरक्षा, सम्मान हेतु तनदान, मनदान, धनदान की सेवा करने पर फल सौ गुणा मिलता है, अतः 'गौ' की सेवा करें।
#गौमहिमा
ब्रह्माजी गौसृष्टि का निर्माण करते है, विष्णुजी गौप्रकृति का पालन करते है, शिवजी गौघाती का घोर संहार करते है,
•श्री हरि की गौसंरचना के विरुद्ध कोई कार्य करता है तो असमय मृत्यु को प्राप्त करता है ऐसा धर्म शास्त्रों में वर्णित है।
#गौमहिमा
जिनके घर में गौवंश भूख, प्यास से व्याकुल होकर रोता है वह किसान निश्चित घोर नरक में जाता है।😭
जो मानव गाय व नंदी की आश्रय , आहार, औषधि की सेवा कर गौष्ठ में सर्दी, गर्मी, वर्षा में ऋतुः अनुसार क्रमशः शीत, लू, जल से बचाव का प्रबन्ध करता है, वह गौलोक मे निवास करता है।
#गौमहिमा
नर नारी की क्षमता नहीं की गाय, नंदी को पाल सकते है, गौवंश ही सर्व समाज का भरण पोषण करते है, जहाँ गौमाता होती है वहाँ स्वयं लक्ष्मी जी का वास होता है, ऐसा पौराणिक धर्म शास्त्रों में उल्लेखित है।
#गौमहिमा
•साक्षात् वैदिक गाय माता व नंदी भगवान की सेवा की जीवन का हिस्सा बनाएं।
•गौमाता की सेवा से सात्विकता, संस्कृति, स्वास्थ्य व प्रेम, पुण्य, प्रभु, मिलते है।
•गौवंश संस्कारों का आधार है,
•गौसेवा हमारा कर्म है।
#गौमहिमा