मुझे आज समझ में आया कि महिलाओं को पहले बारात में क्यों नहीं ले कर जाते थे....क्योंकि इनका दिमाग़ उल्टा चलता है....कहीं कुछ गडबड न कर दें इसलिए छोड़ जाते थे....आज में एक दुकान पे चाय पी रहा था और उसी दुकान पर पंचर की दुकान भी थी....तभी एक महिला आयी स्कूटी ले कर....और दुकान वाले को बोलती है भैया मेरी स्कूटी के पहिये की एक जगह से हवा निकल गई तो उसको सही कर दो....फिर दुकानदार बोला मैडम पचास रुपये लगेंगे...तो मैडम बोली भैया सिर्फ़ थोड़ी सी जगह की तो हवा निकली है पूरे टायर की थोड़ी निकली है जो आप इतने पैसे ले रहे हो...मेरे मुंह से चाय का फब्बारा निकल गया....और दुकानदार भी पहले तो हंसा और फिर बोला मैडम हवा तो पूरे टायर की निकलती है पंचर होता है जब....पैसे तो एक पंचर के पूरे लगेगे पचास रूपये...फिर मैडम फोन निकाल कर हसबैंड को फ़ोन करके पूछने लगी कि....सुनिए तो ये तो पूरी टायर की पंचर के पैसे ले रहे हें हवा तो थोडे से टायर की निकली है तो पूरे क्यों ले रहे हैं.....फिर शायद उसका हसबैंड भी हंसा होगा और बोला होगा दे दे पचास रूपये...तो बोली ठीक है भैया कर दीजिए सही फिर वो भी बोल दिए हैं करवा ले...!!
में तो पेंचो हँसी के मारे लोटपोट हो गया क़सम से...!!🙏 🤣
#😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #😵टाइम पास #😉 और बताओ #😛 व्यंग्य 😛 #🏚चुटकुलों का घर😜