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Dhirajsinh Chavda
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Dhirajsinh Chavda
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2 months ago
#🏆વુમન્સ ટી20 વર્લ્ડકપ सभी हिन्दू लड़कियों से निवेदन है किसी से प्यार करने से पहले लड़के को गोमूत्र अवश्य प्रसाद के रूप में जरूर दे, याद रखें सनातनी कभी मना नहीं करेगा, और🐷 सूअर कभी नहीं पीयेगा ______________ 🅿️ushpendra 🪀 #💠ભાજપ #🙋‍♂️અમિત શાહ #🧔 નરેન્દ્ર મોદી #🙋‍♂️યોગી આદિત્યનાથ
Dhirajsinh Chavda
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2 months ago
#🪳કોકરોચ જનતા પાર્ટી ટ્રેન્ડિંગમાં કોંક્રોચ જનતા પાર્ટી (Cockroach Janta Party - CJP) ભારતની ચૂંટણી આયોગ (Election Commission of India - ECI) માં રજીસ્ટર થઈ નથી. ​તે કોઈ વાસ્તવિક કે સત્તાવાર રાજકીય પક્ષ નથી, પરંતુ સોશિયલ મીડિયા પર ચાલી રહેલું એક વ્યંગાત્મક આંદોલન (Satirical Movement) છે. ​ આ કોઈ સાચો પક્ષ ન હોવા છતાં, સોશિયલ મીડિયા (ખાસ કરીને ઇન્સ્ટાગ્રામ) પર આ પેજ ખૂબ વાયરલ થયું છે અને તેના ફોલોઅર્સ થઈ ગયા છે. ​ હાલમાં જ કેટલાક વ્યક્તિઓ દ્વારા 'Cockroach Janta Party' નામના વ્યવસાયિક અને સોશિયલ મીડિયા ઉપયોગ માટે ટ્રેડમાર્ક રજીસ્ટ્રીમાં અરજી કરવામાં આવી છે, "પરંતુ ચૂંટણી આયોગમાં પક્ષ તરીકે રજીસ્ટ્રેશન માટે કોઈ સત્તાવાર પ્રક્રિયા કરવામાં આવી નથી." ​ટૂંકમાં, આ આમ આદમી પાર્ટીના ના કાર્યકર્તા દ્વારા ડિજિટલ માધ્યમથી વિરોધ પ્રદર્શિત કરવા માટે બનાવવામાં આવેલું એક માત્ર કાલ્પનિક કે વ્યંગાત્મક પ્લેટફોર્મ છે. #🙋‍♂️યોગી આદિત્યનાથ #🧔 નરેન્દ્ર મોદી #🙋‍♂️અમિત શાહ #💠ભાજપ
Dhirajsinh Chavda
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2 months ago
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#😯ધુરંધર-2એ પાકિસ્તાન ગજાવ્યું! [18/05, 11:04 am] +91 90657 48962: *"अखिल विश्व अखण्ड सनातन सेवा फाउंडेशन"*(पंजीकृत) *द्वारा संचालित* *अखण्ड सनातन समिति🚩🇮🇳* *क्रमांक~०७* *_शत- शत नमन// 18 मई// इतिहास स्मृति दिवस ,भारत का प्रथम परमाणु विस्फोट स्माइलिंग बुद्धा’ की गूंज..._* https://photos.app.goo.gl/pMfvA44AjzhaFQ4X8 #💠ભાજપ #🙋‍♂️અમિત શાહ #🧔 નરેન્દ્ર મોદી #🙋‍♂️યોગી આદિત્યનાથ *`तिथि: 18 मई 1974`* *`स्थान: पोखरण, जैसलमेर, राजस्थान`* *"बुद्ध मुस्कुराए हैं"* — यह कोड वर्ड था। 18 मई 1974 को सुबह 8:05 बजे जब राजस्थान के पोखरण में धरती काँपी, तो दुनिया ने सुना — *भारत अब परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बन गया है*। यह ऑपरेशन था *‘स्माइलिंग बुद्धा’*, भारत का पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण। *`क्यों जरूरी था परमाणु विस्फोट?`* 1962 में चीन से युद्ध, 1964 में चीन का परमाणु परीक्षण, और 1971 में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा बंगाल की खाड़ी में — भारत चारों ओर से घिरा था। *डॉ. होमी भाभा* 1950 से ही कहते थे — "परमाणु ऊर्जा शांति के लिए है, पर शक्ति संतुलन के लिए भी है।" प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वैज्ञानिकों को हरी झंडी दी। *डॉ. राजा रमन्ना, डॉ. पी.के. आयंगर, डॉ. आर. चिदंबरम* की टीम ने बीएआरसी में मिशन शुरू किया। नाम दिया — *‘स्माइलिंग बुद्धा’*, क्योंकि बुद्ध पूर्णिमा का दिन था और भारत का संदेश था — *"हमारी ताकत शांति के लिए है।"* *`18 मई 1974: 107 मीटर नीचे इतिहास`* पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में 107 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया। उसमें *प्लूटोनियम आधारित 12 किलोटन का इम्प्लोजन डिवाइस* रखा गया। पूरी परियोजना इतनी गोपनीय थी कि सेना को भी आखिरी वक्त पर पता चला। सुबह 8:05 बजे बटन दबा। धरती 7 सेकंड तक काँपी। रेत 3 किमी ऊपर उछली। *गड्ढा 47 मीटर चौड़ा और 10 मीटर गहरा क्रेटर* बन गया। रेडिएशन बाहर नहीं आया — यह *पूरी तरह शांतिपूर्ण भूमिगत परीक्षण* था। दिल्ली में इंदिरा गांधी को संदेश मिला — *"बुद्ध मुस्कुरा रहे हैं"*। वे मुस्कुराईं और कहा — *"भारत ने आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाई छू ली है।"* *`दुनिया की प्रतिक्रिया: प्रतिबंध से प्रशंसा तक`* अमेरिका, कनाडा ने परमाणु सहयोग रोक दिया। *एनएसजी बना* और भारत पर तकनीक प्रतिबंध लगे। पर भारत डटा रहा। इंदिरा गांधी ने कहा — *"यह परीक्षण हथियारों की होड़ के लिए नहीं, आत्मरक्षा और विज्ञान के लिए है।"* ‘स्माइलिंग बुद्धा’ ने साबित किया कि *विकासशील देश भी हाई-टेक कर सकते हैं*। इससे *इसरो, डीआरडीओ, कृषि* में भी आत्मविश्वास आया। *`विरासत: पोखरण-I से पोखरण-II तक`* 18 मई 1974 की सफलता ने ही *11-13 मई 1998 के पोखरण-II* की नींव रखी, जब भारत ने 5 परमाणु परीक्षण कर खुद को *‘परमाणु हथियार संपन्न देश’* घोषित किया। आज भारत की *‘नो फर्स्ट यूज’* और *‘विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध’* की नीति उसी दिन से निकली है। *`शक्ति और जिम्मेदारी`* ‘स्माइलिंग बुद्धा’ सिर्फ विस्फोट नहीं था, *वह भारत के वैज्ञानिक आत्मविश्वास का विस्फोट था*। उसने दुनिया को बताया — *भारत बुद्ध की धरती है, पर अपनी रक्षा करना जानता है*। 18 मई को *‘परमाणु ऊर्जा दिवस’* नहीं मनाया जाता, पर हर भारतीय वैज्ञानिक के लिए यह *‘संकल्प दिवस’* है — कि विज्ञान स्वाभिमान के लिए होगा, गुलामी के लिए नहीं। *पोखरण के गुमनाम नायकों को नमन।* *जय विज्ञान, जय हिंद!* 🕉️🌞🔥🔱🐚🔔🌷 [18/05, 12:19 pm] +91 90657 48962: *"अखिल विश्व अखण्ड सनातन सेवा फाउंडेशन"*(पंजीकृत) *द्वारा संचालित* *अखण्ड सनातन समिति🚩🇮🇳* *क्रमांक~०८* https://photos.app.goo.gl/hSkqQTUYxMBwFSbPA 🚩🔥 *भारत का पहला शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने* हमारे इतिहास को किस तरह भ्रष्ट किया और कैसे एक मुस्लिम परस्त इतिहास हमें परोसा गया *उसकी धज्जियां उड़ाने में सहयोग करें ...*… *1.* भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू नहीं होता बल्कि सरयू तट से शुरू होता है जहाँ महर्षि मनु को अपने मनुष्य होने का ज्ञान हुआ और मानव सभ्यता विकसित हुई। *2.* रामायण और महाभारत हिंदुओं के धर्मग्रंथ हो सकते है मगर शैक्षिक रूप से ये भारत का इतिहास है *जिन्हें पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया गया*। *3.* सिंध को अरबों ने जीता अवश्य था मगर बप्पा रावल ने उन्हें मार मारकर भगाया भी था *मगर सिर्फ अरबों की विजय पढ़ाई जाती है* और बप्पा रावल को कहानी किस्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। *4.* व्यवस्था के अनुसार सम्राट पोरस ने सिकन्दर को रोका यह पढ़ाना आवश्यक नहीं था लेकिन अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोलों को रोका ये बात बहुत याद से लिखी गयी। *5.* बाबर से औरंगजेब तक हर बादशाह के लिये अलग अध्याय है जबकि मुगलों के इतिहास से हिंदुस्तान के वर्तमान को ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता। *6.* मुगलों का 1707 तक का तो इतिहास बता दिया मगर बड़ी ही चतुराई से उसके बाद सीधे 1757 का प्लासी युद्ध लिखकर अंग्रेजों को ले आये *इतनी जल्दी क्या थी जनाब*, *जरा 1737 में पेशवा बाजीराव द्वारा मुगलों की धुलाई भी पढ़ा देते*। *7.* 1757 में मुगल सल्तनत का मराठा साम्राज्य में विलय हो गया था *मगर जबरदस्ती उसका अंत 1857 में पढ़ाया जाता है* 1757 से 1803 मुगल मराठा साम्राज्य के अधीन रहे *और 1803 से 1857 अंग्रेजों के* 1757 के बाद कोई मुगल सल्तनत नहीं थी। *8.* पानीपत में मराठों की हार हुई ठीक है *मगर ये उनका अंतिम युद्ध नहीं था* वे दोबारा खड़े हुए और अंग्रेजों को भी धो दिया *ये कब पढ़ाओगे?* सिर्फ पानीपत पढ़ा दिया ताकि संदेश यह जाए कि हिंदुओं ने हर युद्ध हारा है *जबकि युद्ध के बाद महादजी सिंधिया ने अफगानों को जमकर कूटा था*। *9.* जितने कागज बलबन, फिरोजशाह तुगलक और बहलोल लोदी पर लिखने में बर्बाद किये *उन कागजों पर महादजी सिंधिया*, *नाना फडणवीस* और *तुकोजी होल्कर का वर्णन होना चाहिए था*। *10.* भारत ब्रिटेन का गुलाम नहीं उपनिवेश था। *11.* भारत 200 नहीं 129 वर्ष ब्रिटेन की कॉलोनी रहा। (1818 में मराठा साम्राज्य के पतन से 1947 में कांग्रेस शासन तक) *12.* आंग्ल मराठा युद्ध 1857 की क्रांति से भी बड़े थे *इसलिए उनका विवरण पहले होना चाहिए* मगर ये गायब है *क्योंकि बखान टीपू सुल्तान का जो करना था*। *13.* 1947 में दो राष्ट्रों का उदय नहीं हुआ बल्कि एक ही का हुआ *हिंदुस्तान सदियों से उदित है* और हमेशा रहेगा *ज्यादा सेक्युलर हो तो दूसरे आतंकी राष्ट्र की चिंता करो* जो विश्व के नक्शे पर कुछ ही दिन का मेहमान है। *14.* 1962 में भारत चीन से पराजित हुआ *मगर 1967 में चीन को हराया भी* वो कौन पढ़ायेगा? *15.* सामाजिक विज्ञान में एक पाठ आता है *भारत और आतंकवाद* उसमें बड़े बड़े उदाहरण बताए जाते है *मगर उसके पीछे का इस्लामिक कारण नहीं पढ़ाया जाता*। ▪️हमारी शिक्षा व्यवस्था बहुत ही रूढ़ हो चुकी है *अतः आवश्यकता है ऐसे लोगों को जोड़ने की* जो शिक्षा मंत्रालयों में कार्यरत हो *कार्यरत होने से ज्यादा वे भारतीय शिक्षा को लेकर सजग* और *तत्पर हो*। ▪️कृपया ऐसे मौलानाओं और ऐसे सेक्युलर नेताओं (हिंदू धर्म विरुद्ध) को जानें व समझें और अपने सभी मित्रों तक इस लेख को पहुंचाने में हमारा सहयोग करें। जयहिंद : *जय भारत* : जय सनातन 🕉️ 🌞🔥🔱🐚🔔🌷
Dhirajsinh Chavda
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2 months ago
#😍 જય જય ગરવી ગુજરાત #🙋‍♂️યોગી આદિત્યનાથ #🧔 નરેન્દ્ર મોદી #🙋‍♂️અમિત શાહ #💠ભાજપ [18/05, 11:04 am] +91 90657 48962: *"अखिल विश्व अखण्ड सनातन सेवा फाउंडेशन"*(पंजीकृत) *द्वारा संचालित* *अखण्ड सनातन समिति🚩🇮🇳* *क्रमांक~०७* *_शत- शत नमन// 18 मई// इतिहास स्मृति दिवस ,भारत का प्रथम परमाणु विस्फोट स्माइलिंग बुद्धा’ की गूंज..._* https://photos.app.goo.gl/pMfvA44AjzhaFQ4X8 *`तिथि: 18 मई 1974`* *`स्थान: पोखरण, जैसलमेर, राजस्थान`* *"बुद्ध मुस्कुराए हैं"* — यह कोड वर्ड था। 18 मई 1974 को सुबह 8:05 बजे जब राजस्थान के पोखरण में धरती काँपी, तो दुनिया ने सुना — *भारत अब परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बन गया है*। यह ऑपरेशन था *‘स्माइलिंग बुद्धा’*, भारत का पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण। *`क्यों जरूरी था परमाणु विस्फोट?`* 1962 में चीन से युद्ध, 1964 में चीन का परमाणु परीक्षण, और 1971 में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा बंगाल की खाड़ी में — भारत चारों ओर से घिरा था। *डॉ. होमी भाभा* 1950 से ही कहते थे — "परमाणु ऊर्जा शांति के लिए है, पर शक्ति संतुलन के लिए भी है।" प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वैज्ञानिकों को हरी झंडी दी। *डॉ. राजा रमन्ना, डॉ. पी.के. आयंगर, डॉ. आर. चिदंबरम* की टीम ने बीएआरसी में मिशन शुरू किया। नाम दिया — *‘स्माइलिंग बुद्धा’*, क्योंकि बुद्ध पूर्णिमा का दिन था और भारत का संदेश था — *"हमारी ताकत शांति के लिए है।"* *`18 मई 1974: 107 मीटर नीचे इतिहास`* पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में 107 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया। उसमें *प्लूटोनियम आधारित 12 किलोटन का इम्प्लोजन डिवाइस* रखा गया। पूरी परियोजना इतनी गोपनीय थी कि सेना को भी आखिरी वक्त पर पता चला। सुबह 8:05 बजे बटन दबा। धरती 7 सेकंड तक काँपी। रेत 3 किमी ऊपर उछली। *गड्ढा 47 मीटर चौड़ा और 10 मीटर गहरा क्रेटर* बन गया। रेडिएशन बाहर नहीं आया — यह *पूरी तरह शांतिपूर्ण भूमिगत परीक्षण* था। दिल्ली में इंदिरा गांधी को संदेश मिला — *"बुद्ध मुस्कुरा रहे हैं"*। वे मुस्कुराईं और कहा — *"भारत ने आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाई छू ली है।"* *`दुनिया की प्रतिक्रिया: प्रतिबंध से प्रशंसा तक`* अमेरिका, कनाडा ने परमाणु सहयोग रोक दिया। *एनएसजी बना* और भारत पर तकनीक प्रतिबंध लगे। पर भारत डटा रहा। इंदिरा गांधी ने कहा — *"यह परीक्षण हथियारों की होड़ के लिए नहीं, आत्मरक्षा और विज्ञान के लिए है।"* ‘स्माइलिंग बुद्धा’ ने साबित किया कि *विकासशील देश भी हाई-टेक कर सकते हैं*। इससे *इसरो, डीआरडीओ, कृषि* में भी आत्मविश्वास आया। *`विरासत: पोखरण-I से पोखरण-II तक`* 18 मई 1974 की सफलता ने ही *11-13 मई 1998 के पोखरण-II* की नींव रखी, जब भारत ने 5 परमाणु परीक्षण कर खुद को *‘परमाणु हथियार संपन्न देश’* घोषित किया। आज भारत की *‘नो फर्स्ट यूज’* और *‘विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध’* की नीति उसी दिन से निकली है। *`शक्ति और जिम्मेदारी`* ‘स्माइलिंग बुद्धा’ सिर्फ विस्फोट नहीं था, *वह भारत के वैज्ञानिक आत्मविश्वास का विस्फोट था*। उसने दुनिया को बताया — *भारत बुद्ध की धरती है, पर अपनी रक्षा करना जानता है*। 18 मई को *‘परमाणु ऊर्जा दिवस’* नहीं मनाया जाता, पर हर भारतीय वैज्ञानिक के लिए यह *‘संकल्प दिवस’* है — कि विज्ञान स्वाभिमान के लिए होगा, गुलामी के लिए नहीं। *पोखरण के गुमनाम नायकों को नमन।* *जय विज्ञान, जय हिंद!* 🕉️🌞🔥🔱🐚🔔🌷 [18/05, 12:19 pm] +91 90657 48962: *"अखिल विश्व अखण्ड सनातन सेवा फाउंडेशन"*(पंजीकृत) *द्वारा संचालित* *अखण्ड सनातन समिति🚩🇮🇳* *क्रमांक~०८* https://photos.app.goo.gl/hSkqQTUYxMBwFSbPA 🚩🔥 *भारत का पहला शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने* हमारे इतिहास को किस तरह भ्रष्ट किया और कैसे एक मुस्लिम परस्त इतिहास हमें परोसा गया *उसकी धज्जियां उड़ाने में सहयोग करें ...*… *1.* भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू नहीं होता बल्कि सरयू तट से शुरू होता है जहाँ महर्षि मनु को अपने मनुष्य होने का ज्ञान हुआ और मानव सभ्यता विकसित हुई। *2.* रामायण और महाभारत हिंदुओं के धर्मग्रंथ हो सकते है मगर शैक्षिक रूप से ये भारत का इतिहास है *जिन्हें पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया गया*। *3.* सिंध को अरबों ने जीता अवश्य था मगर बप्पा रावल ने उन्हें मार मारकर भगाया भी था *मगर सिर्फ अरबों की विजय पढ़ाई जाती है* और बप्पा रावल को कहानी किस्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। *4.* व्यवस्था के अनुसार सम्राट पोरस ने सिकन्दर को रोका यह पढ़ाना आवश्यक नहीं था लेकिन अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोलों को रोका ये बात बहुत याद से लिखी गयी। *5.* बाबर से औरंगजेब तक हर बादशाह के लिये अलग अध्याय है जबकि मुगलों के इतिहास से हिंदुस्तान के वर्तमान को ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता। *6.* मुगलों का 1707 तक का तो इतिहास बता दिया मगर बड़ी ही चतुराई से उसके बाद सीधे 1757 का प्लासी युद्ध लिखकर अंग्रेजों को ले आये *इतनी जल्दी क्या थी जनाब*, *जरा 1737 में पेशवा बाजीराव द्वारा मुगलों की धुलाई भी पढ़ा देते*। *7.* 1757 में मुगल सल्तनत का मराठा साम्राज्य में विलय हो गया था *मगर जबरदस्ती उसका अंत 1857 में पढ़ाया जाता है* 1757 से 1803 मुगल मराठा साम्राज्य के अधीन रहे *और 1803 से 1857 अंग्रेजों के* 1757 के बाद कोई मुगल सल्तनत नहीं थी। *8.* पानीपत में मराठों की हार हुई ठीक है *मगर ये उनका अंतिम युद्ध नहीं था* वे दोबारा खड़े हुए और अंग्रेजों को भी धो दिया *ये कब पढ़ाओगे?* सिर्फ पानीपत पढ़ा दिया ताकि संदेश यह जाए कि हिंदुओं ने हर युद्ध हारा है *जबकि युद्ध के बाद महादजी सिंधिया ने अफगानों को जमकर कूटा था*। *9.* जितने कागज बलबन, फिरोजशाह तुगलक और बहलोल लोदी पर लिखने में बर्बाद किये *उन कागजों पर महादजी सिंधिया*, *नाना फडणवीस* और *तुकोजी होल्कर का वर्णन होना चाहिए था*। *10.* भारत ब्रिटेन का गुलाम नहीं उपनिवेश था। *11.* भारत 200 नहीं 129 वर्ष ब्रिटेन की कॉलोनी रहा। (1818 में मराठा साम्राज्य के पतन से 1947 में कांग्रेस शासन तक) *12.* आंग्ल मराठा युद्ध 1857 की क्रांति से भी बड़े थे *इसलिए उनका विवरण पहले होना चाहिए* मगर ये गायब है *क्योंकि बखान टीपू सुल्तान का जो करना था*। *13.* 1947 में दो राष्ट्रों का उदय नहीं हुआ बल्कि एक ही का हुआ *हिंदुस्तान सदियों से उदित है* और हमेशा रहेगा *ज्यादा सेक्युलर हो तो दूसरे आतंकी राष्ट्र की चिंता करो* जो विश्व के नक्शे पर कुछ ही दिन का मेहमान है। *14.* 1962 में भारत चीन से पराजित हुआ *मगर 1967 में चीन को हराया भी* वो कौन पढ़ायेगा? *15.* सामाजिक विज्ञान में एक पाठ आता है *भारत और आतंकवाद* उसमें बड़े बड़े उदाहरण बताए जाते है *मगर उसके पीछे का इस्लामिक कारण नहीं पढ़ाया जाता*। ▪️हमारी शिक्षा व्यवस्था बहुत ही रूढ़ हो चुकी है *अतः आवश्यकता है ऐसे लोगों को जोड़ने की* जो शिक्षा मंत्रालयों में कार्यरत हो *कार्यरत होने से ज्यादा वे भारतीय शिक्षा को लेकर सजग* और *तत्पर हो*। ▪️कृपया ऐसे मौलानाओं और ऐसे सेक्युलर नेताओं (हिंदू धर्म विरुद्ध) को जानें व समझें और अपने सभी मित्रों तक इस लेख को पहुंचाने में हमारा सहयोग करें। जयहिंद : *जय भारत* : जय सनातन 🕉️ 🌞🔥🔱🐚🔔🌷